नए वार्ड, पुरानी समस्याएं : 10 से 15 किलोमीटर में फैले वार्ड, सुविधाएं अब भी दूर
टूटी सड़क और बदहाल श्मशान तक पहुंचना मुश्किल
कोटा। नगर निगम के नए परिसीमन के बाद वार्डों की तस्वीर भले ही बदली हो, लेकिन वार्ड नंबर 9 में कोई खास बदलाव नजर नहीं आता। पहले जितना क्षेत्र वार्ड में शामिल था, लगभग वही क्षेत्र अब भी वार्ड नंबर 9 का हिस्सा है। करीब 15 किलोमीटर के दायरे में फैले इस वार्ड में दूरी के साथ समस्याओं का दायरा भी बड़ा है। कहीं सड़कें जवाब दे रही हैं तो कहीं पानी की समस्या लोगों को परेशान कर रही है। अर्जुनपुरा क्षेत्र में सड़क की हालत खराब है और रात के समय पर्याप्त रोड लाइट नहीं होने से लोगों को आवाजाही में परेशानी होती है। सबसे गंभीर स्थिति श्मशान तक जाने वाले रास्ते की है। रास्ता खराब होने के साथ श्मशान की व्यवस्थाएं भी बदहाल बताई जा रही हैं। ऐसे में अंतिम संस्कार के लिए पहुंचने वाले लोगों को भी परेशानी उठानी पड़ती है।
वार्डवासियों को अब उम्मीद है कि निगम प्रशासन सड़क, पानी, प्रकाश व्यवस्था और अतिक्रमण जैसी मूलभूत समस्याओं को प्राथमिकता से लेकर समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाएगा। लोगों का कहना है कि शहर का हिस्सा होने के बावजूद यदि किसी क्षेत्र में आज भी सड़क, रोशनी और बुनियादी सुविधाओं के लिए इंतजार करना पड़े, तो विकास की तस्वीर अधूरी ही मानी जाएगी।
शिकायतों के बाद भी नहीं बदली तस्वीर
अर्जुनपुरा क्षेत्र में मूलभूत सुविधाओं को लेकर लोगों में नाराजगी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क की स्थिति लंबे समय से खराब है। बारिश के दौरान परेशानी और बढ़ जाती है। श्मशान तक पहुंचने वाला मार्ग भी दुरुस्त नहीं होने से बुजुर्गों और महिलाओं को विशेष परेशानी होती है। इसके अलावा अतिक्रमण और सड़क संबंधी शिकायतें भी लगातार सामने आती रहती हैं।
चंद्रेसल का मुख्य मार्ग भी बदहाल, रोड लाइट भी नहीं
वार्ड नंबर 10 में आने वाले चंद्रसाल ग्राम की स्थिति भी लोगों के लिए चिंता का कारण बनी हुई है। गांव में जाने वाला मुख्य मार्ग क्षतिग्रस्त हो रहा है। सड़क की खराब हालत के साथ इस मार्ग पर रोड लाइट की सुविधा भी पर्याप्त नहीं है। स्थानीय लोगों का कहना है कि शाम ढलने के बाद मार्ग पर अंधेरा छा जाता है। ऐसे में वाहन चालकों और राहगीरों को परेशानी होती है। लोगों ने बताया कि अंधेरे का फायदा उठाकर इस मार्ग पर कई बार लूटपाट की वारदातें भी हो चुकी हैं। केवल वार्डों का परिसीमन बदलने से समस्याएं खत्म नहीं होंगी। जरूरत इस बात की है कि नए दायरे के हिसाब से विकास और निगरानी भी मजबूत कि जाए।
वार्ड नंबर, क्षेत्र व जनसंख्या
-वार्ड नंबर 6 जनसंख्या 12,951 क्षेत्र: मीरा बस्ती, मवासा पुलिया क्षेत्र, संजय नगर, भीमपुरा ग्राम, कोर्ट मोहल्ला, सम्मलेश्वर मंदिर, नयाखेड़ा मोहल्ला, वैद्ययनाथ मंदिर, गाड़ीगाल आदि।
