हरियालो राजस्थान अभियान : स्टूडेंट्स और शिक्षक ग्रीष्मावकाश पर, पौधरोपण के लिए गड्ढ़े खोदेगा कौन
शिक्षा विभाग ने 20 जून तक गड्ढ़े खोदने के दिए निर्देश
कोटा। राज्य सरकार के हरियालो राजस्थान अभियान के तहत पौधरोपण को लेकर शिक्षा विभाग के एक पत्र ने ग्रीष्मकालीन अवकाश के बीच शिक्षकों व विद्यार्थियों की नींद उड़ा दी है। पत्र के अनुसार 20 जून से पहले स्कूल परिसर, खेल मैदान व आसपास खाली जगहों पर पौधरोपण के लिए गड्ढ़े खुदवाए जाने हैं। विभाग का यह आदेश आते ही शिक्षा विभाग के अधिकारी भी असमंजस में पड़ गए। दरअसल, विभाग मानसून से पूर्व स्कूल परिसर, खेल मैदानों में पौधे लगाने के लिए गड्ढ़े खुदवाने के शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। ताकि, मानसून में बड़े स्तर पर पौधरोपण किया जा सके।इधर, शिक्षक संघों ने विभाग के इस आदेश पर नाराजगी जताते हुए कहा कि जब स्कूलों में 21 जून तक ग्रीष्मकालीन अवकाश है तो 20 जून से पहले पौधरोपण के लिए गड्ढ़े कौन खोदेगा।
उप शासन सचिव व निदेशक ने जारी किए निर्देश
शिक्षा (ग्रुप-1) उप शासन सचिव आलोक जैन ने स्कूल शिक्षा परिषद के आयुक्त एवं शिक्षा निदेशक को पत्र लिखकर जिलावार चिह्नित स्थान एवं पौधारोपण अभियान के तहत निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप पौधे लगाने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद शिक्षा निदेशक ने सभी संभागीय संयुक्त निदेशक व सीडीईओ को अभियान के क्रियान्वयन के दिशा-निर्देश दिए हैं, कि सरकारी स्कूलों में पौधरोपण के लिए 20 जून से पहले ही गड्ढ़े तैयार करवा लें, ताकि मानसून शुरू होते ही बड़े स्तर पर पौधरोपण किया जा सके।
तीन दिन में मांगी रिपोर्ट, देखरेख की जिम्मेदारी भी मिलेगी
पौधरोपण के बाद पौधों की नियमित देखभाल और संरक्षण सुनिश्चित करने के लिए 'नो-बैग डे' पर विद्यार्थियों और शिक्षकों की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी। विभाग का मानना है कि इससे पौधों के संरक्षण के प्रति विद्यार्थियों में जिम्मेदारी की भावना विकसित होगी। निदेशालय ने सभी मुख्य जिला शिक्षा अधिकारियों से जिलेवार निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप पौधों की उपलब्धता, नर्सरियों की पहचान तथा पौधरोपण के लिए चयनित स्थलों का विवरण निर्धारित प्रारूप में तीन दिन के भीतर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
यहां से होगी पौधों की उपलब्धता
अभियान के लिए पौधों की व्यवस्था वन विभाग की नर्सरियों, स्थानीय पंचायतों, नगर निकायों, कॉपोर्रेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) सहयोग, स्वयंसेवी संस्थाओं, स्कूलों के इको क्लब तथा अन्य उपलब्ध स्रोतों से की जाएगी।
संस्था प्रधान एवं शिक्षक असमंजस में
20 जून तक सभी सरकारी स्कूलों में पौधारोपण के लिए गड्ढे खोदने हैं। वर्तमान में स्कूलों में ग्रीष्मकालीन अवकाश होने के कारण ना तो शिक्षक और ना ही विद्यार्थी आ रहे हैं। ऐसे में यह गड्ढ़े कौन खोदेगा। इसको लेकर संस्था प्रधान एवं शिक्षक परेशान हैं।
अभिभावक बोले-शैक्षणिक दिनों में हो गतिविधियां
