तरंग शक्ति-2026 : पहली बार एफ-35 के साथ भारत की उड़ान, अमेरिका से 200 से ज्यादा एयर वॉरियर्स जोधपुर पहुंचे
रात में भी संयुक्त हवाई ऑपरेशन का अभ्यास
जोधपुर। जोधपुर एयरबेस पर चल रहे तरंग शक्ति-2026 युद्धाभ्यास में पहली बार अमेरिकी वायुसेना के पांचवीं पीढ़ी के एफ 35 स्टील्थ फाइटर जेट भारतीय वायुसेना के साथ उड़ान भर रहे हैं। अमेरिका से 6 एफ-35 और 200 से ज्यादा एयर वॉरियर्स जोधपुर पहुंचे हैं। भारत समेत 8 देशों की वायुसेनाएं यहां लड़ाकू विमानों, निगरानी विमानों और रिफ्यूलर के साथ संयुक्त हवाई ऑपरेशन का अभ्यास कर रही हैं। युद्धाभ्यास 12 अक्टूबर तक चलेगा। अभ्यास की सबसे बड़ी खासियत अमेरिकी एफ-35 की भागीदारी है। पांचवीं पीढ़ी के इन लड़ाकू विमानों की भारतीय वायुसेना के विमानों के साथ पहली बार संयुक्त अभ्यास में भागीदारी हो रही है। अमेरिका के भारत में राजदूत सर्जियो गोर भी रविवार को जोधपुर पहुंचे और अमेरिकी वायुसेना की भागीदारी पर खुशी जताई। अभ्यास के जरिए हिंद-प्रशांत क्षेत्र में भागीदार देशों के बीच रक्षा सहयोग और ऑपरेशनल तालमेल बढ़ाने पर जोर है।
आसमां में भारतीय और विदेशी लड़ाकू विमान :
भारतीय वायुसेना की ओर से सुखोई-30 एमकेआई, राफेल, तेजस और जगुआर जैसे लड़ाकू विमान अभ्यास में शामिल हैं। अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, ऑस्ट्रेलिया और यूएई समेत 8 देशों के विमान भी हिस्सा ले रहे हैं। लड़ाकू विमानों के साथ अहअउर और हवा में ईंधन भरने वाले रिफ्यूलर विमान भी ऑपरेशन का हिस्सा हैं।
हवाई युद्ध की बारीकियों का अभ्यास :
अभ्यास के दौरान अलग-अलग देशों के पायलट एक साथ उड़ान भरकर जटिल हवाई युद्ध तकनीकों और संयुक्त युद्ध रणनीतियों का अभ्यास कर रहे हैं। दिन के साथ रात में उड़ान और आॅपरेशन का भी अभ्यास किया जा रहा है। इसका उद्देश्य अलग-अलग वायुसेनाओं के बीच संचार, निगरानी और सामरिक तालमेल को बेहतर करना है।
जोधपुर में क्या खास ?
जोधपुर एयरबेस पर इन दिनों भारतीय सुखोई, राफेल, तेजस और जगुआर के साथ विदेशी लड़ाकू विमानों की गतिविधियां देखी जा रही हैं। रिफ्यूलर विमानों की मौजूदगी से अभ्यास में निगरानी, कम्युनिकेशन और लंबी दूरी के ऑपरेशन का पहलू भी जुड़ गया है।

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