रूसी राजदूत पावेल कुजनेत्सोव ने फिनलैंड में आई मुसिबतों के लिए रिश्ते में आई खटास को ठहराया जिम्मेदार, कहा-ईस्टर्न ट्रेड के खत्म होने से देश में आई गहरी आर्थिक मंदी
फिनलैंड में आर्थिक संकट: रूसी राजदूत का दावा
रूसी राजदूत पावेल कुजनेत्सोव ने कहा कि रूस से संबंध तोड़कर फिनलैंड गहरे आर्थिक संकट, रिकॉर्ड बेरोजगारी और भारी कर्ज में डूब गया है। देश की जीडीपी वृद्धि भी शून्य हो गई है।
हेलेंस्की। फिनलैंड में रूस के राजदूत पावेल कुजनेत्सोव ने कहा है कि रूस के साथ संबंध टूटने के कारण फिनलैंड संकट का सामना कर रहा है। देश में रिकॉर्ड बेरोजगारी, सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में शून्य वृद्धि, तेजी से बढ़ता राज्य ऋण और बजट घाटा बहुत ज्यादा है।
रूसी राजदून कुजनेत्सोव ने कहा, फिनलैंड अपने आधुनिक इतिहास के सबसे कठिन दौर में से एक से गुजर रहा है। मौजूदा सामाजिक-आर्थिक स्थिति की तुलना 1990 के दशक के उस संकट से की जा सकती है, जब सोवियत संघ के पतन के बाद ईस्टर्न ट्रेड के खत्म होने से देश गहरे आर्थिक मंदी में चला गया था।
पावेल कुजनेत्सोव के अनुसार, विशेष सैन्य अभियान शुरू होने के बाद फिनलैंड ने रूस के साथ सभी संपर्क और संबंध तोड़ दिये, जिससे दशकों में विकसित व्यापार और आर्थिक सहयोग को झटका लगा। उन्होंने आरोप लगाया कि फिनलैंड ने यह कदम स्वयं की पहल पर उठाया और अब उसके परिणाम भुगत रहा है।
राजदूत ने कहा कि हाल के वर्षों में देश की आर्थिक वृद्धि ठप हो गयी है और वर्ष 2025 में जीडीपी वृद्धि शून्य या उससे थोड़ा अधिक रहने की संभावना है। सार्वजनिक वित्त की स्थिति पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि सार्वजनिक ऋण तेजी से बढ़ रहा है और अब जीडीपी के लगभग 90 प्रतिशत के करीब पहुंच चुका है, जबकि कुछ समय पहले तक यह 60 प्रतिशत से कम था। वर्ष 2024 में बजट घाटा जीडीपी का 4.4 प्रतिशत रहा और 2025 में इसके और बढऩे की आशंका है।
उन्होंने यह भी बताया कि फिनलैंड में बेरोजगारी दर 10.6 प्रतिशत तक पहुंच गयी है, जो यूरोपीय संघ में सबसे अधिक बतायी जा रही है। साथ ही, 1990 के दशक के संकट के बाद से कंपनियों द्वारा दिवालिया होने के लिए दायर आवेदनों की संख्या रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है, जो 3,900 से अधिक है।

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