राजस्व अदालतों में मुकदमे सुनवाई के पैटर्न में बदलाव : घर से दर्ज होंगे राजस्व मुकदमे, पक्षकार और वकील करेंगे ऑनलाइन पैरवी

अप्रैल तक 1700 राजस्व अदालतों में होगी लागू 

राजस्व अदालतों में मुकदमे सुनवाई के पैटर्न में बदलाव : घर से दर्ज होंगे राजस्व मुकदमे, पक्षकार और वकील करेंगे ऑनलाइन पैरवी

राजस्व अदालतों में मुकदमों की सुनवाई के पैटर्न में बदलाव किया गया है। बदले पैटर्न के बाद अब घर बैठे ही मुकदमे दर्ज किए जा सकेंगे, वहीं पक्षकार और वकील ऑनलाइन पैरवी कर सकेंगे। पूर्व में राजस्व मुकदमों की सुनवाई सामान्यीकृत न्यायालय प्रबंधन प्रणाली पैटर्न पर होती थी, जिसे अब राजस्थान रेवेन्यू कोर्ट मॉडर्नाइजेशन सिस्टम लागू कर दिया गया।

उदयपुर। राजस्व अदालतों में मुकदमों की सुनवाई के पैटर्न में बदलाव किया गया है। बदले पैटर्न के बाद अब घर बैठे ही मुकदमे दर्ज किए जा सकेंगे, वहीं पक्षकार और वकील ऑनलाइन पैरवी कर सकेंगे। पूर्व में राजस्व मुकदमों की सुनवाई सामान्यीकृत न्यायालय प्रबंधन प्रणाली (जीसीएमएस) पैटर्न पर होती थी, जिसे अब राजस्थान रेवेन्यू कोर्ट मॉडर्नाइजेशन सिस्टम (आरआरसीएमएस) लागू कर दिया गया है। फिलहाल इस नई व्यवस्था की शुरूआत प्रदेश की सौ एसडीओ कोर्ट से की गई है, जिसे नए साल के अप्रैल तक प्रदेश के 1700 राजस्व अदालतों में लागू कर दिया जाएगा। नई व्यवस्था में हर रोज की सुनवाई, केस की प्रोसिडिंग स्टेटस और तारीख पर सुनवाई और कार्रवाई तथा फैसला ऑनलाइन देखा जा सकेगा। इससे मुकदमों की सुनवाई प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी। आमजन एवं अधिवक्ता की ओर से राजस्व वाद को ऑनलाइन आवेदन की सुविधा मिलेगी। राजस्व मुकदमे के लिए पेपरलेस सुविधा उपलब्ध होगी। नोटिस तामील एवं मिसल में लगने वाले समय में कमी आएगी।

ई-कोर्ट सिस्टम : ई-फाइलिंग, ई-नोटिस जारी हो सकेंगे
नई व्यवस्था में मुकदमों की ई-फाइलिंग होगी। संबंधित पक्षकार को ई-नोटिस जारी होने के बाद फाइल ऑनलाइन ही चलेगी। मुकदमों की वर्चुअल सुनवाई होगी। अधीनस्थ अदालतों से मुकदमों की फाइल ई-तलब से मंगवाई जाएंगी। कामकाज में पारदर्शिता आएगी। अर्जेंट हियरिंग, किसी पक्षकार की मौत होने जानकारी, वारिसान को जोड़ने सहित अन्य जानकारी दोनों पक्षों को ऑनलाइन मिल सकेगी। मुकदमा दायर करने के दौरान दस्तावेज की कमी की जानकारी भी ऑन लाइन मिल सकेगी।

 सुप्रीम कोर्ट, हाईकोर्ट और एनजीटी में ई-कोर्ट
वर्तमान में सुप्रीम कोर्ट, हाईकोर्ट तथा नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) में यह व्यवस्था लागू है। उदयपुर के पर्यावरण, झील, मास्टर प्लान तथा स्मार्ट सिटी के प्रकरणों की सुनवाई होती है लेकिन संबंधित पक्ष उदयपुर से ही ऑनलाइन प्रणाली से ही अपने मुकदमे की पैरवी करते हैं। सुनवाई के बाद निर्णय भी ऑनलाइन उपलब्ध हो जाता है। इसमें मुकदमे की जानकारी, कॉजलिस्ट, अंतरिम आदेश की प्रति तथा अंतरिम आदेश की प्रति प्राप्त की जा सकेगी। 

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