असर खबर का : मैरिज गार्डन व कैटरिंग व्यवसाय को होगी 50% गैस सप्लाई, मेन्यू सीमित करने की परेशानी से राहत मिलेगी
गैस सप्लाई को अलग-अलग श्रेणियों में बांटा
शादी सीजन में राहत: खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग ने जारी किए आदेश।
कोटा। आगामी दिनों में शादी समारोह (सावे) को देखते हुए सरकार ने मैरिज गार्डन संचालकों और कैटरिंग व्यवसाय से जुड़े लोगों को राहत दी है। नई व्यवस्था के तहत अब इन व्यवसायों को 50 प्रतिशत गैस सिलेंडर की आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी, जिससे शादी समारोहों में भोजन व्यवस्था प्रभावित न हो। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के निर्देशों के अनुसार शादी सीजन में गैस की बढ़ती मांग को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है। इससे पहले सीमित आपूर्ति के कारण कैटरिंग और मैरिज गार्डन संचालकों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था, वहीं बुकिंग होने के बावजूद आयोजन प्रभावित होने की आशंका बनी हुई थी।
आयोजकों की चिंता होगी दूर
नई व्यवस्था लागू होने के बाद अब बड़े स्तर पर होने वाले विवाह समारोहों में खाना बनाने की व्यवस्था सुचारू रूप से हो सकेगी। कैटरर्स को गैस की कमी के चलते मेन्यू सीमित करने या वैकल्पिक इंतजाम करने की परेशानी से राहत मिलेगी। मैरिज गार्डन संचालकों और कैटरिंग व्यवसाय से जुड़े लोगों ने सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है। उनका कहना है कि शादी सीजन में गैस की उपलब्धता नहीं होने से कामकाज प्रभावित हो रहा था, लेकिन अब 50% सप्लाई मिलने से स्थिति बेहतर होगी। हालांकि व्यवसायियों का कहना है कि 50 प्रतिशत गैस सप्लाई राहत जरूर है, लेकिन बड़े आयोजनों के लिए यह पर्याप्त नहीं है। कई आयोजनों में अब भी अतिरिक्त इंतजाम करने पड़ सकते हैं।
गैस सप्लाई को अलग-अलग श्रेणियों में बांटा
राजस्थान में कमर्शियल गैस आपूर्ति को लेकर सरकार ने नई कैटेगरी तय कर दी है। इसके तहत अब गैस सप्लाई को 100%, 60%, 50% और 40% की अलग-अलग श्रेणियों में बांटा गया है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद बिना पंजीकरण किसी भी उपभोक्ता को गैस सिलेंडर नहीं मिलेगा। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की ओर से जारी गाइडलाइन के अनुसार सीमित गैस उपलब्धता को देखते हुए प्राथमिकता तय की गई है। इसमें सबसे पहले स्वास्थ्य और शिक्षा संस्थानों को रखा गया है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार गैस वितरण नई कैटेगरी के अनुसार ही किया जाएगा और किसी भी तरह की कालाबाजारी या नियमों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
यह रहेगी गैस सप्लाई की कैटेगरी
-इनको मिलेगी 100% गैस: नई नीति के तहत सभी सरकारी और निजी अस्पताल, स्कूल, कॉलेज, कोचिंग संस्थान और उनके हॉस्टल, सरकारी कार्यालयों की कैंटीन, पुलिस और सेना, मिड-डे मील योजना और पंजीकृत कैटरर्स को 100 प्रतिशत गैस आपूर्ति दी जाएगी।
-इनको मिलेगी 60% गैस: होटल, रेस्टोरेंट, ढाबे, मिठाई व किराना दुकानों सहित डेयरी (कोआॅपरेटिव और निजी) को 60 प्रतिशत गैस मिलेगी।
-इनको मिलेगी 50% गैस: मैरिज गार्डन, पैलेस, कैटरिंग व्यवसाय, मंदिरों और उनके रसोईघरों को 50 प्रतिशत गैस आपूर्ति का प्रावधान किया गया है।
-इनको मिलेगी 40% गैस: थोक और पैकेज्ड सप्लाई करने वाले डीलर्स को केवल 40 प्रतिशत गैस आवंटित की जाएगी।
नवज्योति ने प्रमुखता से उठाया था मामला
जिले में गैस संकट को लेकर शादी समारोह के आयोजकों और कैटरर्स को हो रही परेशानी के सम्बंध में दैनिक नवज्योति में 28 मार्च को समाचार प्रकाशित किया गया था। समाचार में बताया था कि गैस सिलेंडरों की पर्याप्त सप्लाई नहीं होने से शादी समारोह के आयोजकों को मैन्यू में कटौती करनी पड़ रही है। समारोह में चाट-पकौड़ी बनाने से हिचक रहे हैं। वहीं कैटरिंग करने वालों को शादियों के आर्डर घटाने पड़ रहे हैं। इससे उन्हे काफी नुकसान हो रहा है।
राजस्थान में कमर्शियल गैस आपूर्ति को लेकर सरकार ने नई कैटेगरी तय कर दी है। इसके तहत अब गैस सप्लाई को 100%, 60%, 50% और 40% की अलग-अलग श्रेणियों में बांटा गया है।
-अरविन्द गुप्ता, अध्यक्ष, हाड़ौती एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर एसोसिएशन

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