नामी इलाकों में समस्याओं का अंबार, सुविधाएं बदहाल

कहीं सफाई की समस्या, कहीं टूटी सड़कें और कहीं रोशनी-पानी का संकट

नामी इलाकों में समस्याओं का अंबार, सुविधाएं बदहाल
वार्डवासियों की शिकायत-चुनाव के समय नजर आते हैं जनप्रतिनिधि, बाद में मिलना मुश्किल ।

कोटा। शहर की पहचान केवल कोचिंग और शिक्षा से ही नहीं, बल्कि यहां की विकसित और नामी कॉलोनियों से भी है। श्रीनाथपुरम, आरके पुरम, रंगबाड़ी, महावीर नगर और मेडिकल कॉलेज जैसे इलाके शहर के प्रमुख क्षेत्रों में गिने जाते हैं। लेकिन इन इलाकों में जब जमीनी हकीकत जानने के लिए पड़ताल की गई तो तस्वीर कुछ अलग नजर आई। वार्ड नंबर 50 से 54 तक किए गए दौरे में लोगों ने सफाई, सड़क, पानी, स्ट्रीट लाइट और सुरक्षा से जुड़ी समस्याएं सामने रखीं। लोगों का कहना है कि शहर के प्रमुख इलाकों में यदि बुनियादी सुविधाओं को लेकर ही परेशानी रहे तो यह चिंता का विषय है।वार्डों का क्षेत्रफल बढ़ने के साथ अब जनप्रतिनिधियों और निगम प्रशासन की जिम्मेदारी भी बढ़ गई है। लोगों का कहना है कि बड़े क्षेत्र में समस्याओं की नियमित निगरानी के लिए मजबूत व्यवस्था जरूरी है। केवल शिकायत आने के बाद कार्रवाई करने के बजाय अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को नियमित निरीक्षण करना चाहिए।

परिसीमन के बाद बड़े हुए वार्ड, लेकिन समस्याओं का दायरा भी बढ़ा
-वार्ड नंबर 50 में श्रीनाथपुरम स्टेडियम, जीएडी क्वार्टर्स, श्रीनाथपुरम के विभिन्न सेक्टर, हजीरा बस्ती, श्याम नगर, अकेलगढ़ और आरटीयू क्षेत्र शामिल हैं।
-वार्ड नंबर 51 में आरके पुरम ए, बी व ई, बॉम्बे योजना, काला बादल, सामुदायिक भवन और संपूर्ण मेडिकल कॉलेज क्षेत्र आता है।
-वार्ड नंबर 52 में हरिओम नगर, कच्ची बस्ती, वीर सावरकर नगर, लुहार बस्ती, पीएचईडी कार्यालय और रंगबाड़ी योजना के सेक्टर 4 व 5 शामिल हैं।
-वार्ड नंबर 53 में महावीर नगर तृतीय के सेक्टर 2 से 9 तक का क्षेत्र आता है।
-वार्ड नंबर 54 में पारिजात सेक्टर 10 व 11, महावीर नगर द्वितीय का पूरा क्षेत्र तथा महावीर नगर तृतीय का सेक्टर 1 व 4 क्षेत्र शामिल है।

सफाई सड़क व्यवस्था को लेकर सबसे ज्यादा नाराजगी
पड़ताल के दौरान कई वार्डों में लोगों ने सफाई व्यवस्था को लेकर नाराजगी जताई। वार्डवासियों का कहना है कि कई जगह नियमित सफाई नहीं होने से गंदगी की समस्या बनी रहती है। खाली जगहों और बस्तियों के आसपास सफाई व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। लोगों ने निगम से नियमित मॉनिटरिंग की मांग की है। इन वार्डों में सड़कें भी लोगों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई हैं। कई जगह सड़कें क्षतिग्रस्त हैं तो कहीं लंबे समय से मरम्मत की जरूरत महसूस की जा रही है। लोगों का कहना है कि सड़कें केवल आवागमन का माध्यम नहीं, बल्कि शहर के विकास की तस्वीर भी होती हैं। नामी कॉलोनियों में सड़कों की स्थिति बेहतर होनी चाहिए। सड़क खराब होने से वाहन चालकों के साथ पैदल चलने वालों को भी परेशानी होती है।


