अधिकांश पण्डितों का मत... होली दहन दो और धुलण्डी तीन मार्च को
पूर्व राजपरिवार की ओर से होलिका दहन दो की मध्य रात्रि में
जयपुर के आराध्य गोविन्द देवजी में होली दो और धुलण्डी तीन मार्च को होगी
जयपुर। इस साल होली का दहन दो मार्च को होगा, जबकि धुलण्डी को लेकर विद्वानों में दो मत सामने आ रहे हैं। कुछ विद्वानों का मानना है कि धुलण्डी तीन को होगी, जबकि कुछ यह मानते हैं कि धुलण्डी चार मार्च को मनाई जाएगी। जयपुर के आराध्य देव गोविन्द देवजी में होली दो और धुलण्डी तीन मार्च को मनाई जाएगी। जयपुर के पूर्व राजपरिवार की ओर से होली का दहन दो मार्च की मध्य रात्रि में किया जाएगा और धुलण्डी तीन मार्च को मनाई जाएगी। पण्डित अनीश व्यास और पण्डित महेन्द्र मिश्रा के अनुसार धर्मसिंधु के प्रमाणानुसार दो मार्च सोमवार को शाम 6.24 से 6.36 बजे होली का दहन करना श्रेष्ठ रहेगा। उसके बाद होली का दहन रात 1.26 से 2.38 के बीच करना श्रेष्ठ समय है। अगले दिन तीन मार्च को होली को धुलण्डी रंगों का उत्सव मनाया जाएगा। जबकि ज्योतिषाचार्य डॉ.पुरुषोतम गौड़ का मानना है कि होली दहन तो दो मार्च को होगा, लेकिन चन्द्र ग्रहण होने के कारण धुलण्डी तीन मार्च के बजाए चार मार्च को मनाना श्रेष्ठ होगा।
साल का पहला चन्द्र ग्रहण तीन मार्च को
साल का पहला चंद्र ग्रहण मंगलवार 3 मार्च को लगेगा। यह खण्डग्रास चंद्र ग्रहण होगा। यह ग्रहण भारत के साथ-साथ एशिया, आस्ट्रेलिया, उत्तरी और दक्षिणी अमेरिका जैसे कई देशों में दिखाई देगा। चूंकि, भारत में यह ग्रहण दिखेगा, इसलिए यहां इसका सूतक काल भी मान्य होगा। पाल बालाजी ज्योतिष संस्थान जयपुर के निदेशक ज्योतिषाचार्य अनीष व्यास ने बताया कि 3 मार्च को चंद्र ग्रहण लगने जा रहा है। यह भारत में नजर आएगा और इसका सूतक काल भी प्रभावी रहने वाला है।

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