अब माफियाओं से पत्थर खरीदा तो खानी पड़ेगी जेल की हवा
वन मंडल ने क्रेशर संचालकों को थमाया लीगल नोटिस
वन मंडल द्वारा दिए गए लीगल नोटिस में क्रेशर संचालकों को चेतावनी दी है कि श्रमिकों को खनन करने से रोके।
कोटा। खनन माफियाओं से पत्थर खरीदना क्रेशर संचालकों को महंगा पड़ सकता है। उन्हें जेल की हवा भी खानी पड़ सकती है। कोटा वन मंडल ने माफियाओं के बाद अब क्रेशर संचालकों के खिलाफ भी मोर्चा खोल दिया है। शहर में संचालित 6 क्रेशर संचालकों को लीगल नोटिस थमाकर खनन माफियाओं से पत्थर न खरीदने की सख्त हिदायत दी है। आदेशों की अवेहलना पर क्रेशर मशीनों व परिसर को जब्त करने और राजस्थान वन अधिनियम के तहत कार्रवाई करने की चेतावनी दी है। दरअसल, शहरभर में वन भूमि से सटे भू-भाग पर आधा दर्जन क्रेशर संचालित हो रहे हैं। जहां माफिया द्वारा वन भूमि से निकाले पत्थर बेचे जा रहे हैं। जिन्हें खरीदकर क्रेशर संचालक अवैध खनन को बढ़ा दे रहे हैं। ऐसे में वनमंडल ने माफियाओं से पत्थर न खरीदने को पाबंद किया है।
क्रेशर मशीनें होंगी जब्त
वन मंडल द्वारा दिए गए लीगल नोटिस में क्रेशर संचालकों को चेतावनी दी है कि श्रमिकों को खनन करने से रोके, अवैध खनन किए पत्थरों को खरीदना बंद करें और वन भूमि पर कब्जा कर बनाए अवैध ढांचों को तुरंत हटवाएं। ऐसा नहीं करने पर क्रेशर संचालकों के खिलाफ राजस्थान वन अधिनियम की धारा 32,33,52 के तहत क्रेशर मशीनें व परिसर जब्त किया जाएगा। जिसके जिम्मेदार वे स्वयं होंगे।
अवैध विस्फोटक का मामला भी दर्ज करेंगे
डीएफओ मेहरा ने बताया कि माफिया वन भूमि, यूआईटी व सिवायक भूमि पर अवैध खनन करते हैं। जहां से निकले पत्थर क्रेशर संचालक खरीद रहे हैं। जिससे खननकर्ताओं का हौसला बढ़ रहा है। श्रमिकों को भी खनन कार्य में लगाया जाता है, अवैध रूप से वनभूमि पर बसाकर उनसे वन सम्पदा चोरी करवा रहे हैं। ऐसे में के्रशर संचालकों को लीगल नोटिस भेज स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि अवैध गतिविधियां नहीं रोकी तो उनके खिलाफ आईपीसी एवं विस्फोटक पदार्थ अधिनियम 1908 के तहत राजकीय सम्पति की चोरी व अवैध विस्फोटक पदार्थ का उपयोग करने का अलग से मुकदमा दर्ज करवाए जाएंगे।
क्रेशर संचालक करवा रहे अवैध खनन
कोटा वन मंडल के डीएफओ तरुण कुमार मेहरा ने बताया कि लखावा वन क्षेत्र-ए से सटी जमीनों पर क्रेशर संचालित हो रहे हैं। जहां काम करने वाले श्रमिकों व उनके परिजनों द्वारा वन भूमि पर अवैध कब्जे कर मकान बना लिए हैं और वन भूमि से अवैध खनन कर क्रेशर संचालकों को बेच रहे हैं। वहीं, खनन माफियाओं से भी भारी मात्रा में अवैध पत्थर खरीदा जा रहा है। जिससे अवैध खनन को बढ़ावा मिल रहा है तथा उनके ईशारे पर खनन करवाया जा रहा है। जिसके पर्याप्त सबूत वन मंडल के पास मौजूद हैं। ऐसे में क्रेशर संचालकों के खिलाफ कठोर कार्रवाई के लिए कार्य योजना तैयार की जा रही है।
क्रेशर से 200 डम्पर पत्थर जब्त
लाडपुरा वन क्षेत्रीय अधिकारी संजय नागर ने बताया कि हाल ही में के्रशर संचालकों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 200 डम्पर पत्थर जब्त किया है। साथ ही संचालक के खिलाफ वन अधिनियम में मामला दर्ज किया है। उन्होंने बताया कि कोटा-बारां हाइवे स्थित संचालित क्रेशर पर 200 डम्पर पत्थरों का ढेर लगा हुआ था, संचालक के पास इन पत्थरों का मालिकाना हक या कागजात नहीं मिले। ऐसे में पत्थर जब्त कर राज. अधिनियम 1953 की धारा 32,33 व (53) के तहत कार्रवाई की गई।
क्रेशर बस्ती में मिले थे विस्फोटक सामग्री
गत माह क्रेशर बस्ती में सघन तलाशी अभियान चलाया गया था। वहां चट्टानों में छिपाई गई अवैध विस्फोटक सामग्री बरामद हुई थी। खननकर्ताओं द्वारा बलास्टिंग कर जमीनों से पत्थरों को निकाला जा रहा है।
इनका कहना है
शहर में संचालित हो रहे क्रेशर संचालक माफियाओं से पत्थर खरीद रहे हैं। जिससे अवैध खनन को बढ़ावा मिल रहा है। ऐसे में 6 क्रेशर संचालकों को लीगल नोटिस देकर चेतावनी दी है कि उनके श्रमिकों को अवैध खनन करने से रोके, अवैध खनन कर निकाले गए पत्थर खरीदना बंद करें, नहीं तो इनके खिलाफ राजस्थान वन अधिनियम के साथ आईपीसी के तहत कठोर कार्रवाई कर क्रेशर मशीनों को जब्त किया जाएगा। साथ ही साथ राजकीय सम्पति की चोरी एवं अवैध विस्फोटक पदार्थो का उपयोग करने का भी मामला दर्ज किया जाएगा।
- तरुण मेहरा, उपवन संरक्षक, कोटा वनमंडल

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