मिठाइयों पर दुकानदार नहीं लिख रहे एक्सपायरी डेट

सरकारी नियमों की उड़ रही धज्जियां

मिठाइयों पर दुकानदार नहीं लिख रहे एक्सपायरी डेट

नियम बने चार साल हो गए, विभाग अभी समझाइश ही कर रहा

कोटा । हीटवेव व गर्मी के चलते इन दिनों मावा व पनीर और अन्य मिठाईयां जल्दी खराब हो रही है। दुकानदार फ्रीजर में रखी मिठाई  धडल्ले से बेच रहे है।  जैसे ही ग्राहक मिठाई खरीद कर घर ले जाता है उसमें खट्टापन आ जाता है।  ऐसे में ग्राहक अपने को ठगा ठगा महसूस करता है। उल्लेखनीय है कि फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड अथॉरिटी आॅफ इंडिया (एफएसएसएआई) ने 2021 में एक पत्र जारी करते हुए निर्देश दिए थे कि मिठाई की प्रत्येक दुकान पर एक्सपायरी डेट की पर्ची डिस्प्ले बोर्ड पर लगाई जाए। मिठाई निर्माण की तारीख और उस मिठाई की एक्सपायरी डेट प्रत्येक मिठाई की प्लेट के सामने ग्राहक को दिखना चाहिए, लेकिन शहर के कई मिठाई विक्रेता एफएसएसएआई के दिशा निदेर्शों को ही डकार गए और किसी भी मिठाई की दुकान में एफएसएसएआई की गाइडलाइन के अनुसार डिस्प्ले बोर्ड पर मिठाई की एक्सपायरी डेट देखने को नहीं मिल रही है, जबकि गर्मी के दिनों में कई मिठाई एक दिन में ही खराब हो जाती हैं, उनका दूसरे दिन उपयोग नहीं किया जा सकता है। मिठाई विक्रेताओं द्वारा ग्राहकों के साथ की जा रही धोखाधड़ी को रोकने की कोई मुकम्मल व्यवस्था नहीं की जा रही है।  फूड एण्ड सेफ्टी विभाग अधिकारी चार साल में  मिठाई विक्रेताओं को समझाइश ही कर रहे है। दिशा-निदेर्शों का पालन कराने और जुर्माना नहीं कर रहे है।

बासी मिठाई का नहीं चल पा रहा पता
लोगों को बासी मिठाई खाने से बचाने के लिए भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण ने एक अक्टूबर 2021 से बाजार में बिकने वाली खुली मिठाइयों पर एक्सपायरी डेट लिखने के आदेश जारी किए थे। इसमें  छोटी  बड़ी सभी दुकानों  पर मिठाई बनाने, उसकी एक्सपायरी डेट, कब तक खाना है कि पूरी जानकारी मिठाई की ट्रे के उपर लिखना जरूरी किया था। इससे ग्राहक को पता चल सके कि मिठाई ताजा है या बासी है। अब तक यह सुविधा पैकिंग वस्तुओं पर ही लागू थी । इसे एक अक्टूबर 2021 से देश में खुली वस्तुओं की बिक्री पर भी लागू कर दिया है। लेकिन  चार साल बीतने आए फिर भी शहर में अभी इस नियम का पालन  मिठाइयों की दुकानों पर होता दिखाई नही दे रहा है। हालांकि शहर के कुछ प्रतिष्ठ मिठाई की दुकानों वाले जरूर इस नियम का पालन कर रहे है लेकिन वो भी रोज तारीख ही बदलते माल नहीं। बाकी बचे अधिकांश दुकानदार अभी मिठाई दुकानदार पुराने ढ़र्रे पर ही बिना एक्सपायरी डेट लिखे फ्रीजर में रखी मिठाइयां बेच रहे हैं। खाद्य सुरक्षा अधिकारी पिछले साढे तीन साल से नए नियमों को को लेकर समझाइश ही कर रहे अभी तक किसी पर जुर्माना कार्रवाई नहीं होने से व्यापारी इसे गंभीरता से नहीं ले रहे है। अभी कई दुकानदारों  को तो इस नियम की पूरी जानकारी ही नहीं है। दूसरी तरफ मिठाई कारोबारियों को का कहना है कि  हालांकि शहर की कुछ बड़ी मिठाई की दुकानों ने तो एक्सपायरी डेट लिखना शुरू किया लेकिन वो भी रोज डेट बदल कर ग्राहकों चुना ही लगा रहे है।

