अमेरिका-जीसीसी गठजोड़ पर ईरान का पलटवार, विदेशी दखल को बताया खतरा

मिसाइल और ड्रोन क्षमताओं की रक्षा के लिए प्रतिबद्धता दोहराई

अमेरिका-जीसीसी गठजोड़ पर ईरान का पलटवार, विदेशी दखल को बताया खतरा
ईरान ने अमेरिका और खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) के संयुक्त बयान की कड़ी निंदा करते हुए इसे गैर-जिम्मेदाराना बताया है। ईरान का कहना है कि क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य उपस्थिति ही असुरक्षा और विभाजन का मुख्य कारण है। उसने अपनी संप्रभुता, मिसाइल और ड्रोन क्षमताओं की रक्षा के लिए प्रतिबद्धता दोहराई है।

तेहरान। ईरान ने शुक्रवार को खाड़ी सहयोग परिषद (जीसीसी) और अमेरिका के जारी संयुक्त बयान की कड़ी निंदा करते हुए 'हस्तक्षेपकारी, गैर-जिम्मेदाराना और उकसाने वाला' बताते हुए यह कहकर खारिज कर दिया है कि यह क्षेत्र में टकराव बढ़ाने वाली नीति है। यह बयान 25 जून को बहरीन में आयोजित जीसीसी-अमेरिका मंत्री स्तरीय बैठक के बाद आया है, जहां अमेरिकी विदेश मंत्री और जीसीसी के विदेश मंत्रियों ने संयुक्त विज्ञप्ति जारी की थी। ईरान ने कहा कि इस दस्तावेज में शत्रुतापूर्ण रुख अपनाया गया है और क्षेत्रीय मामलों में दखलंदाजी को दोहराया गया है। उसने जीसीसी सदस्य देशों की सुरक्षा के प्रति अमेरिका की 'स्थायी प्रतिबद्धता' के दावे को 'महज बयानबाजी' और सच्चाई को तोड़-मरोड़ कर पेश करना बताया। ईरान का तर्क है कि इस क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य उपस्थिति असुरक्षा और विभाजन का कारण बन गयी है।

ईरान ने कहा कि हाल ही में उस पर हुए अमेरिकी-इजरायली हमलों के दौरान क्षेत्रीय देशों में सैन्य ठिकानों और सुविधाओं का इस्तेमाल इस बात का सबूत है कि अमेरिका अपने क्षेत्रीय सहयोगियों की सुरक्षा को कोई अहमियत नहीं देता। क्षेत्र में अमेरिका की भूमिका पर सवाल उठाते हुए ईरान ने कहा, "जीसीसी की सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता का अमेरिकी दावा सच्चाई को तोड़ना-मरोड़ना है।" उसने कहा, "इस क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य उपस्थिति महज बोझ है, जो क्षेत्र के लोगों पर थोपा गया है और यह असुरक्षा तथा विभाजन का स्रोत रहा है।"

अपने बयान में मंत्रालय ने खाड़ी अरब देशों से ईरान के खिलाफ किसी भी कार्रवाई को बढ़ावा देने से बचने का आग्रह किया। ईरान ने उनसे अपील की है कि वे 'अपने क्षेत्रों और सुविधाओं का उपयोग गैर-कानूनी कृत्यों की योजना बनाने, समर्थन करने या उन्हें अंजाम देने' के लिए न होने दें। ईरान ने क्षेत्रीय देशों से अपने रुख पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया। उसने कहा कि अंतरराष्ट्रीय कानून और अच्छे पड़ोसी होने के सिद्धांतों के तहत इन देशों का यह दायित्व है कि वे किसी तीसरे पक्ष को ईरान के खिलाफ शत्रुतापूर्ण गतिविधियों के लिए अपनी धरती का उपयोग करने से रोकें। उसने ईरान के परमाणु कार्यक्रम से जुड़े आरोपों को खारिज करते हुए क्षेत्रीय सरकारों पर 'परमाणु हथियारों से मुक्त' पश्चिम एशिया का समर्थन करने के लिए भी दबाव डाला।.

ईरान ने इसके साथ ही जीसीसी के सदस्य देशों से पश्चिम एशिया में परमाणु हथियारों से मुक्त क्षेत्र स्थापित करने के लिए ईरान से सहयोग करने का आग्रह किया। ईरान की मिसाइल और ड्रोन क्षमताओं की आलोचना करने के लिए जीसीसी-अमेरिका संयुक्त विज्ञप्ति पर तीखा हमला करते हुए ईरान ने कहा कि वह अपनी संप्रभुता और सैन्य प्रतिरोधक क्षमता की रक्षा करने में 'बिल्कुल भी ढिलाई' नहीं बरतेगा। उसने फिलिस्तीनी-लेबनानी सशस्त्र समूहों को 'ईरानी प्रॉक्सी' बताने के मामले में अमेरिका-इजरायल के सुर में सुर मिलाने वाले खाड़ी देशों के रुख पर भी सवाल उठाया। ईरान ने इसके विपरीत यह तर्क दिया कि इजरायल खुद इस क्षेत्र में प्राथमिक प्रॉक्सी के रूप में काम करता है।समुद्री सुरक्षा पर ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर अपने रुख का बचाव किया। उसने कहा कि इस जलमार्ग में कोई भी व्यवधान हालिया अमेरिकी और इजरायली कार्रवाइयों का नतीजा था। उसने दावा किया कि यह जलडमरूमध्य ईरान-ओमान के क्षेत्रीय समुद्र तट के भीतर आता है और इसका प्रबंधन ओमान के साथ हाल ही में हुए एक समझौता पत्र (एमओयू) के तहत संचालित होता है।

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ईरान ने जीसीसी देशों से अपने क्षेत्रीय सुरक्षा दृष्टिकोण पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया। उसने इस बात पर जोर दिया कि स्थायी स्थिरता विदेशी सैन्य उपस्थिति के बिना केवल क्षेत्रीय देशों के बीच सहयोग के माध्यम से ही हासिल की जा सकती है।ईरान का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब सिंगापुर के नौवहन अधिकारियों ने रिपोर्ट दी है कि होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे एक जहाज पर 'बिना उकसावे के और अनुचित' हमला किया गया, हालांकि चालक दल के सदस्य सुरक्षित हैं और जहाज ने अपनी यात्रा जारी रखी है। ईरानी बयान में अपने इस पुराने रुख को भी दोहराया गया है कि क्षेत्रीय सुरक्षा को बाहरी सैन्य उपस्थिति के बिना क्षेत्रीय देशों द्वारा ही संभाला जाना चाहिए, क्योंकि विदेशी संलिप्तता ने बार-बार स्थिरता को नुकसान पहुंचाया है

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