निकाय चुनाव : के.सी वेणुगोपाल के निर्देश के बावजूद क्रॉस वोटिंग की जांच अटकी, अभी कमेटी तक नहीं बनी

अलवर में भी नहीं संभली स्थिति

निकाय चुनाव : के.सी वेणुगोपाल के निर्देश के बावजूद क्रॉस वोटिंग की जांच अटकी, अभी कमेटी तक नहीं बनी
निकाय चुनाव में कांग्रेस की हार के बाद क्रॉस वोटिंग और फ्लोर मैनेजमेंट की शिकायतों की जांच के लिए कमेटी का गठन 11 दिन बाद भी नहीं हुआ। केसी वेणुगोपाल ने पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा को दो दिन में कमेटी बनाने के निर्देश दिए थे।

जयपुर। निकाय चुनाव में कांग्रेस की हार के बाद क्रॉस वोटिंग और खराब फ्लोर मैनेजमेंट की शिकायतों की जांच के लिए कमेटी का गठन 11 दिन बाद भी नहीं हो पाया है। राष्ट्रीय संगठन महामंत्री के.सी वेणुगोपाल ने हाल ही में अपने जयपुर दौरे में पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा को दो दिन में कमेटी गठित करने के निर्देश दिए थे। अब सवाल यह है कि यदि जांच कमेटी का गठन ही  अभी लंबित है तो कथित क्रॉस वोटिंग और स्थानीय नेताओं की भूमिका की औपचारिक जांच कैसे आगे बढ़ेगी। कमेटी बनने के बाद ही संबंधित पार्षदों और नेताओं की भूमिका, स्थानीय स्तर पर फ्लोर मैनेजमेंट तथा पार्टी निर्देशों के पालन की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

पाली में सबसे बड़ा उलटफेर :

पाली नगर निगम में कांग्रेस 29 पार्षदों के साथ सबसे बड़ी पार्टी थी, जबकि भाजपा के 21 और निर्दलीयों के 15 पार्षद थे। इसके बावजूद महापौर चुनाव में भाजपा प्रत्याशी नमिता बुबकिया को 33 वोट मिले। कांग्रेस की बागी प्रत्याशी राजबाला हिंगड़ को 29 और कांग्रेस की अधिकृत प्रत्याशी को महज 3 वोट मिले।

जोधपुर में भी फ्लोर मैनेजमेंट पर सवाल :

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जोधपुर नगर निगम में भाजपा और कांग्रेस ने 45-44 वार्ड जीते थे। इसके अलावा एक आरएलपी पार्षद सहित 11 निर्दलीय थे। महापौर चुनाव में भाजपा प्रत्याशी प्रसन्नचंद मेहता को 53 और कांग्रेस प्रत्याशी को 47 वोट मिले।

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पीसीसी ने मांगी रिपोर्ट, कमेटी का इंतजार :

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निकाय चुनाव के बाद प्रदेश कांग्रेस ने भिलवाड़ा, बाड़मेर, धौलपुर, पाली, बीकानेर और अजमेर सहित कई जिलों से रिपोर्ट मांगी है।  प्रदेश अध्यक्ष डोटासरा ने पार्टी प्रत्याशियों के खिलाफ  मतदान, पार्टी सिंबल जारी करने में देरी और स्थानीय स्तर पर पार्टी लाइन का पालन नहीं होने की शिकायतों पर रिपोर्ट मांगने की बात कही।

अजमेर में आंकड़ों ने उठाए सवाल :

अजमेर नगर निगम में कांग्रेस 37 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी थी, जबकि भाजपा के पास 32 सीटें थीं। महापौर चुनाव में भाजपा प्रत्याशी अनामिका शर्मा को 43 और कांग्रेस प्रत्याशी किरण गड़वाल को 37 वोट मिले। कांग्रेस की ओर से निर्दलीय पार्षदों के समर्थन का दावा भी किया गया था। परिणाम के बाद यहां भी क्रॉस वोटिंग की आशंका को लेकर सवाल उठे।

अलवर में भी नहीं संभली स्थिति :

महापौर चुनाव में भाजपा प्रत्याशी को 42 और कांग्रेस प्रत्याशी को 23 वोट मिले।

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