-वार्ड नंबर 7 जनसंख्या 12,732 क्षेत्र: न्यू कॉलोनी, हरिजन बस्ती, कृषि उपजमंडी, किशनपुरा बस्ती, बूटा सिंह कॉलोनी, मेला बस स्टैंड, अहिरवाड़ा, आजाद नगर आदि क्षेत्र शामिल है।
-वार्ड नंबर 8 जनसंख्या 12,710 क्षेत्र: धाकड़खेड़ी, चण्डीन्दा, भोजपुरा, आरामपुरा, जालखेड़ा, खेड़ा रसूलपुर, चैनपुरा आदि क्षेत्र शामिल है।
-वार्ड नंबर 9 जनसंख्या 11,284 क्षेत्र: अर्जुनपुरा, दसलाना, झालीपुरा, जगन्नाथपुरा, बोरखंडी छोटी व बड़ी, मण्डानिया, आदि क्षेत्र शामिल है।
-वार्ड नंबर 10 जनसंख्या 11393 क्षेत्र: बड़ा सोगरिया, मधुबन कॉलोनी, रोटेदा ग्राम, चंदेशल ग्राम, मानसिंह बस्ती आदि शामिल है।
पार्षद कार्यकाल में कई क्षेत्रों में सड़क सहित विभिन्न विकास कार्य करवाए गए। निगम प्रशासन ने सीवरेज लाइन डालने के दौरान पहले से बनी सड़कों को तोड़ दिया। सीवरेज लाइन डाले हुए करीब तीन साल बीत चुके हैं, लेकिन अब तक कई जगह कनेक्शन नहीं दिए गए हैं। इससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
-मनोज सैनी ,पूर्व पार्षद
वार्ड में लगभग सभी मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं को दूर करने का प्रयास किया गया है। वार्डवासियों की ओर से समय-समय पर सामने आने वाली समस्याओं का प्राथमिकता से समाधान कराया गया। उनका कहना है कि क्षेत्र के विकास और लोगों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार काम किया गया है।
- सोनम,पूर्व पार्षद
वार्ड में सामुदायिक भवन की सुविधा नहीं है और सड़क की समस्या सबसे ज्यादा बनी हुई है। कई जगह लोगों को आने-जाने में परेशानी होती है। समस्या को लेकर कई बार लिखित और मौखिक रूप से शिकायत की जा चुकी है, लेकिन अब तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। लोगों को उम्मीद है कि नगर निगम क्षेत्र की समस्याओं को गंभीरता से लेकर सड़क और अन्य मूलभूत सुविधाओं में सुधार कराएगा।
-महेंद्र गुर्जर ,वार्डवासी
वार्ड काफी बड़े दायरे में फैला हुआ है, इसलिए यहां समस्याओं का दायरा भी बड़ा है। अलग-अलग क्षेत्रों में अलग-अलग तरह की परेशानियां सामने आती हैं, लेकिन सबसे बड़ी समस्या पानी की रहती है। कई बार लोगों को पानी की समस्या से जूझना पड़ता है। बड़े वार्ड में रहने वाले लोगों को समय पर सुविधाएं मिलें, इसके लिए प्रशासन को नियमित रूप से क्षेत्रों का निरीक्षण कर समस्याओं का समाधान करना चाहिए।
-विजय शर्मा,वार्डवासी
पहले वार्ड की पार्षद ईना मीणा थीं,आमजन को छोटे-छोटे कामों के लिए भी परेशान होना पड़ा। यहां तक कि एक साइन करवाने के लिए भी लोगों को इधर-उधर दौड़ लगानी पड़ती थी। जनप्रतिनिधि से उम्मीदें थीं, लेकिन वार्ड में समस्याओं का अंबार लगा रहा और लोगों की सुनवाई तक नहीं हुई।
-शरद कुशवाह,वार्डवासी

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