अमेरिका को आईआरजीसी की कड़ी चेतावनी: कहा-ईरान के खिलाफ हर हमले का मिलेगा करारा जवाब; अमेरिका हमारी क्षमताओं को नहीं जानता, युद्धक्षेत्र में इसका होगा अनुभव
ईरान की जवाबी चेतावनी: ट्रंप की धमकी पर IRGC का कड़ा प्रहार
इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को सीधी चेतावनी दी है। ईरान ने स्पष्ट किया कि यदि उसके बिजली संयंत्रों को निशाना बनाया गया, तो अमेरिकी सैन्य ठिकानों और आर्थिक केंद्रों पर बराबर और घातक पलटवार होगा। 'ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस-4' के तहत ईरान ने अपनी सैन्य क्षमता और प्रतिरोधक शक्ति का प्रदर्शन करने का संकल्प दोहराया है।
तेहरान। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉप्र्स (आईआरजीसी) ने अमेरिका को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि ईरान के खिलाफ किसी भी खतरे का बराबर और प्रतिरोधक जवाब दिया जाएगा। आईआरजीसी ने सोमवार को जारी बयान में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उन आरोपों का जवाब दिया, जिनमें कहा गया था कि ईरानी बल क्षेत्रीय जल विलवणीकरण संयंत्रों को निशाना बना सकते हैं।
आईआरजीसी ने आरोप लगाया कि युद्ध की शुरुआत अमेरिकी सेना ने की और अब तक बच्चों सहित कई नागरिकों को निशाना बनाया है। बयान में कहा गया कि अमेरिकी हमलों में जल अवसंरचना को भी नुकसान पहुंचाया गया, जिसमें क़ेश्म द्वीप का विलवणीकरण संयंत्र शामिल है। कोर ने स्पष्ट किया कि उसने ऐसे किसी हमले को अंजाम नहीं दिया है और इन आरोपों को खारिज किया। बयान में कहा गया कि अमेरिकी और सहयोगी बलों द्वारा अस्पतालों, राहत केंद्रों और स्कूलों को निशाना बनाए जाने के बावजूद आईआरजीसी ने अब तक संयम बरता है।
आईआरजीसी ने राष्ट्रपति ट्रंप की उस चेतावनी पर भी प्रतिक्रिया दी, जिसमें ईरान के बिजली संयंत्रों को निशाना बनाने की बात कही गयी थी। ईरानी सेना के प्रवक्ता ने कहा, यदि आप हमारी बिजली आपूर्ति को निशाना बनाते हैं, तो हम भी आपकी बिजली आपूर्ति को निशाना बनाएंगे। आईआरजीसी ने कहा कि यदि कोई हमला होता है तो जवाब में अमेरिकी ठिकानों को बिजली आपूर्ति करने वाले संयंत्रों के साथ-साथ अमेरिकी हितों से जुड़े आर्थिक, औद्योगिक और ऊर्जा प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया जाएगा।
बयान के अंत में आईआरजीसी ने कहा कि वह हर खतरे का उसी स्तर पर जवाब देने के लिए प्रतिबद्ध है, जिससे संतुलन और प्रतिरोधक क्षमता बनी रहे। कोर ने चेतावनी दी, संयुक्त राज्य अमेरिका हमारी क्षमताओं को नहीं जानता, लेकिन उसे युद्धक्षेत्र में इसका अनुभव होगा।उल्लेखनीय है कि, आईआरजीसी ने अपने जारी अभियान ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस-4 के तहत क्षेत्र में कई अमेरिकी और इजरायली ठिकानों पर हमले करने का दावा किया है।

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