space technology
<% catList.forEach(function(cat){ %> <%= cat.label %> <% }); %>
<%- node_title %>
Published On
By <%= createdBy.user_fullname %>
<%- node_title %>
Published On
By <%= createdBy.user_fullname %>
<% if(node_description!==false) { %> <%= node_description %>
<% } %> <% catList.forEach(function(cat){ %> <%= cat.label %> <% }); %>
Read More... इसरो का बड़ा मिशन तैयार! 4 सितंबर तड़के GSLV-F17 से EOS-05 का प्रक्षेपण, अंतरिक्ष निगरानी को मिलेगी नई ताकत
Published On
By Jaipur NM
इसरो चार सितंबर को श्रीहरिकोटा से जीएसएलवी-एफ17 रॉकेट के जरिए पृथ्वी अवलोकन उपग्रह ईओएस-05 (जीसैट-1ए) का प्रक्षेपण करेगा। भू-समकालिक कक्षा में स्थापित होने वाला यह भारत का पहला इमेजिंग उपग्रह होगा, जो पर्यावरण निगरानी, आपदा प्रबंधन और देश के भूभाग की रियल-टाइम तस्वीरें उपलब्ध कराने में मदद करेगा। नेपाल की विनाशकारी बाढ़ पर NISAR की भूमिका पर सवाल, एक साल बाद भी सैटेलाइट से मिले डेटा का सार्वजनिक विश्लेषण क्यों नहीं?
Published On
By Jaipur NM
नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ के बाद भारत-अमेरिका के संयुक्त निसार (NISAR) सैटेलाइट मिशन पर सवाल उठ रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यह 1.3 अरब डॉलर का अर्थ-इमेजिंग सैटेलाइट तत्कालीन चेतावनी देने के लिए नहीं, बल्कि दीर्घकालिक वैज्ञानिक डेटा जुटाने के लिए बनाया गया है, जिसकी टाइम सीरीज अभी तैयार की जा रही है। SSLV के पहले चरण के बेहतर संस्करण का सफल परीक्षण, 600 से अधिक अलग-अलग मानकों की जांच : ISRO
Published On
By Jaipur NM
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने श्रीहरिकोटा में छोटे उपग्रह प्रक्षेपण यान (एसएसएलवी) के पहले चरण (एसएस1) के उन्नत संस्करण का सफल जमीनी परीक्षण पूरा कर लिया है। इस सुधार से रॉकेट की क्षमता में लगभग 100 किलोग्राम अतिरिक्त पेलोड ले जाने की बढ़ोतरी होगी। 53 साल बाद चांद पर इंसान भेजने की तैयारी: नासा के चंद्रमा मिशन आर्टेमिस-II के लिए उल्टी गिनती शुरू, जानें क्या है इसके पीछे की वजह?
Published On
By Jaipur NM
नासा ने ऐतिहासिक आर्टेमिस-II मिशन के लिए उल्टी गिनती शुरू कर दी है। चार अंतरिक्ष यात्री 1 अप्रैल को चंद्रमा की 10 दिवसीय यात्रा पर रवाना होंगे। कैनेडी स्पेस सेंटर पर रॉकेट में ईंधन भरने और प्रणालियों की जांच का काम जारी है। यह मिशन भविष्य के मानव चंद्रमा अभियानों के लिए ओरियन अंतरिक्ष यान की जीवन रक्षक प्रणालियों का परीक्षण करेगा। अन्तरिक्ष प्रौद्योगिकी की ओर अग्रसर भारत
Published On
By Jaipur
चन्द्रयान-1 ही था जिसने 2008 में चन्द्रमा की सतह पर पहली बार पानी की उपस्थिति के साक्ष्य पूरी दुनिया को प्रस्तुत किए थे। 