जुर्माने का प्रावधान फिर भी कार्रवाई नहीं
एक्सपायरी डेट और मिठाई के दाम नहीं लिखे होने पर पांच लाख तक के जुर्माने का है प्रावधान किसी दुकानदार द्वारा गलत तारीख लिखी है और उसकी शिकायत खाद्य विभाग में हो जाती है तो उस शिकायत के आधार पर दुकान जांच होगी। खाद्य पदार्थ के सैंपल का टेस्ट होगा। खुले रूप से बिकने वाली मिठाई की भी जांच की होती है। एक्सपायरी डेट और मिठाई के दाम यदि बोर्ड नहीं लिखे होंगे तो यह गंभीर मामला माना जाएगा। ऐसी स्थिति एफएसएसएआई का उल्लंघन करने पर गंभीर मामला मानते हुए उस दुकानदार पर पांच लाख रुपए तक का  जुर्माना लगाने का प्रावधान रखा गया है।  लेकिन शहर में अभी तक किसी दुकानदार के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई है।

कौन सी मिठाई कितने दिन तक उपयोग करने योग्य
- 4 दिन तक उपयोग होने वाली मिठाई :  मिल्क केक, पेड़ा, प्लेन बर्फी, मिल्क बफी, पिस्ता बफी, कोकोनट बर्फी, चॉकलेट बफी, सफेद पेड़ा, कोकोनट लड्डू, लाल लड्डू के अतिरिक्त मोतीचूर मोदक, खोया बदाम, मेवा भाटी, फ्रूट केक खोया तिल, केसर कोकोनट लड्डू और मलाई घेवर आदि।
- एक दिन उपयोग में आने वाली मिठाई : कलाकंद, बटर स्कॉच कलाकंद, रोज कलाकंद, चॉकलेट कलाकंद।
- दो दिन तक उपयोग वाली मिठाई: दुग्ध उत्पादन व मिल्क बादाम रसगुल्ला, रस मालाई, रबाड़ी रसमालाई, शाही टोस्ट, राजभोग, मलाई रोल, बंगाली रबड़ी, हिरमानी व हरी भोग, अनारकली, माधुरी, पाकोजा, रस कदम, रस काटा, सौर मोहन, गुड़ रसमलाई, गुड रबड़ी, गुड़ रसगुल्ला।
- 7 दिन उपयोग होने वाली मिठाई व ड्राई फ्रूट : फूट लडडू, काजू कतली, घेवर, शक्कर पारा, गुड़ पारा, शाही लड्डू मूंग बर्फी, आटा लड्डू, ड्राई फ्रूट गुजिया, बेदी लडू, काजू केसर बर्फी, काजू ब्रेक्स गुजिया, बादाम लोग, बालूशाही, बादाम बर्फी, केसर बड़ी मलाई, चंद्रकला, केसर गुजिया, मेदा गुजिया, काजू खजूर, पिस्ता लौंग, छोटा केसर घेवर, केसर चंद्रकला, काजू लड्डू, काजू रोज कतली।
- एक महीने तक उपयोग होने वाली मिठाई: आटा लड्डू, बेसन लड्डू, चना लड्डू, चना बर्फी, अंजीर खजूर बर्फी, कराची हलवा, सोहन हलवा, गजक व चक्की।

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नियम की नहीं हो रही पालना
बासी और पुरानी मिठाइयां बेचने की लगातार आ रही शिकायतों के बाद भारतीय  खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण ने मिठाई की दुकानों के लिए यह नियम अनिवार्य कर दिया कि था कि वो मिठाइयों पर एक्सपायरी डेट को लिखें। लेकिन शहर मेें इसकी पालना नहीं हो रही है। 10 अप्रैल में मैने एक दुकान से मिठाई खरीदी घर जाने के बाद वो मिठाई कठोर हो गई और उसका ेखाया तो खट्टापन आ रहा था। अगर दुकान पर एक्सपायरी डेट लिखी होती तो में वो मिठाई नहीं खरीदता। सरकार को शुद्ध के लिए युद्ध अभियान में मिठाई विक्रेताओं की जांच करनी चाहिए वो एक्सपायरी व निर्माण तिथि क्यों नहीं लिख रहे है। 
- अशोक चौधरी, अधिवक्ता

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शहर में दो सौ दुकानें
शहर में करीब दो सौ से अधिक मिठाई की दुकानें हैं। अधिकांश छोटे दुकानदार है  बडे दुकानदार तो पालना कर रहे लेकिन छोटे दुकानदार जो रोज मिठाई तैयार करते और बेचते वो एक्सपायरी डेट नहीं लिखते उनकी मिठाई रोज ही बिक जाती है। ऐसे खराब होने वाली बात ही नहीं रहती है।
- राजू अग्रवाल, मिठाई व्यापारी कोटा

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इनका कहना है
शहर में एक अक्टूबर 2021 से खुली मिठाइयों पर एक्सपायरी डेट लिखने का नियम लागू है।  शुद्ध के लिए युद्ध अभियान के दौरान मिठाई दुकानदारों को इसके लिए पाबंद किया जा रहा है। विभाग की ओर से अनवरत जांच का अभियान जारी है। दुकानों की जांच कर सैंपल लेने का कार्य जारी है।  बिना एक्सपायरी लिखी मिठाई की दुकानों पर कार्रवाई की जाती है। 
- संदीप अग्रवाल, खाद्य सुरक्षा अधिकारी कोटा

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