दहेज की मांग को लेकर आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला: आरोपी पति को 5 साल की कैद
छह हजार रुपए जुर्माना
मकान, कार और दुकान कोटा में दिलाने की मांग आरोपी करते थे ।
कोटा। दहेज की मांग को लेकर आत्महत्या के लिए उकसाने के पांच साल पुराने मामले में बुधवार को एडीजे महिला उत्पीडन क्रम दो के न्यायाधीश ने विवाहिता के पति को दोषी मानते हुए 5 साल की सजा सुनाई है। न्यायाधीश ने आरोपी पति हरीश कुमार नंदवाना को छह हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया है।
अपर लोक अभियोजक रामेत सैनी ने बताया कि फरियादी राधाकृष्णपुरम कोटा निवासी रमेश कुमार शर्मा ने महिला पुलिस थाना कोटा शहर में रिपोर्ट दी थी जिसमें बताया था कि उसकी पुत्री दीपिका नन्दवाना (28) का विवाह 10 मई 2014 को आरोपी हरीश कुमार नंदवाना पुत्र शंकरलाल नंदवाना निवासी कपासन जिला चित्तौड़गढ़ के साथ हुआ था। शादी के बाद से ही दामाद हरीश कुमार , समधी शंकर लाल व ननद संतोष बाई, लक्ष्मी बाई ,देवर राहुल दहेज की मांग को लेकर बेटी को बहुत परेशान करते थे और मारपीट भी करते थे। ससुराल वालो को समय -समय पर काफी समझाइश की गई , लेकिन वे लोग दहेज की मांग करते रहे थे। 28 जून 2021 की रात करीब डेढ़-दो बजे के बीच दामाद हरीश कुमार बेटी को मेरे घर लेकर आया और बाहर ही ऑटो में छोड़कर चला गया। साथ ही धमकी दी कि उसे कोटा में ही एक मकान, एक दुकान तथा एक कार दिलवाओ तभी तुम्हारी पुत्री को रखूंगा, अन्यथा नहीं रखूंगा। इस पर दामाद को परिवार के अन्य सदस्यों ने रोकने का प्रयास किया, लेकिन वह नहीं रुका था।
पीड़ित का आरोप है कि हरीश और उसके परिवार वाले लगातार मोबाइल पर कोटा में मकान, दुकान, कार की मांग करते रहे । 25 सितंबर 2021 की शाम को बेटी दीपिका के पास दामाद हरीश कुमार का फोन आया और दीपिका रोने लगी थी । इसके बाद 7.30-8. बजे बेटी दीपिका ने कमरे में पंखे से साफी से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। उस समय हम घर के बाहर बैठे थे। काफी देर तक जब दीपिका बाहर नहीं आई और उसे आवाज दी, लेकिन कोई जवाब नहीं मिलने पर खिड़की का कांच तोड़कर देखा तो वह पंखे से लटक रही थी। इसके बाद उद्योग नगर पुलिस को सूचना दी । पुलिस ने आकर उसे फंदे से उतारा और एमबीएस अस्पताल लेकर गए। वहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।
पीड़ित ने आरोप लगाया कि उनकी पुत्री दीपिका को पति , सास, ससुर, देवर, ननद द्वारा दहेज की मांग को लेकर परेशान करते थे इस कारण उसने आत्महत्या की । पुलिस ने दहेज प्रताड़ना सहित आत्महत्या के लिए उकसाने का मुकदमा दर्ज किया अनुसंधान के दौरान पुलिस ने आरोपी पति हरीश को गिरफ्तार किया। वह जमानत पर चल रहा था। अनुसंधान के दौरान पुलिस ने आरोपी पति को दोषी मानते हुए कोर्ट में चालान पेश किया। ट्रायल के दौरान अभियोजन पक्ष की और से 15 गवाहों के बयान कराए गए और 19 दस्तावेज पेश किए गए। न्यायाधीश ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद आरोपी पति हरीश कुमार नंदवाना को दोषी मानते हुए दहेज प्रताडना में तीन साल और आत्महत्या करने के लिए प्रेरित करने पर पांच साल की सजा सुनाई है।

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