अंतरराष्ट्रीय कानून अब खत्म: ईरान-यूएस जंग से भड़का रूस, बुलाई पी-5 देशों की बैठक
रूस ने P-5 देशों की आपात बैठक बुलाने पर दिया जोर
क्रेमलिन प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने चेतावनी दी है कि पश्चिम एशिया में जारी हिंसा के कारण अंतरराष्ट्रीय कानून का वजूद खत्म हो चुका है। रूस ने राष्ट्रपति पुतिन के उस पुराने प्रस्ताव को दोहराया है, जिसमें P-5 (रूस, अमेरिका, चीन, फ्रांस, ब्रिटेन) की बैठक के जरिए वैश्विक स्थिरता बहाल करने की मांग की गई है।
नई दिल्ली। पश्चिमी एशिया के हालात इस वक्त बेहद तनावपूर्ण हैं। अमेरिका और इजरायल की तरफ से ईरान पर जो हमले हुए हैं, उसने पूरी दुनिया की चिंता बढ़ा दी है। इस बीच रूस ने एक बहुत बड़ा और कड़ा बयान दिया है. रूस का कहना है कि जिस अंतरराष्ट्रीय कानून की हम बात करते हैं, वह अब लगभग खत्म हो चुका है। इसी बिगड़ते माहौल को देखते हुए रूस ने अब राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के उस पुराने प्रस्ताव को फिर से सबके सामने रखा है, जिसमें संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के पांच स्थायी सदस्यों (पी-5) की बैठक बुलाने की सलाह दी गई थी।
सिर्फ कागजों पर रह गया है कानून
रूस के सरकारी टीवी रूसिया को दिए एक इंटरव्यू में क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने बहुत खरी-खरी बात कही। उन्होंने कहा कि आज के दौर में हमने वह सब कुछ खो दिया है जिसे अंतरराष्ट्रीय कानून कहा जाता था। पेसकोव ने सवाल उठाया कि जब कानून का कोई वजूद ही नहीं बचा, तो भला किसी से इसके नियमों और सिद्धांतों को मानने के लिए कैसे कहा जा सकता है?
उन्होंने इस स्थिति को समझाने के लिए दो शब्दों का इस्तेमाल किया। उनका कहना था कि अंतरराष्ट्रीय कानून कानून के मुताबिक, किताबों या कागजों में दिख सकता है, लेकिन वास्तविक रूप से जमीनी हकीकत में इसका अब कोई नामोनिशान नहीं रह गया है। पेसकोव ने जोर देकर कहा कि आज दुनिया में कोई भी यह साफ-साफ नहीं बता सकता कि अंतरराष्ट्रीय कानून आखिर है क्या? ऐसे में किसी को इसके पालन के लिए कहना बेमानी है।
कोरोना महामारी से पहले पुतिन ने एक प्रस्ताव दिया था कि दुनिया की पांच बड़ी ताकतें (रूस, अमेरिका, चीन, फ्रांस और ब्रिटेन) एक साथ बैठें और वैश्विक सुरक्षा और स्थिरता पर चर्चा करें। आज के हालात को देखते हुए इस प्रस्ताव पर फिर से गौर करना बहुत जरूरी हो गया है।

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