केन्द्र में देंगे सेवाएं तो ही मिलेगा प्रमोशन : डीआईजी-एसपी के लिए नए नियम लागू, 2011 बैच के बाद के अधिकारियों के लिए राइडर लागू
दायरे में कुल 120 आईपीएस
केंद्र सरकार ने आईजी प्रमोशन से पहले आईपीएस अधिकारियों के लिए केंद्रीय प्रतिनियुक्ति अनिवार्य कर दी है। राजस्थान में 2011 बैच के बाद के 120 आईपीएस पर यह नियम लागू होगा। इससे अधिक अधिकारियों को केंद्र जाना पड़ेगा और राज्य में कार्यरत आईपीएस पर काम का बोझ बढ़ने की आशंका है।
जयपुर। केंद्र सरकार ने आईजी रैंक में प्रमोशन से पहले आईपीएस अधिकारियों के केन्द्र में प्रतिनियुक्ति की अनिवार्यता कर दी है। ऐसे में प्रदेश में डीआईजी और एसपी श्रेणी के आईपीएस अधिकारियों को अब आईजी में प्रमोशन लेने से पहले केन्द्र में प्रतिनियुक्ति पर सेवाएं देनी होगी। इसके बाद ही उनका प्रमोशन आईजी रेंक में हो सकेगा।
प्रदेश में अधिकांश आईपीएस अधिकारी केन्द्र में प्रतिनियुक्ति पर जाने से परहेज करते हैं। इसके चलते केन्द्रीय सेवाओं में डीआईजी और एसपी स्तर के आईपीएस अधिकारियों के पद रिक्त रिक्त रह जाते हैं। इस नए प्रावधान के बाद प्रदेश में कुल कार्यरत 212 आईपीएस अधिकारियों में से 120 ऐसे आईपीएस अधिकारी हैं जिन्हें अब आगामी प्रमोशन से पहले केन्द्र में दो साल पुलिस या सुरक्षा बलों में समकक्ष पदों पर सेवाएं देनी होगी। जानकारी के अनुसार राजस्थान में 2011 बैच के बाद के आईपीएस अधिकारियों पर यह राइडर लागू हो रहा है। जिनकी कुल संख्या 120 है। इनमें से भी करीब 95 आईपीएस ऐसे हैं जो डीआईजी या एसपी रैंक के हैं। जिनकी संख्या करीब 70 है। जिन्हें प्रमोशन के लिए आगामी चार-पांच साल में ही केन्द्रीय प्रतिनियुक्ति को जाना ही होगा।
अभी 25 आईपीएस केन्द्रीय प्रतिनियुक्ति पर :
राजस्थान कैडर के 25 आईपीएस वर्तमान में केन्द्रीय प्रतिनियुक्ति पर है। इनमें अधिकांश आईजी या इससे अधिक रैंक के आईपीएस हैं। करीब आठ से नौ अफसर ही डीआईजी रैंक से नीचे के हैं। केन्द्रीय प्रतिनियुक्ति पर तैनात अधिकारियों में राजेश निर्वाण, राजेश आर्य, बिनिता ठाकुर, विक्रम ठाकुर, आलोक कुमार, सत्यप्रप्रिया सिंह, उमेश चन्द्रदत्ता, नवज्योति गोगाई, जोस मोहन, डॉ.नितिन दीप बलगन, संतोष चलके, केबी वंदना, डॉन के जोस, ममता राहुल, डॉ.अमरदीप सिंह, बरहत राहुल मरहदन, लवली कटियार, डॉ.विकास पाठक, डॉ.राहुल जैन, प्रीति जैन, डॉ.गगनदीप सिंगला, राठौड विनीत कुमार टी., पूजा अवाना, डॉ.किरण कंग सिधु, दीपक यादव।
पूरे पद भरे नहीं, प्रतिनियुक्ति से भार बढ़ेगा :
प्रदेश में वर्तमान में 222 आईपीएस अधिकारियों के पद सृजित हैं। वर्तमान में 212 ही आईपीएस हैं। वर्ष 2024 के बाद नये आईपीएस अधिकारी प्रदेश को नहीं मिले हैं। ऐसे में केन्द्रीय प्रतिनियुक्ति पर प्रमोशन के राइडर से केन्द्र में प्रतिनियुक्ति पर जाने वाले अधिकारियों की संख्या में बढ़ोतरी तय है। ऐसे में प्रदेश में मौजूद रहने वाले आईपीएस अधिकारियों पर काम का बोझ बढ़ना तय है।

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