कंडम वाहन भी दे गए निगम को डेढ़ करोड़ रुपए, 12 साल बाद हुई निगम के कंडम वाहनों व स्क्रेप की नीलामी
रद्दी की भी होगी नीलामी
कंडम वाहनों की रखवाली पर हर साल निगम को लाखों रुपए खर्च करने पड़ रहे थे।
कोटा। नगर निगम के गैराज अनुभाग में एक ओर जहां बड़ी संख्या में नए वाहन व मशीनरी आई हैं। वहीं बरसों पुराने वाहन कंडम भी हो गए हैं। ये कंडम वाहन निगम के लिए परेशानी का कारण बने हुए थे। अब उन्हीं कंडम वाहनों व स्क्रेप की नीलामी से निगम को करीब डेढ़ करोड़ रुपए से अधिक की आय हुई है।
नगर निगम का गैराज पहले किशोरपुरा में था। बरसों पुराना होने से वहां नए-नए वाहन आने पर वह गैराज छोटा पडे लगा। निगम के गैराज में पिछली कांग्रेस सरकार के समय सफाई की बड़ी-बड़ी मशीनरी से लेकर छोटी वाहन तक आए हैं। जिससे उन वाहनों को गैराज में खड़ा करने में समस्या आ रही थी। उसके समाधान के लिए नगर निगम की ओर से हाल ही में रामतलाई में नया गैराज बनाया गया है। अब वहीं से वाहनों का संचालन हो रहा है। साथ ही गैराज अनुभाग का पूरा आॅफिस भी वहीं शिफ्ट हो गया है।
पुराने व कंडम वाहनों से हो रही थी समस्या
पुराने गैराज में नए वाहन आने के साथ ही कई पुराने वाहन भी थे। जिसके कारण उन्हें रखने में समस्या आ रही थी। ऐसे में पहले तो पुराने वाहनों को हटाया गया था। जिससे कुछ जगह बनी लेकिन वह भी छोटी पड़ी तो नया गैराज बनाना पड़ा। अब पुराने गैराज का उपयोग किशोरपुरा मुक्तिधाम के विस्तार के रूप में किया जाएगा।
दशहरा मैदान फेज एक व दो में रखे वाहन
नगर निगम के पुराने व कंडम वाहनों को पहले तो दशहरा मैदान के फेज एक में रखा गया था। लेकिन दशहरा मेले के समय उन्हें वहां से हटाकर फेज दो में पुराना पशु मेला स्थल के पीछे की तरफ रखा गया था। जिससे जगह भी रूकी हुई थी और उन कंडम वाहनों की रखवाली भी निगम को करनी पड़ रही थी। जिस पर हर साल लाखों रुपए खर्च करने पड़ रहे थे।
12 साल बाद हुई नीलामी
नगर निगम के सफाई से लेकर मशीनरी तक हर साल कंडम हो रही थी। लेकिन उन कंडम वाहनों की नीलामी नहीं होने से उनकी संख्या लगातार बढ़ती ही जा रही थी। हालांकि निगम के अधिकारियों ने कई बार प्रयास किए लेकिन किसी ने किसी कारण से नीलामी नहीं हो सकी थी। अब करीब 12 साल बाद निगम के कंडम व पुराने वाहनों के साथ ही स्क्रेप, टायर, बैटरी व एल्यूमीनियम की नीलामी हुई है।
1.60 करोड़ की हुई आय
नगर निगम के अधिशाषी अभियंता(गैराज) रविन्द्र कुमार सैनी ने बताया कि निगम के कंडम व पुराने वाहनों व स्क्रेप की नीलामी की गई है। जिनमें वाहनों से निगम को 1 करोड़ 1 लाख 59 हजार रुपए और इसके अलावा टायर, स्क्रेप, बैटरी व एल्यूमीनियम से कुल 1 करोड़ 60 लाख रुपए से अधिक की आय हुई है। उन्होंने बताया कि नीलामी तो हो गई है लेकिन कायार्देश जारी होने के बाद वाहनों को दशहरा मैदान फेज दो से हटाया जाएगा। अभी सभी वाहन वहीं रखे हुए हैं।
रद्दी की भी होगी नीलामी
नगर निगम आयुक्त ओम प्रकाश मेहरा ने बताया कि निगम के गैराज में बरसों से कंडम वाहन पड़े हुए थे। फिलहाल उन्हें दशहरा मैदान में पीछे की तरफ रखा गया था। जहां उनकी रखवाली पर ही काफी खर्चा करना पड़ रहा था। उसके बाद भी उन वाहनों में से आए दिन चोरी हो रही थी। ऐसे में कमेटी के माध्यम से पूरी प्रक्रिया अपनाते हुए अलग-अलग चार कैटेगरी में नीलामी की गई। बरसों बाद कंडम वाहनों की नीलामी हुई है। जिससे निगम को आय भी हुई और जहग भी खाली हो गई है। अब बरसों से जमा अखबार व अन्य रद्दी की भी नीलामी की जाएगी। सूत्रों के अनुसार रद्दी की करीब 20 साल से नीलामी नहीं हुई है। वर्ष 2006 में नीलामी हुई थी।

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