नगर निगम निगम की आय बढ़ाने में नहीं चला तुरुप का इक्का
नीलामी में 19 में से मात्र 4 ही भूखंड बिके
निगम के शहर में जितने भूखंड हैं उनमें से एक तिहाई भूखंडों की ही नीलामी लगाई गई ।
कोटा। आर्थिक संकट से जूझ रहे नगर निगम की आय बढ़ाने में बरसों से खाली पड़े भूखंड तुरुप का इक्का साबित हो सकते हैं। लेकिन हालत यह है कि नीलामी में भूखंड बिक ही नहीं रहे हैं। 19 में से मात्र चार ही भूखंड नीलामी में बिके हैं। नगर निगम के शहरी सीमा क्षेत्र में कई जगह पर भूखंड खाली पड़े हुए हैं। बेशकीमती इन भूखंडों में से कुछ पर तो अतिक्रमण हो रहा है और कुछ को अतिक्रमण से मुक्त कराया गया है। इन भूखंडों से नगर निगम को करोड़ों रुपए की आय व राजस्व प्राप्त हो सकता है। लेकिन हालत यह है कि निगम प्रशासन द्वारा पहले तो इनकी अनदेखी करने से लोगों ने इन पर अतिक्रमण कर लिया था। निगम के तत्कालीन आयुक्तों ने प्रयास कर कई भूखंडों से अतिक्रमण हटाए भी थे और उनकी नीलामी की तो गिनती के ही भूखंड बिके थे।
भाजपा बोर्ड के समय भी हुआ था प्रयास
नगर निगम के पूर्व राजस्व अनुभाग अध्यक्ष महेश गौतम लल्ली का है कि नगर निगम के पास करीब 100 करोड़ से अधिक की राशि के भूखंड हैं। निगम अधिकारियों की अनदेखी के चलते उन पर अतिक्रमण हो रहे थे। उनके समय प्रयास कर कई भूखंडों से अतिक्रमण हटाए थे। साथ ही अधिकारियों ने राजस्व अनुभाग के माध्यम से उनकी नीलामी के प्रयास किए थे। लेकिन उस समय भूखंड नीलाम नहीं हो सके थे। जबकि तत्कालीन निगम अधिकारियों के समय गिनती के ही भूखंड नीलाम हुए थे। उन्होंने बताया कि निगम अधिकारी चाहे तो भूखंडों से निगम को अच्छी आय प्राप्त हो सकती है।
एक तिहाई भूखंड ही लगाए नीलामी में
कोटा में पहले जहां दो नगर निगम थे। वहीं अब एक निगम हो गया है। निगम के शहर में जितने भूखंड हैं उनमें से वर्तमान में एक तिहाई भूखंडों को ही नीलामी लगाई गई थी। जिनमें से भी एक चौथाई ही भूखंड बिके हैं। नगर निगम कोटा के उपायुक्त राजस्व धीरज सोनी ने बताया कि नगर निगम के कुल 53 भूखंड हैं। जिनकी नीलामी की जानी है। उनमें से जिनकी पत्रावली तैयार हो रही है। उनकी नीलामी की जा रही है। 53 में से हाल ही में 19 भूखंडों की नीलामी लगाई गई थी।
प्रताप नगर व बकरा मंडी के भूखंड बेशकीमती
नगर निगम की ओर से वर्तमान में जिन भूखंडों को नीलामी में लगाया गया उनमें से अधिकतर नए कोटा क्षेत्र के है। उनमें भी झालावाड़ रोड पर महावीर नगर प्रथम इलाके के रहे। जबकि सीएडी सर्किल पर प्रताप नगर में और सीएडी रोड स्थित बकरा मंडी के भूखंड बेश कीमती है। जिनसे निगम को अच्छी आय हो सकती है। निगम ने प्रताप नगर स्थित भूखंड से अतिक्रमण हटाकर चार दीवारी भी बनवा दी थी।
4 भूखंडों से हुई 2 करोड़ की आय
उपायुक्त राजस्व धीरज सोनी ने बताया कि निगम की ओर से नीलामी में लगाए भूखंडों में से फिलहाल 4 ही भूखंड बिके हैं। जिनसे निगम को करीब 2 करोड़ रुपए की आय हुई है। हालांकि एक भूखंड की दर निर्धारित से काफी कम आई है। इस कारण से उसे अब अन्य भूखंडों के साथ दोबारा से नीलामी में लगाया जाएगा। सोनी ने बताया कि बकरा मंडी वाले भूखंड की पत्रावली तैयार हो गई है। उसे भी शीघ्र ही नीलामी में लगाया जाएगा।

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