मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के मार्गदर्शन में पीएमश्री विद्यालय बन रहे गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के प्रतीक, 639 विद्यालय सेंटर ऑफ एक्सिलेंस के रूप में हो रहे विकसित
बाल वाटिकाओं से लेकर डिजिटल लाइब्रेरी तक के हो रहे दूरगामी नवाचार
भजनलाल शर्मा के मार्गदर्शन में राज्य सरकार गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के माध्यम से सुनहरे भविष्य निर्माण की नींव रख रही। इसी दिशा में प्रदेश के पीएमश्री विद्यालय विद्यार्थियों को स्मार्ट कक्षाओं, प्रशिक्षित शिक्षकों, नवाचारों, गतिविधि-आधारित शिक्षण और मूल्य आधारित अनुशासन के साथ शैक्षणिक रूप से सक्षम बना रहे।
जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के मार्गदर्शन में राज्य सरकार गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के माध्यम से सुनहरे भविष्य निर्माण की नींव रख रही है। इसी दिशा में प्रदेश के पीएमश्री (प्रधानमंत्री स्कूल फॉर राइजिंग इंडिया) विद्यालय विद्यार्थियों को स्मार्ट कक्षाओं, प्रशिक्षित शिक्षकों, नवाचारों, गतिविधि-आधारित शिक्षण और मूल्य आधारित अनुशासन के साथ शैक्षणिक रूप से सक्षम बना रहे हैं। ये विद्यालय ‘उत्कृष्ट प्रबंधन’ की अवधारणा पर आधारित हैं, जहां विद्यार्थियों को व्यावहारिक वातावरण एवं आधुनिक शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही है। इन विद्यालयों में व्यावसायिक शिक्षा को प्रभावी रूप से लागू किया गया है। प्रधानमंत्री स्कूल फॉर राइजिंग इंडिया (पीएमश्री) योजना के तहत राजस्थान में कुल 639 विद्यालयों को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित किया जा रहा है। पहले चरण में 402 और दूसरे चरण में 237 विद्यालयों में भवनों का कायाकल्प और आधुनिकीकरण करते हुए आधारभूत संसाधनों का विस्तार किया गया है।
बाल वाटिकाओं का हो रहा संचालन
इन सभी 639 पीएमश्री विद्यालयों में बाल वाटिकाएं संचालित की जा रही हैं। प्रथम चरण के अंतर्गत विद्यालयों में अंश, अनमोल एवं आलोक वर्कबुक, चाइल्ड फ्रेंडली फर्नीचर की व्यवस्था की गई है। सामुदायिक सहभागिता कार्यक्रमों के माध्यम से अभिभावकों को भी शिक्षा प्रक्रिया से जोड़ा जा रहा है, जिससे बच्चों का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित हो। इन बाल वाटिकाओं में एनटीटी शिक्षकों एवं सहायक कर्मियों का भी प्रावधान किया गया है।
डिजिटल लाइब्रेरी, ओ-लैब और एक्सपोजर विज़िट
प्रदेश के 500 पीएमश्री विद्यालयों में डिजिटल लाइब्रेरी और 142 विद्यालयों में ओ-लैब स्थापित की गई हैं। सत्र 2024-25 में 623 विद्यालयों को 2492 विज्ञान एवं गणित किट उपलब्ध करवाई गई हैं। शैक्षणिक एवं औद्योगिक एक्सपोजर विज़िट के माध्यम से विद्यार्थियों में व्यवहारिक ज्ञान और रोजगारोन्मुखी समझ विकसित की जा रही है।
शिक्षकों के लिए आधुनिक प्रशिक्षण व्यवस्था
पीएमश्री विद्यालयों के शिक्षकों को आवासीय प्रशिक्षण, एबीएल किट तथा आईआईएम उदयपुर द्वारा नवाचार आधारित नेतृत्व प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जा रहा है। जयपुर, सिरोही और उदयपुर में आयोजित कैंप्स ने शिक्षण गुणवत्ता को नई दिशा दी है।
छात्राओं के लिए आत्मरक्षा प्रशिक्षण
राज्य के सभी पीएमश्री विद्यालयों में संविधान कक्ष स्थापित किए जा रहे हैं, जिससे विद्यार्थी लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति जागरूक हो। साथ ही, छात्राओं को आत्मरक्षा प्रशिक्षण, मार्शल आर्ट ट्रेनिंग उपलब्ध कराते हुए 144 विद्यालयों में सेनेटरी पैड इंसीनरेटर मशीनों की स्थापना की जा रही है।
पीएमश्री विद्यालयों की पहली बार राज्य स्तरीय रैंकिंग जारी
पहली बार प्रदेश के सभी 639 पीएमश्री विद्यालयों की रैंकिंग जारी की गई है। मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास द्वारा जारी की गई यह रैंकिंग 18 मानकों पर आधारित है। इस रैंकिंग में पीएमश्री धावा (जोधपुर), पीएमश्री सावर (अजमेर), पीएमश्री मानपुरा माचेड़ी (जयपुर), पीएमश्री जोधकिया (हनुमानगढ़) और पीएमश्री रींगस (सीकर) शीर्ष पांच पीएमश्री विद्यालय रहे हैं।

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