वन्यजीव संरक्षण के लिए चीन ने तैयार की नयी आद्रभूमि संरक्षण व्यवस्था, इकोलॉजिकल प्रयासों को मिलेगा बढ़ावा
बीजिंग में आद्रभूमि संरक्षण को नई मजबूती
बीजिंग ने तालाबों व दलदलों की सुरक्षा हेतु बहु-स्तरीय व्यवस्था लागू की, जिससे 83 प्रतिशत से अधिक आद्रभूमि संरक्षित होकर वन्यजीव विविधता को सुरक्षित आवास मिलेगा।
बीजिंग। चीन की राजधानी बीजिंग ने अपने तालाब और दलदल स्थलों की सुरक्षा के लिए एक बहु-स्तरित संरक्षण व्यवस्था तैयार की है, जिससे उसकी वन्यजीव आबादी को प्रमुख आवास मिलेगा। बीजिंग नगर पालिका वानिकी और उद्यान ब्यूरो ने सोमवार को बताया कि यह नयी व्यवस्था उसके 83.15 प्रतिशत तालाबों और दलदलों (आद्रभूमि) को संरक्षित करती है। ब्यूरो के अनुसार, यह नयी व्यवस्था वन्यजीव विविधता संरक्षण और दूसरे इकोलॉजिकल प्रयासों को बढ़ावा देने के लिए बीजिंग के प्राकृतिक रिजर्व, आद्रभूमि पार्क और दूसरे छोटे संरक्षित आद्रभूमि इलाकों का इस्तेमाल करता है।
पिछले पांच वर्षों में बीजिंग ने आद्रभूमि संरक्षण को बेहतर बनाने का काम जारी रखा गया है। अब तक, नगर पालिका की 61,200 हेक्टेयर आद्रभूमि में 50 प्रतिशत से ज्यादा स्थानीय पौधों की प्रजातियां और 76 प्रतिशत स्थानीय जंगली जानवरों की प्रजातियां रहती हैं। बीजिंग के ये नये प्रयास आद्रभूमि संरक्षण और बहाली में चीन की बड़ी योजना का हिस्सा हैं। हाल के वर्षों में, देश ने कानूनी सुरक्षा उपायों को मजबूत किया है और आद्रभूमि संरक्षण के लिए अपनी प्रबंधन व्यवस्था में सुधार किया है। राष्ट्रीय वानिकी एवं चारागाह प्राधिकरण ने कल कहा कि इसका कुल आद्रभूमि क्षेत्र अब एशिया में पहले और दुनिया में चौथे स्थान पर है।
प्राधिकरण ने कहा कि 15वीं पंचवर्षीय योजना अवधि (2026-2030) के दौरान, चीन आद्रभूमि के लिए अपने कानूनी और नियामक ढांचे में और सुधार करेगा, आद्रभूमि संरक्षण के लिए निगरानी और शुरुआती चेतावनी प्रणालियों को मजबूत करेगा, और आद्रभूमि पारिस्थितिक उत्पादों के मूल्य को महसूस करने के लिए तंत्र स्थापित करने में तेजी लाएगा।

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