डीएनए मिलान से नाबालिग से दुष्कर्म की पुष्टि : अभियुक्त को उम्रकैद, 60 वर्षीय बुजुर्ग ने किया था दुष्कर्म
विभिन्न धाराओं में आजीवन कारावास एवं जुर्माने की सजा
परिजनों की गैर मौजूदगी में घर में घुसकर सातवीं कक्षा में पढ़ने वाली 14 वर्षीय किशोरी से दुष्कर्म कर उसे गर्भवती करने के मामले में पोक्सो न्यायालय क्रम एक के पीठासीन अधिकारी अरुण जैन ने 60 वर्षीय अभियुक्त को विभिन्न धाराओं में आजीवन कारावास एवं जुर्माने की सजा सुनाई।
उदयपुर। परिजनों की गैर मौजूदगी में घर में घुसकर सातवीं कक्षा में पढ़ने वाली 14 वर्षीय किशोरी से दुष्कर्म कर उसे गर्भवती करने के मामले में पोक्सो न्यायालय क्रम एक के पीठासीन अधिकारी अरुण जैन ने 60 वर्षीय अभियुक्त को विभिन्न धाराओं में आजीवन कारावास एवं जुर्माने की सजा सुनाई। मामले में डीएनए रिपोर्ट से यह पुष्टि हुई कि किशोरी के गर्भवती होने के बाद कराए गए गर्भपात से पहले लिए गए सैंपल में जैविक पिता अभियुक्त ही था। प्रकरण के अनुसार पीड़िता के पिता ने थाने में 26 फरवरी 2025 को रिपोर्ट दी।
इसमें बताया कि आरोपी धुला पुत्र स्व. लाला निवासी वाव फला पीपली बी उसके घर में दोपहर करीब एक बजे घुसा और उसकी नाबालिग पुत्री से दुष्कर्म किया। तीन माह बाद पता चला कि पुत्री गर्भवती है। अस्पताल में उसका इलाज चला और गर्भपात कराया गया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में आरोप पत्र पेश किया। दोनों पक्षों की बहस सुनने के उपरांत पीठासीन अधिकारी ने अभियुक्त धुला को बीएनएस की धारा 332 (ख) में 5 साल कठोर कारावास एवं 50 हजार रुपए जुर्माना तथा धारा 64 (1) में आजीवन कारावास व 50 हजार रुपए जुमार्ने की सजा सुनाई।

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