लाइट-पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं की कमी
स्ट्रीट लाइट और पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं को लेकर भी अपनी समस्याएं बताईं। उनका कहना है कि रात के समय पर्याप्त रोशनी नहीं होने से सुरक्षा को लेकर चिंता बनी रहती है। वहीं पानी की व्यवस्था में कहीं भी समस्या हो तो उसका सीधा असर परिवारों पर पड़ता है। निगम और संबंधित विभागों को सुनिश्चित करना चाहिए कि पानी, सड़क, सफाई और रोशनी जैसी सुविधाएं नियमित और बेहतर तरीके से उपलब्ध हों।

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चुनाव के समय दिखते हैं, बाद में मिलना मुश्किल
इन सभी समस्याओं के बीच वार्डवासियों की सबसे बड़ी नाराजगी जनप्रतिनिधियों की नियमित मौजूदगी को लेकर है। लोगों का कहना है कि चुनाव के समय नेता और जनप्रतिनिधि घर-घर पहुंचते हैं, लोगों की समस्याएं सुनते हैं और समाधान का भरोसा देते हैं। लेकिन चुनाव के बाद वही जनप्रतिनिधि नजर नहीं आते और उनसे मिलना मुश्किल हो जाता है।

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दिन में एक बार वार्ड का दौरा करें जनप्रतिनिधि
जनप्रतिनिधियों को अपने वार्ड में नियमित रूप से दौरा करना चाहिए। कम से कम दिन में एक बार क्षेत्र का चक्कर लगाकर सफाई, सड़क, पानी, बिजली और सुरक्षा की स्थिति देखी जाए तो काफी समस्याएं मौके पर ही सामने आ सकती हैं।
लोगों का कहना है कि परिसीमन के बाद वार्ड भले ही बड़े हो गए हों, लेकिन जनता की उम्मीदें भी उतनी ही बड़ी हैं। श्रीनाथपुरम, आरके पुरम, रंगबाड़ी और महावीर नगर जैसे क्षेत्रों की पहचान कोटा शहर से जुड़ी है। ऐसे में इन इलाकों में अव्यवस्थाएं शहर की छवि पर भी असर डालती हैं।

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भाजपा सरकार बनने के बाद से कांग्रेस पार्षदों वाले वार्डों के साथ विकास कार्यों में भेदभाव किया जा रहा है। जिन इलाकों में वास्तव में विकास की जरूरत है, वहां काम नहीं करवाए जा रहे, जबकि जहां पहले से सड़कें और पार्क बने हुए हैं, उन्हें बिना जरूरत तोड़कर दोबारा निर्माण कराया जा रहा है। बनी-बनाई सड़कों को उखाड़ने और हाल ही में विकसित पार्कों को फिर से तोड़कर बनाने से जनता के पैसों की बर्बादी हो रही है।
- शालिनी गौतम , पूर्व पार्षद

मेरे कार्यकाल में मेने वार्ड में सड़क और सफाई के कार्यों को प्राथमिकता दी थी। बालाजी नगर में सड़क और नालियों का निर्माण करवाया गया। इसके अलावा वार्ड के अन्य क्षेत्रों में भी जरूरत के अनुसार सड़क और नाली निर्माण सहित कई विकास कार्य करवाए गए।
-रेखा यादव, पूर्व पार्षद

वार्ड में सड़क, नाली और सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करने सहित कई विकास कार्य करवाए गए। वार्डवासियों की ओर से समय-समय पर बताई गई समस्याओं का भी अपने स्तर पर समाधान करवाने का प्रयास किया गया।
-नंदकंवर हाड़ा , पूर्व पार्षद

वार्ड में बिजली की समस्या बनी रहती है। वहीं पानी भी कम दबाव से आता है, जिससे लोगों को काफी परेशानी होती है। कई बार पार्षद को समस्या से अवगत करवाया, लेकिन अभी तक इसका स्थायी समाधान नहीं हो सका है। अब लोगों को इंतजार है कि समस्या का समाधान कब होगा।
-हिमांशु शर्मा, वार्डवासी

वार्ड में सफाई व्यवस्था बिगड़ी हुई है। हालांकि पूर्व पार्षद के कार्यकाल में कई विकास कार्य करवाए गए, लेकिन कार्यकाल समाप्त होने के बाद समस्याएं बढ़ती जा रही हैं। सफाई व्यवस्था में सुधार के साथ अन्य मूलभूत समस्याओं के समाधान की भी जरूरत है।
-रतन कुमारी,वार्डवासी

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