ग्राम उत्थान शिविर : ग्रामीण राजस्थान को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में ऐतिहासिक पहल, प्रशासन और आमजन के बीच की दूरी हुई कम
1 हजार 843 ग्राम उत्थान शिविरों का आयोजन किया जा चुका
प्रदेश सरकार के ग्राम उत्थान शिविर ग्रामीण विकास की प्रभावी पहल बनकर उभरे हैं। 23 जनवरी से अब तक 1,843 शिविरों में 18.44 लाख ग्रामीणों ने भाग लिया। 13 विभागों की सेवाएं एक स्थान पर उपलब्ध कराई जा रही हैं। शिविरों से किसानों, पशुपालकों को योजनाओं का लाभ और सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूकता बढ़ी है।
जयपुर। प्रदेश सरकार की ओर से ग्रामीणों तक जनकल्याणकारी योजनाओं की सीधी और सुगम पहुंच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से शुरू किए गए ग्राम उत्थान शिविर ग्रामीण विकास की दिशा में एक अभिनव और प्रभावशाली पहल बनकर उभरे हैं। 23 जनवरी (बसंत पंचमी) से प्रदेश के प्रत्येक गिरदावर सर्किल पर आयोजित हो रहे इन शिविरों के माध्यम से प्रशासन और आमजन के बीच की दूरी कम हुई है तथा आत्मनिर्भर एवं सशक्त ग्रामीण राजस्थान की संकल्पना को मजबूती मिली है।
प्रदेशभर में अब तक 1 हजार 843 ग्राम उत्थान शिविरों का आयोजन किया जा चुका है, जिनमें 18 लाख 44 हजार से अधिक ग्रामीणों ने भाग लिया। इनमें 12.14 लाख पुरुष एवं 5.54 लाख से अधिक महिलाएं एवं 20 हजार से अधिक जनप्रतिधियों ने भाग लिया। प्रत्येक शिविर में 13 विभागों की सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध करवाई जा रही हैं, जिससे ग्रामीणों को बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ रहे हैं।
किसान और पशुपालकों के लिए बड़ी सौगात:3 हजार 829 ग्राम पंचायतों में पॉलीहाउस के लिए आवेदन तैयार किए गए हैं। शिविरों के माध्यम से किसानों को अब तक 1 लाख 34 हजार से अधिक सॉइल हेल्थ कार्ड तथा 65 हजार से अधिक स्वामित्व कार्ड वितरित किए जा चुके हैं। मंगला पशु बीमा योजना के तहत 1.16 लाख से अधिक पंजीकरण, 6.64 लाख पशुओं का प्राथमिक उपचार तथा 1 लाख से अधिक पशुओं का टीकाकरण किया गया है। यात्री सुविधाओं से वंचित ग्राम पंचायतों में 3 हजार 195 किसान विश्राम स्थलों के निर्माण प्रस्ताव भी तैयार किए गए हैं।
सरकारी योजनाओं के प्रति बढ़ी जागरूकता:ग्राम उत्थान शिविरों में सहकारिता, कृषि विपणन, उद्यानिकी, डेयरी, ग्रामीण विकास, जल संसाधन, उद्योग, ऊर्जा और राजस्व विभाग सहित विभिन्न विभागों की योजनाओं की जानकारी दी जा रही है। कृषक साथी सहायता योजना के तहत 3273 आवेदनों का निस्तारण किया गया है। पीएम सूर्य घर योजना में 36 हजार 174 पंजीकरण, फार्मर रजिस्ट्री में 19 हजार 291 पंजीकरण के साथ ही स्वयं सहायता समूह ऋण, किसान क्रेडिट कार्ड, कस्टम हायरिंग सेंटर, ड्रिप एवं स्प्रिंकलर योजनाओं सहित अनेक योजनाओं पर कार्य किया जा रहा है।

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