उम्मेद स्टेडियम की 19 दुकानें 8 साल से बंद : खेल विभाग को हर साल लाखों का नुकसान, विभाग की ओर से कई बार नोटिस भी जारी
आधी से ज्यादा दुकानों पर लटके ताले
जोधपुर के उम्मेद स्टेडियम के बाहर बनी 19 दुकानें करीब 8 साल से खाली पड़ी हैं, जिससे खेल विभाग को हर साल करीब 40 से 45 लाख रुपए तक का नुकसान उठाना पड़ रहा। लंबे समय से दुकानों का ऑक्शन नहीं होने और किराया वसूली अटकने के कारण विभाग की आय लगातार घटती जा रही।
जोधपुर। जोधपुर के उम्मेद स्टेडियम के बाहर बनी 19 दुकानें करीब 8 साल से खाली पड़ी हैं, जिससे खेल विभाग को हर साल करीब 40 से 45 लाख रुपए तक का नुकसान उठाना पड़ रहा है। लंबे समय से दुकानों का ऑक्शन नहीं होने और किराया वसूली अटकने के कारण विभाग की आय लगातार घटती जा रही है। स्टेडियम के बाहर बनी 36 दुकानों में से आधे से ज्यादा दुकानों पर आज भी ताले लटके हुए हैं, जिससे पूरा क्षेत्र वीरान नजर आने लगा है। उम्मेद स्टेडियम की ये दुकानें खेल विभाग के अधीन आती हैं और इनसे मिलने वाला किराया विभाग की आय का अहम जरिया माना जाता था। लेकिन वर्तमान में स्थिति पूरी तरह बदली हुई नजर आ रही है। एक तरफ 19 दुकानें वर्षों से खाली पड़ी हैं तो दूसरी तरफ किराये पर चल रही दुकानों का भी भारी बकाया सामने आ रहा है।
फिलहाल 36 में से केवल 17 दुकानें ही किराये पर संचालित हो रही हैं, लेकिन इनमें से भी कई दुकानदारों का किराया पिछले 7 से 8 वर्षों से जमा नहीं हुआ है। जानकारी के अनुसार किसी दुकानदार पर करीब 11 लाख रुपए तक का बकाया है तो किसी पर 8 लाख रुपए तक की राशि बाकी चल रही है। किराया जमा करवाने को लेकरविभाग की ओर से कई बार नोटिस भी जारीकिए गए, लेकिन इसके बावजूद पूरी राशि की रिकवरी अब तक नहीं हो पाई है। दुकानों के खाली रहने के पीछे सबसे बड़ी वजह अधिक किराया माना जा रहा है। एक दुकान का किराया करीब 17 हजार से 20 हजार रुपए प्रतिमाह तक बताया जा रहा है। इसके साथ ही हर साल करीब 15 प्रतिशत तक किराये में बढ़ोतरी होने से भी व्यापारी यहां दुकान लेने से बच रहे हैं। बाजार

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