तीन फर्जी कॉल सेंटरों का भंडाफोड़, साइबर ठगी के मास्टरमाइंड समेत 5 गिरफ्तार
102 मोबाइल फोन, 11 लैपटॉप सहित 65 हजार रुपये बरामद
कोटा। साइबर ठगी के लिए कोटा शहर में खोले गए 3 अवैध कॉल सेन्टरों का भाण्डाफोड़ करते हुए साइबर पुलिस ने शुक्रवार देर रात को अंतरराज्यीय संगठित गिरोह के मास्टरमाइंड सहित पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। कॉल सेंटरों पर मौजूद 57 लड़कियों और महिलाओं से पूछताछ कर साइबर ठगी में उनकी भूमिका की जांच की जा रही है। आरोपी 57 लड़कियों और महिलाओं से लोगों को इन्वेस्टमेंट के नाम पर कॉल करवातेेे थे। पुलिस ने मौके पर 102 मोबाइल और 11 लैपटॉप सहित 65 हजार रुपए बरामद किए। आरोपियों ने साइबर ठगी के लिए फाइना ट्रेडर्स डॉट कॉम के नाम से वेबसाइट बना रख्री थी। पूछताछ में सामने आया कि इन्वेस्टमेन्ट पर मोटे मुनाफे का झांसा देकर आम लोगों को काल करवाते थे। आरोपियों ने लड़कियों को ऑलेक्स व प्लेसमेन्ट ऐजेंसियो के माध्यम से भर्ती की थी। प्रत्येक लड़की को प्रतिदिन 100 लोगों को फोन करने का टार्गेट देकर उनके मोबाइल नम्बर व उनकी डिटेल देकर ठगी करवाई जा रही थी।पुलिस अधीक्षक तेजस्वनी गौतम ने बताया कि साइबर ठगी के खिलाफ चलाए जा रहे पुलिस मुख्यालय के विशेष अभियान ‘म्यूल हंटर’ और ‘साइबर शील्ड’ के तहत कोटा शहर साइबर पुलिस द्वारा अभियान चलाया जा रहा है। 7 अगस्त को साइबर थाना पुलिस को गोपनीय सूचना मिली थी। इसके बाद तकनीकी डाटा और आसूचना के आधार पर गुमानपुरा क्षेत्र में तीन स्थानों उमेश सदन रतलामी कचौरी के पास झालावाड़ रोड, अनिता सदन गुमानपुरा और बुरहान उल हक की बिल्डिंग जामा मस्जिद के पास छावनी पर दबिश दी गई। इस दौरान पुलिस ने मौके से अशफाक (28) पुत्र जमालुद्दीन, निवासी पालड़ी रनावता, भोपालगढ़, जोधपुर, हाल कोटा, आवेश (18) पुत्र फरुख, निवासी बीकानेर, हाल कोटा, सैयद अली (24) पुत्र अनारदीन, निवासी नागौर, हाल कोटा, जावेद अली (22)पुत्र मोहम्मद सलीम, निवासी रुण, नागौर, गजीत खान (28) पुत्र शाबिरउददीन, निवासी बिराई, जोधपुर, हाल कोटा को गिरफ्तार किया। अशफाक पूरे नेटवर्क का मास्टरमाइंड है। उसके खिलाफ पूर्व में बेंगलुरु और भोपाल में साइबर ठगी से जुड़े मामलों में शामिल रहने की जानकारी भी सामने आई है।
वेबसाइट बनाकर दिखाते थे फर्जी मुनाफा
साइबर थानाधिकारी एवं डिप्टी एसपी गंगा सहाय शर्मा ने बताया कि पूछताछ में सामने आया कि आरोपी ने साइबर ठगी के लिए www.fina-traders.com नाम से फर्जी वेबसाइट बना रखी थी। इस वेबसाइट के जरिए लोगों को निवेश पर तेजी से बढ़ता हुआ मुनाफा दिखाया जाता था। इसके बाद कॉल सेंटर में काम करने वाली लड़कियों और महिलाओं से संभावित निवेशकों को फोन करवाकर निवेश के लिए प्रेरित किया जाता था। आरोपियों ने लड़कियों और महिलाओं को OLX और प्लेसमेंट एजेंसियों के जरिए भर्ती किया था। उन्हें बाकायदा कॉल करने की ट्रेनिंग दी जाती थी। प्रत्येक कर्मचारी को प्रतिदिन करीब 100 लोगों को कॉल करने का टारगेट दिया जाता था। उनके पास लोगों के मोबाइल नंबर और अन्य डिटेल उपलब्ध कराई जाती थी।

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