अमेरिका द्वारा क्यूबा पर प्रतिबंध लगाने पर क्यूबा की चेतावनी, मिगुएल ने कहा- किसी भी सैन्य हमले से होगा खून-खराबा
क्यूबा की अमेरिका को खुली चेतावनी
अमेरिका द्वारा नए प्रतिबंध लगाए जाने के बाद क्यूबा के राष्ट्रपति मिगेल डियाज-कनेल ने अमेरिका को गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आक्रामक रुख और आर्थिक प्रतिबंधों के बीच, क्यूबा ने स्पष्ट किया है कि वह किसी भी सैन्य हमले के खिलाफ आत्मरक्षा के लिए पूरी तरह तैयार है।
हवाना। अमेरिका द्वारा क्यूबा के कुछ अधिकारियों और सरकारी संस्थाओं पर नये प्रतिबंध लगाये जाने के क्यूबा के राष्ट्रपति मिगेल डियाज-कनेल ने चेतावनी दी है कि क्यूबा पर किसी भी अमेरिकी सैन्य हमले से खून-खराबा होगा और इसके गंभीर परिणाम सामने आएंगे। यह बयान ऐसे समय आया है, जब मीडिया रिपोर्टों में कहा गया है कि क्यूबा प्रशासन भी अमेरिकी ठिकानों पर संभावित हमलों पर विचार कर रहा है। दूसरी ओर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लगातार क्यूबा पर नियंत्रण हासिल करने की इच्छा जता चुके हैं। उन्होंने क्यूबा पर कब्जे को सम्मान बताया था और कहा था कि वह जो चाहें कर सकते हैं। यह चेतावनी अमेरिका द्वारा क्यूबा के 11 अधिकारियों और तीन सरकारी संस्थाओं, जिनमें खुफिया एजेंसी और गृह मंत्रालय शामिल हैं, उन पर प्रतिबंध लगाए जाने के कुछ घंटों बाद आई।
कनेल ने कहा कि क्यूबा किसी देश के लिए खतरा नहीं है, लेकिन किसी भी सैन्य हमले के खिलाफ आत्मरक्षा का उसे पूर्ण अधिकार है। राष्ट्रपति ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में दोनों देशों के संबंधों में भारी गिरावट आई है। ट्रंप प्रशासन अधिकतम दबाव की नीति के तहत हवाना में सत्ता परिवर्तन का प्रयास कर रहा है। अमेरिका ने वेनेजुएला से क्यूबा को होने वाली तेल आपूर्ति भी रोक दी है, जिससे वहां गंभीर ऊर्जा संकट पैदा हो गया है। क्यूबा में लगातार बिजली कटौती के कारण विरोध प्रदर्शन हुए हैं तथा स्कूल, विश्वविद्यालय और अस्पताल प्रभावित हुए हैं। क्यूबा के ऊर्जा मंत्री ने हाल ही में कहा था कि रूस से मिली आपातकालीन तेल सहायता भी समाप्त हो चुकी है, जिससे लंबे समय तक बिजली संकट बने रहने की आशंका है।
इस बीच, प्रमुख शिपिंग कंपनियों हपाग-ल्यॉड और सीएमए सीजीएम ने अमेरिकी नियमों का पालन करते हुए क्यूबा के लिए माल ढुलाई रोकने की घोषणा की है, जिससे खाद्य संकट और गहरा सकता है। तनाव उस समय और बढ़ गया जब अमेरिकी मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया कि क्यूबा ने 300 से अधिक सैन्य ड्रोन हासिल किए हैं और वह गुआनतामो स्थित अमेरिकी नौसैनिक अड्डे तथा अमेरिकी जहाजों को निशाना बनाने की संभावनाओं पर चर्चा कर रहा है। मार्च में ट्रंप ने पत्रकारों से कहा था कि वेनेजुएला पहला कदम था और क्यूबा अगला हो सकता है। उन्होंने कहा था कि क्यूबा पूरी तरह विफल राष्ट्र है और अंतत: उसे अमेरिका के पास आना पड़ेगा। इस बीच, क्यूबा के पूर्व राष्ट्रपति रौल कास्त्रो पर वर्ष 1996 में अमेरिका के नागरिक विमानों को गिराए जाने की घटना में कथित भूमिका को लेकर अभियोग चलाए जाने की संभावना भी जताई जा रही है। क्यूबा के विदेश मंत्री ब्रूनो रोद्रिगेज ने अमेरिका के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि वाशिंगटन क्यूबा के खिलाफ आर्थिक युद्ध और संभावित सैन्य कार्रवाई को उचित ठहराने के लिए झूठा मामला तैयार कर रहा है।

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