ऑक्सीजोन व रिवर फ्रंट पर भी मिले मॉर्निंग वॉक की सुविधा
प्रातःकालीन सैर के लिए नि:शुल्क प्रवेश की व्यवस्था हो
कोटा। शहर के मध्य हरियाली से आच्छादित ऑक्सीजोन पार्क में सुबह के समय ताजी हवा लेने और चम्बल नदी के किनारे बने विश्व स्तरीय पर्यटन स्थल पर नदी की सुंदरता को निहारने की सुविधा सुबह के समय शहर में मॉर्निंमग वॉकर को भी मिलनी चाहिए। यह मांग है शहर के उन लोगों की जो सुबह के समय आस-पास के गार्डन में मॉर्निंग वॉक के लिए जाते हैं। विज्ञान नगर निवासी एडवोकेट अमजद खान ने बताया कि शहर के बीच पहले जहां आई एल कॉलोनी थी। वहां हरियाली व मोर अधिक थे। उसकी जगह पर अब ऑक्सीजोन सिटी पार्क बनाया गया है। यह नए कोटा में रहने वालों के लिए एक तरह से वरदान है। लेकिन यहां प्रवेश के लिए सौ रुपए का टिकट लगाया गया है। जिससे इस पार्क में मॉर्निंग वॉक करने जाने वालों को नि:शुल्क प्रवेश की सुविधा नहीं दी गई है। ऐसे में इसके आस-पास रहने वाले लोगों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। जबकि सुबह दो से तीन घंटे यहां जो लोग मॉर्निंग वॉक करना चाहते हैं उन्हें सुविधा दी जानी चाहिए।
तलवंडी निवासी अजय कुशवाह का कहना है कि शहर में जिस तरह से चम्बल गार्डन व नयापुरा स्थित सीबी गार्डन में सुबह 9 बजे तक मॉर्निंग वॉक को नि:शुल्क प्रवेश देकर सैर करने की सुविधा दी हुई है। उसी तरह की सुविधा ऑक्सीजोन पार्क में भी दी जानी चाहिए। यह शहर के लिए ऑक्सीजोन के रूप में वरदान है लेकिन स्थानीय लोगों को इसमें जाने के लिए टिकट लेना पड़ रहा है। जबकि सुबह कुछ समय के लिए यहां नि:शुल्क सैर की सुविधा दी जानी चाहिए।
नदी के किनारे व गार्डन का लाभ मिले
वहीं पुराने शहर में रहने वाले लोगों का कहना है कि पहले लोग चम्बल नदी के किनारे घूम सकते थे। लेकिन रिवर फ्रंट बनने से वहां आमजन का प्रवेश बंद कर दिया गया है। रिवर फ्रंट पर गार्डन भी बनाए गए हैं। ऐसे में सुबह के समय दो से तीन घंटे के लिए जो लोग सैर करने जाना चाहते हैं उन्हें नि:शुल्क प्रवेश दिया जाए।
पाटनपोल निवासी अजय सक्सेना का कहना है कि शहर में रिवर फ्रंट जैसा पर्यटन स्थल कहीं नहीं है। लेकिन लोगों को सुबह के समय इसका नि:शुल्क लाभ नहीं मिल पा रहा है। जबकि मॉर्निंग वॉकर के लिए भले ही मासिक पास जारी कर दिया जाए जिससे ही प्रवेश मिले लेकिन यह सुविधा शुरु की जानी चाहिए। कैथूनीपोल निवासी विवेक पाल का कहना है कि सुबह के समय बड़ी संख्या में लोग सैर के लिए गार्डन जाते हैं। लेकिन रिवर फ्रंट के भीतर बने गार्डन का लाभ मार्निंग वॉकर को नहीं मिल पा रहा है। जबकि केडीए को यहां सुबह के समय नि:शुल्क सुविधा दी जानी चाहिए।
पौधों को पानी व सफाई में 4 घंटे का समय लगता
ऑक्सीजोन पार्क का संचालन करने वालों का कहना है कि यह पार्क पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया गया है। यहां लाखों छोटे-बड़े पौधे लगाए गए हैं। ऐसे में इन पौधों को नियमत पानी देने व इनकी सार संभाल में सुबह 4 घंटे का समय लगता है। सुबह 6 से 10 बजे तक यह काम होता है। इस दौरान पूरा गा र्डन व इसके भीत की सड़कें गीली व मिट्टी से सनी रहती है़। ऐसे में वहां इस समय में लोगों को प्रवेश नहीं दिया जा सकता। सुबह 10 बजे बाद यह लोगों के लिए खोल दिया जाता है। यदि इसकी नियमित देखभाल नहीं होगी तो दिन में फिर नहीं हो सकती। उस समय गार्डन में लोग आने लगते हैं।
निर्माण के समय प्रावधान ही नहीं किया
इधर केडीए आयुक्त बचनेश कुमार अग्रवाल का कहना है कि लोगों की मांग तो जायज है। लेकिन इन दोनों ही स्थलों के निर्माण के समय यहां मॉर्निंग वॉकर के लिए नि:शुल्क प्रवेश का प्रावधान ही नहीं किया गया। जिससे अब ऐसा कर पाना मुश्किल है। उन्होंने कहा कि शहर में कई अन्य बड़े गार्डन हैं जहां हरियाली के साथ ही नदी के किनारे का भी नि:शुल्क आनंद लिया जा सकता है।

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