अभिभावकों का मानना है कि पौधरोपण अभियान बच्चों में प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता विकसित करेगा, लेकिन इसके लिए गतिविधियां अवकाश के बजाय नियमित शैक्षणिक दिनों में आयोजित की जानी चाहिए ताकि अधिकतम विद्यार्थी शामिल हो सकें।
ग्रीष्मावकाश के बाद करवाएं गड्ढ़े
वर्तमान में सरकारी स्कूलों में ग्रीष्मकालीन अवकाश होने के कारण स्कूल बंद हैं। ऐसे में हरियालो राजस्थान अभियान के तहत पौधारोपण के लिए 20 जून तक गड्ढ़े तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। जिसके कारण असमंजस की स्थिति बन गई है। इस तिथि को आगे बढ़ाया जाएं ताकि सभी शिक्षक व विद्यार्थी हरियालो राजस्थान अभियान में अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर सके और अधिक से अधिक पौधे लगाएं जा सकें।
-मोहर सिंह सलावद, प्रदेशाध्यक्ष, शिक्षक संघ रेसटा
सिर्फ लक्ष्य नहीं, संसाधन भी जरूरी
पौधरोपण के लिए गड्ढ़े तैयार करना, पौधे जुटाना, उनकी सुरक्षा और सिंचाई सुनिश्चित करना बड़ी जिम्मेदारी है। इसके लिए स्पष्ट कार्ययोजना और संसाधनों की आवश्यकता है। सरकार का प्रयास सराहनीय है लेकिन इसे व्यवहारिक बनाने के लिए यह तैयारी ग्रीष्मावकाश के बाद से की जानी चाहिए ताकि, शिक्षक व विद्यार्थी सामूहिक रूप से अभियान का हिस्सा बन सके।
-नवल सिंह, शिक्षक
विद्यार्थी बोले-अभियान से जुड़ने का मिले मौका
पौधरोपण जैसे अभियान में विद्यार्थियों की भागीदारी महत्वपूर्ण है। यदि, स्कूल खुलने के बाद पौधरोपण की तैयारी हो हमें भी अभियान से जुड़ने का अवसर मिलेगा। लेकिन, ग्रीष्मावकाश के दौरान अधिकांश छात्र बाहर छुट्टियों पर हैं। ऐसे में पौधरोपण से पूर्व की तैयारियों में भाग लेने के लिए जरूरी है कि यह प्रक्रिया ग्रीष्मावकाश के बाद की जाए।
-नरेंद्र प्रजापति, छात्र नयापुरा
पौधरोपण केवल कार्यक्रम नहीं बल्कि प्रकृति से जुड़ने का अवसर है। यदि विद्यार्थियों को पौधे लगाने, उनकी वृद्धि मापने और संरक्षण की जिम्मेदारी दी जाए तो यह व्यवहारिक शिक्षा का भी हिस्सा बन सकता है। लेकिन, यह काम गर्मियों की छुट्टियों के बाद होना चाहिए।
-पवन नागर, पंकज कुश्वाह, छात्र बोरखेड़ा
कोटा जिले को 3 लाख 84 हजार 600 पौधे लगाने का लक्ष्य मिला है। 20 जून से पूर्व गड्ढ़े तैयार करने के लिए ग्राम पंचायत, शिक्षक, विभाग के मंत्रालिक कर्मचारियों व स्वयंसेवी संस्थाओं का सहयोग लिया जाएगा। ग्रीष्मावकाश चल रहा है, किसी पर कोई दबाव नहीं है, स्कूल के आसपास रहने वाले विद्यार्थी स्वेच्छा से आकर श्रमदान कर सकते हैं।
-आशा मंडावत, संभागीय संयुक्त निदेशक शिक्षा विभाग
विद्यालय के आसपास रहने वाले विद्यार्थी, स्काउट-गाइड, एनएसएस के बच्चे स्वेच्छा से आकर श्रमदान कर सकते हैं। वहीं, अभिभावकों, स्वयंसेवी संस्थाओं से भी सम्पर्क कर सहयोग लिया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर विभाग से प्रस्ताव लेकर मनरेगा श्रमिकों की मदद से भी गड्ढ़े तैयार करवाए जा सकते हैं।
-स्नेहलता शर्मा, मुख्य ब्लॉक शिक्षाधिकारी कोटा शहर

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