बडे़ भाई की गोद में तड़पते तोड़ा दम : जोधपुर रैफर के दौरान ऑक्सीजन सप्लाई बंद, मरीज की एम्बुलेंस में मौत

परिजन डेड बॉडी लेकर हॉस्पिटल पहुंचे

बडे़ भाई की गोद में तड़पते तोड़ा दम : जोधपुर रैफर के दौरान ऑक्सीजन सप्लाई बंद, मरीज की एम्बुलेंस में मौत

मरीज को पाली से जोधपुर रेफर के दौरान एम्बुलेंस में रखे सिलेंडर से ऑक्सीजन सप्लाई बंद होने से मरीज ने भाई की गोद में ही तड़पते हुए दम तोड़ा। परिजन एम्बुलेंस से बॉडी को लेकर वापस पाली के बांगड़ हॉस्पिटल पहुंचे और मोर्चरी के बाहर धरने पर बैठ गए। परिजनों का आरोप है, कि ड्राइवर की गलती से उनके बेटे की जान चली गई।

पाली। मरीज को पाली से जोधपुर रेफर के दौरान एम्बुलेंस में रखे सिलेंडर से ऑक्सीजन सप्लाई बंद होने से मरीज ने भाई की गोद में ही तड़पते हुए दम तोड़ दिया। परिजन एम्बुलेंस से बॉडी को लेकर वापस पाली के बांगड़ हॉस्पिटल पहुंचे और मोर्चरी के बाहर धरने पर बैठ गए। परिजनों का आरोप है, कि ड्राइवर की गलती से उनके बेटे की जान चली गई। जानकारी अनुसार शहर के ट्रांसपोर्ट नगर नया गांव सांसी बस्ती निवासी सावन कुमार (20) पुत्र सज्जन कुमार को किडनी की समस्या होने पर 6 मई को पाली के बांगड़ हॉस्पिटल के आईसीयू में भर्ती करवाया था। मृतक के बड़े भाई देवाराम ने बताया, सावन की हालत गंभीर होने पर उसे रविवार को जोधपुर एमडीएम हॉस्पिटल रेफर किया गया। हमनें फोन कर 108 एंबुलेंस बुलाई, जिसमें ऑक्सीजन सपोर्ट पर मरीज को लेकर जोधपुर रवाना हुए। बीच रास्ते में भाई की तबीयत बिगड़ने लगी। देखा तो ऑक्सीजन सप्लाई बंद हो गई थी।

एंबुलेंस ड्राइवर को बोला तो उसने कहा, दूसरा सिलेंडर मंगवा लिया है, लेकिन ओम बन्ना धार्मिक स्थल (रोहट थाना क्षेत्र) के निकट पहुंचे ही थे कि भाई की सांसें थम गईं। उसने मेरी गोदी में ही दम तोड़ दिया। भाई की बॉडी वापस बांगड़ हॉस्पिटल लेकर पहुंचे। देवाराम का आरोप है, कि एंबुलेंस ड्राइवर की लापरवाही से भाई की जान गई है। चार दिन पहले 6 मई को तबीयत बिगड़ने पर उसे बांगड़ हॉस्पिटल में भर्ती करवाया था। कार्रवाई की मांग को लेकर मृतक के परिजन बांगड़ हॉस्पिटल की मोर्चरी के बाहर धरने पर बैठ गए। मृतक की मां का कहना है, कि उनका बेटा में सही होने आया था, लेकिन ड्राइवर की लापरवाही ने उसकी जान ले ली।

जांच के निर्देश, सहमति के बाद धरना खत्म
टीपी नगर थाने के हैड कांस्टेबल बलवंता राम ने बताया, मृतक के परिजनों से समझाइश की गई। सहमति बनने पर परिजन बिना पोस्टमॉर्टम करवाए बॉडी लेकर जाने को तैयार हो गए। उन्होंने धरना खत्म कर दिया है। मृतक किडनी की समस्या से परेशान था। हालांकि सीएमएचओ के स्तर पर मामले में जांच के निर्देश दिए हैं। 

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