पहला करवा चौथ : पत्नी ही नहीं, पिया ने भी किया पहला व्रत
मेहंदी, उपहार और पूजा की तैयारियों के बीच नवविवाहित जोड़ों में दिखा खास उत्साह
कोटा। हाथों में पिया के नाम की मेहंदी, लाल जोड़े की चमक और आंखों में एक नए सफर के खूबसूरत ख्वाब—शादी के बाद पहला करवा चौथ महज एक परंपरा नहीं, बल्कि दो जिंदगियों के एक सूत्र में बंधने का पहला बड़ा उत्सव है। दिनभर बिना अन्न-जल के रहने का संयम और रीती-रिवाजों को सहेजने की कोशिश तभी आसान बनती है, जब इसमें दोनों की बराबर भागीदारी हो। आज का करवा चौथ सिर्फ पत्नी के उपवास तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह पति के भावनात्मक सहारे और साझा जिम्मेदारी का पर्व बन चुका है। कुछ नवविवाहित जोड़ों ने बताया कि करवाचौथ को स्पेशल बनाने के लिए सब कुछ साझा करते हैं। कुछ युवा जोड़ों ने तो बताया दोनों ने ही करवा चौथ का व्रत साथ साथ किया।
शुभांगी जोशी और प्रिंस तिवारी ने बताया कि हम दोनों ने साथ साथ करवाचौथ व्रत किया है। मैं भगवान से प्रार्थना करूंगी कि प्रिंस हमेशां स्वस्थ रहें, हमारे जीवन में हमेशा खुशियां बनी रहें। बीती 25 अप्रैल को विवाह बंधन में बंधे, शुभांगी कहती हैं कि बचपन से मां को करवाचौथ का व्रत करते और उनको तैयारियां करते देखा है। पहली बार खुद के लिए करवाचौथ पर पहनने वाले सूट और पूजा की साड़ी से लेकर करवा खरीदने और पूजा की थाली सजाने तक, हर छोटी-बड़ी चीज को लेकर हमारे बीच खास उत्साह रहा। लेकिन ऐसा करते समय संस्कृति, पूजा की गरिमा और आध्यात्मिक भावनाओं का ध्यान रखना चाहिए।
शहर निवासी डॉ.अनिशा गुप्ता ने बताया कि मेरी पहली करवा चौथ है। इस व्रत को खास बनाने के लिए मेरे पति ने भी इसमें मेरा सहयोग किया। हम दोनों ने साथ साथ व्रत रखा। हम दोनों ने साथ ही हाथ में मेहंदी लगावाई । मैं अभी पीजी की पढ़ाई कर रही हूं। इस दिन को स्पेशल बनाने के लिए हम लोग काफी दिनों से तैयारी में लगे हुए हैं। हमने वह सब किया जैसे एक -दूसरे को गिफ्ट देना, साथ ही मेहंदी लगाना, नए कपड़े खरीदने के साथ ही निर्जल रहकर उपवास रखना।
अंतिमा गुप्ता ने बताया कि हम लोग एक ही ऑफिस में काम करते थे । हम लोगों में धीरे-धीरे बातचीत होना शुरू हुई। उसके बाद हम दोनों ने शादी करने का निर्णय लिया, दोनों ने ही अपने -अपने घर पर बातचीत की तो दोनों के ही घर वाले राजी हो गए। अभी बीती गर्मी में ही हमारी शादी हुई हैं। हम दोनों एक ही जगह पर नौकरी करते हैं, हर पल हम दोनों एक-दूसरे का ख्याल रखते हैं। करवा चौथ को स्पेशल बनाने के लिए पति शुभम गुप्ता व सास से सलाह लेकर इस दिन को स्पेशल बनाने के लिए तैयारी कर रही हूं।
अक्षिता कंजोलिया व तन्मय ने भी बताया कि दोनों ने मिलकर साथ साथ व्रत रखा। अभी में फाइनेंस विभाग में जॉब करती हूं। पति तन्मय भी क्वालिटी इंजीनियर है । हम दोनों एक दूसरे का घर के कामों में हाथ बांटते है, साथ ही दोनों एक -दूसरे का ख्याल करते हैं। हम दोनों ने करीब एक सप्ताह पहले ही नये कपड़े व श्रृंगार की सामग्री खरीदी, अक्षिता ने बताया कि पहला व्रत होने के चलते मां से भी सलाह ली। व्रत को स्पेशल बनाने के लिए भी कई दिनों से तैयारी करकर रहे थे। हम किसी कार्यक्रम में मिले फिर उसके बाद बातचीत शुरू हुई, फिर हमने घर वालों को बताया , उसके बाद हमारी शादी हुई।
नवविवाहित प्रतीक्षा ने बताया कि पति सात्विक हुरिया की लंबी आयु लिए पहली बार करवाचौथ का व्रत रखा है। प्रतीक्षा कहती है मैने अपनी मां समान सास मनीषा हुरिया से करवाचौथ की रस्में सीखी हैं। पुणे में एमबीए की पढ़ाई के दौरान शुरू हुआ उनका प्रेम संबंध विवाह तक पहुंचा। इस खास दिन के लिए पति सात्विक ने भी व्रत रखकर मुझे सरप्राइज गिफ्ट दिया है। प्रतीक्षा का मानना है कि त्योहार केवल रस्में निभाने का नाम नहीं, बल्कि परिवार के साथ खुशियां बांटने और रिश्तों को मजबूत करने का अवसर हैं।

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