रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का जैसलमेर दौरा, कहा- पाकिस्तान को ऑपरेशन सिंदूर में ठीक-ठाक डोज दे दिया, अब वह कुछ भी करने से पहले 100 बार सोचेगा
शौर्य पार्क का उद्घाटन करने के बाद रक्षा मंत्री गरजे, दी चेतावनी
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि अभी कुछ दिनों पहले ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान को ठीक-ठाक डोज दे दिया गया है। अब कुछ भी मिस एडवेंचर करने से पहले वह 100 बार सोचेगा। अगर पाकिस्तान ने दोबारा कोई मिस एडवेंचर किया, तो उसका परिणाम क्या होगा। यह पाकिस्तान को भी बहुत अच्छे से पता है।
जैसलमेर। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि अभी कुछ दिनों पहले ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान को ठीक-ठाक डोज दे दिया गया है। अब कुछ भी मिस एडवेंचर करने से पहले वह 100 बार सोचेगा। अगर पाकिस्तान ने दोबारा कोई मिस एडवेंचर किया, तो उसका परिणाम क्या होगा। यह पाकिस्तान को भी बहुत अच्छे से पता है। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर अभी खत्म नहीं हुआ है, उसे सिर्फ स्थगित किया गया है। लेकिन फिर भी मैं यह कहूंगा, कि हमें हर तरीके से, हमेशा अलर्ट रहने की आवश्यकता है। रक्षा मंत्री जैसलमेर क्षेत्र में शौर्य पार्क के उद्घाटन समारोह को संबोधित कर रहे थे। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह शाम को जैसलमेर पहुंचे। यहां उन्होंने शौर्य पार्क और कैक्टस पार्क का उद्घाटन किया। इन स्थलों में भारतीय सेना के इतिहास, युद्धों और वीर जवानों की गाथाएं प्रदर्शित की गई। रक्षा मंत्री सुबह तनोट और लोंगेवाला जाएंगे। वहां जवानों से मुलाकात करेंगे और शहीदों को श्रद्धांजलि देंगे। इसके बाद आर्मी कमांडर्स कॉन्फ्रेंस में शामिल होंगे। शाम को दिल्ली लौटेंगे।
तीन दिन तक आर्मी कमांडर्स कॉन्फ्रेंस
गौरतलब है कि 23 से 25 अक्टूबर, यानी तीन दिन तक आर्मी कमांडर्स कॉन्फ्रेंस जैसलमेर में हो रही है। जिसमें रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सेना के अधिकारियों के साथ देश की सुरक्षा व्यवस्था और सैन्य तैयारियों को लेकर चर्चा करेंगे। यह सम्मेलन मई में हुए ऑपरेशन सिंदूर के बाद सेना कमांडरों की पहली बड़ी बैठक है। इससे पहले इसी माह दिल्ली में सम्मेलन का पहला चरण आयोजित किया गया था।
अग्निवीरों की स्थाई सेवा बढ़ाने पर होगा मंथन
थलसेना के उच्च अधिकारियों का वार्षिक आर्मी कमांडर्स सम्मेलन इस बार सीमांत जिले जैसलमेर में आयोजित किया जा रहा है। यह बैठक कई मायनों से विशेष मानी जा रही है, क्योंकि इसमें देश की सैन्य नीति से जुड़े कई अहम फैसले लिए जा सकते हैं। सबसे प्रमुख अग्निवीरों की स्थायी नियुक्ति 25 प्रतिशत से बढ़ाकर 75 प्रतिशत तक करने का प्रस्ताव रखा जाएगा। अग्निवीर योजना की समीक्षा- सूत्रों के अनुसार, अग्निवीर योजना के तहत भर्ती हुए पहले बैच के जवान अगले वर्ष अपनी चार वर्षीय सेवा पूरी करेंगे। ऐसे में उनकी पुनर्नियुक्ति और भविष्य की योजना तय करने को लेकर यह बैठक निर्णायक साबित हो सकती है। सम्मेलन में बढ़ती वेटरन (पूर्व सैनिक) संख्या को देखते हुए उनके अनुभव के उपयोग के विकल्पों पर भी चर्चा होगी।
इस पर रहेगा फोकस
सम्मेलन में थलसेना, नौसेना और वायुसेना के बीच तालमेल और एकजुटता बढ़ाने के उपायों पर विशेष जोर दिया जाएगा। इसमें साझा प्रशिक्षण, उपकरणों का मानकीकरण, लॉजिस्टिक व सप्लाई चेन सुधार, कर्मियों का आपसी स्थानांतरण और सामाजिक संवाद बढ़ाने जैसे कदमों पर चर्चा होगी। इन प्रयासों का उद्देश्य भविष्य में थिएटर कमांड्स की स्थापना के लिए मजबूत आधार तैयार करना है। जैसलमेर सम्मेलन में सेना की ऑपरेशनल तैयारियों की भी व्यापक समीक्षा होगी।

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