जिन्हें स्कूलों को श्वान मुक्त करने की सौंपी जिम्मेदारी, उन्हीं के ऑफिस में पल रहे कुत्ते
शिक्षा विभाग के ऑफिसों में बेधड़क घूम रहे कुत्ते, भोजन पानी की भी व्यवस्था
शिक्षा निदेशालय ने शिक्षा अधिकारियों को शिक्षण संस्थाएं श्वान फ्री करने के जारी किए आदेश।
कोटा। शिक्षा निदेशालय बीकानेर द्वारा जिन शिक्षा अधिकारियों को शैक्षणिक संस्थाएं व स्कूलों को श्वान फ्री करने के आदेश दिए हैं, उन्हीं के ऑफिसों में ही कुत्ते पल रहे हैं। जिला शिक्षा अधिकारी हो या संयुक्त शिक्षा निदेशक, विभाग के दोनों ही कार्यालयों के परिसरों में गुरुवार को कुत्ते घूमते नजर आए। कर्मचारी इन्हीं के बीच से गुजरते रहे लेकिन उन्हें कार्यालय से बाहर करने की जहमत नहीं उठाई। जबकि, शिक्षा विभाग में प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोगों का आना-जाना लगा रहता है। दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने आवारा कुत्तों के काटने की बढ़ती घटनाओं पर सख्त रुख अपनाते हुए शैक्षणिक संस्थाओें को श्वान फ्री करने के आदेश दिए हैं। उसी आदेश की पालना में शिक्षा निदेशालय बीकानेर ने सभी शिक्षा अधिकारियों को स्कूलों को श्वान मुक्त रखने के निर्देश जारी किए हैं। जिसकी अवहेलना पर जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है। लेकिन, शहर के जिला शिक्षा अधिकारियों व संयुक्त शिक्षा अधिकारी के कार्यालयों में स्थिति इसके ठीक विपरीत मिली।
डीईओ ऑफिस परिसर में घूमते रहे श्वान
गुमानपुरा रावतभाटा रोड स्थित जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय परिसर में दोपहर को दो कुत्ते घूम रहे थे। जबकि, कर्मचारी भी वहीं खड़े हुए थे। वहीं, पास में ही एक मादा श्वान अपने पिल्लों के साथ घूम रही थी। कर्मचारियों ने पिल्लों के लिए भोजन पानी की व्यवस्था भी कर रखी थी। कर्मचारियों से इस संबंध में शिक्षा निदेशक सीताराम जाट द्वारा जारी किए आदेश के बारे में पूछा तो उन्होंने अनभिज्ञता जताई।
लेखा व कैशियर अनुभाग के बाहर बैठा रहा श्वान
जिला शिक्षाधिकारी कार्यालय में शाम 4 बजे करीब लेखा व कैशियर अनुभाग के बाहर कोरिडोर में श्वान बैठा रहा। उनके पैर में जख्म हो रहा था। इस कोरिडोर में अलग-अलग कई अनुभाग बने हुए हैं, जिनमें कर्मचारी काम रहे थे, उनका इस कोरिडोर से भी आना-जाना लगा रहा। इसके बावजूद श्वान को किसी ने भी श्वान को ऑफिस से बाहर नहीं भगाया। ऐसे में स्कूल कैसे श्वान मुक्त होंगे, यह समझ से परे हैं।
जेडी ऑफिस में भी बैठे रहे श्वान
संयुक्त शिक्षा निदेशक कार्यालय के मुख्य दरवाजे के बाहर व ऑफिस के अंदर श्वान बैठे मिले। हालात यह है कि जेडी के चैम्बर के सामने गार्डन है, जहां अलाव जला हुआ था, वहीं श्वान बैठा हुआ था। पास में ही दो कर्मचारी भी बैठे हुए थे लेकिन किसी ने भी श्वान को कार्यालय से बाहर नहीं किया।
सुप्रीम कोर्ट के यह हैं आदेश
सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया द्वारा 7 नवंबर को जारी आदेश जिसमें राज्यों/ केंद्र शासित प्रदेशों और भारत सरकार के सभी संवेदनशील क्षेत्रों, जिसमें शैक्षणिक संस्थान भी शामिल हैं, जिन्हें आवारा कुत्तों के प्रवेश से सुरक्षित करने और कुत्ते के काटने की घटनाओं को रोकने के उपायों को मजबूत करने के लिए सख्त और समयबद्ध निर्देश जारी किए हैं। उसी की पालना में माध्यमिक शिक्षा निदेशक सीताराम जाट ने राज्य के सभी संयुक्त निदेशकों को उक्त आदेश की पालना में दिशा निर्देश जारी किए हैं।
अब गुरुजी के कंधों पर कुत्ते भगाने की जिम्मेदारी
शिक्षा विभाग में कार्यरत शिक्षक पहले से ही गैर- शैक्षणिक कार्यों में उलझे हुए हैं, अब उनके कंधों पर अब एक और जिम्मेदारी आ गई है। शिक्षा विभाग ने स्कूल परिसरों में घूम रहे आवारा कुत्तों को भगाने और संबंधित विभागों से समन्वय कर उन्हें पकड़वाने की जिम्मेदारी शिक्षकों को सौंपी है। विभाग के अनुसार यह कदम विद्यार्थियों और स्कूल स्टाफ को आवारा कुत्तों के संभावित हमलों से बचाने के लिए उठाया गया है, ताकि स्कूल परिसर में कोई अप्रिय घटना न हो।
इनका कहना है
शिक्षकों को राहत प्रदान करें सरकार
शिक्षा विभाग में कार्यरत शिक्षकों को पहले से ही गैर शैक्षणिक कार्यों जिनमें बीएलओ,चुनाव ड्यूटी, जनगणना, स्वास्थ्य अभियान (टीकाकरण), सर्वे, डाटा फीडिंग (प्रेरणा पोर्टल, आधार, बैंक खाता),मिड-डे-मील प्रबंधन, छात्रवृत्ति वितरण, स्कूल चलो अभियान, स्वच्छता अभियान, और स्कूल प्रबंधन से जुड़े कई प्रशासनिक आदि कार्य शिक्षकों से करवाएं जा रहे जिससे शैक्षणिक कार्य प्रभावित हो रहे हैं ।अब कुत्ते भगाने व पकड़वाने की नई जिम्मेदारी दे दी गई है, जिससे शिक्षकों को राहत देनी चाहिए।
-मोहर सिंह सलावद,प्रदेशाध्यक्ष, शिक्षक संघ रेसटा
हमने सभी सीबीईओ को निर्देश जारी किए हैं कि वे अपने ब्लॉक के समस्त स्कूलों को श्वान मुक्त बनाए रखने के लिए टीम गठित करें। साथ ही श्वानों को कैम्पस में आने से रोकने व पकड़वाने के लिए संबंधित संस्था से सम्पर्क कर निस्तारण करें। वहीं, हमारा कार्यालय श्वान मुक्त है।
-रामचरण मीणा, जिला शिक्षाधिकारी कोटा माध्यमिक

Comment List