रूसी विद्वान ने कहा, ब्रिक्स, एससीओ वैश्विक शासन में वैश्विक दक्षिण की भागीदारी को सक्षम बनाते हैं 

ब्रिक्स और एससीओ: वैश्विक दक्षिण की नई आवाज

रूसी विद्वान ने कहा, ब्रिक्स, एससीओ वैश्विक शासन में वैश्विक दक्षिण की भागीदारी को सक्षम बनाते हैं 

रूसी विद्वान आंद्रेई मनोइलो ने कहा कि ब्रिक्स और एससीओ वैश्विक दक्षिण के देशों को वैश्विक शासन में समान भागीदार बना रहे हैं। उन्होंने शिन्हुआ को दिए साक्षात्कार में बताया कि ये संगठन आर्थिक विकास और सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण मंच हैं, जो उभरती अर्थव्यवस्थाओं के बीच सहयोग को बढ़ावा देकर वैश्विक बदलाव के प्रेरक बन रहे हैं।

मास्को। एक रूसी विद्वान ने रविवार कहा कि ब्रिक्स एवं शंघाई सहयोग संगठन वैश्विक दक्षिण के देशों को वैश्विक शासन में सीमांत खिलाड़ी के बजाय समान भागीदार के रूप में सक्षम बनाते हैं। लोमोनोसोव मास्को स्टेट यूनिवर्सिटी के राजनीति विज्ञान के प्रोफेसर आंद्रेई मनोइलो ने शिन्हुआ से एक साक्षात्कार में कहा कि पिछले कुछ वर्षों में ब्रिक्स और एससीओ के साथ जुडऩे वाले देशों की बढ़ती संख्या वैश्विक दक्षिण में उनकी बढ़ती लोकप्रियता को दर्शाती है।

प्रो. मनोइलो ने कहा कि आर्थिक विकास एवं राजनीतिक सुरक्षा को बढ़ावा देने में ब्रिक्स अब दक्षिण-दक्षिण सहयोग के लिए एक महत्वपूर्ण प्रेरक शक्ति बन चुका है। रूसी प्रोफेसर ने कहा कि ब्रिक्स वैश्विक दक्षिण के देशों को वैश्विक मामलों में अपनी उचित भागीदारी का दावा करने के लिए एक मंच प्रदान करता है। उन्होंने आगे कहा कि ब्रिक्स में भागीदारी इन देशों चीन, रूस एवं भारत सहित विश्व की सबसे बड़ी उभरती अर्थव्यवस्थाओं के साथ सहयोग करने का एक मूल्यवान अवसर भी प्रदान करती है।

प्रो. मनोइलो ने यह भी कहा कि कई देश एससीओ को विकास के लिए एक न्यायसंगत एवं व्यावहारिक मार्ग के रूप में देखते हैं। सुरक्षा उद्देश्यों के लिए 2001 में स्थापित एससीओ अपने कार्यों का विस्तार राजनीतिक, आर्थिक एवं अन्य क्षेत्रों में कर चुका है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में एससीओ वैश्विक दक्षिण के देशों को एक-दूसरे के विकास में सहयोग एवं वैश्विक शासन में अपनी जिम्मेदारी निभाने में सक्षम बनाता है। उन्होंने आगे कहा कि अपने विस्तारित कार्यों के साथ, एससीओ न केवल एक मजबूत अंतरराष्ट्रीय संगठन के रूप में विकसित हो रहा है बल्कि वैश्विक परिवर्तन का प्रेरक भी बन रहा है।

प्रो. मनोइलो ने अंत में कहा कि वर्ष 2025 बदलाव का प्रतीक है जिसमें वैश्विक दक्षिण के देश अपनी शक्ति के प्रति तेजी से जागरूक हो रहे हैं और आगे के विकास के लिए सहयोग कर रहे हैं।

Read More अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की कट्टर समर्थक लारा लूमर ने भारत विरोधी टिप्पणियों के लिए मांगी माफी

 

Read More कम पड़ गए 800 अरब! ईरान युद्ध में लागत बढ़ने से पेंटागन ने की 200 अरब डॉलर की मांग, अमेरिकी संसद में छिड़ा सियासी घमासान 

Related Posts

Post Comment

Comment List

Latest News

भीलवाड़ा पुलिस को मिली बड़ी कामयाबी: अवैध गांजे की बरामदगी के मामले में मुख्य आरोपी गिरफ्तार, पूछताछ जारी भीलवाड़ा पुलिस को मिली बड़ी कामयाबी: अवैध गांजे की बरामदगी के मामले में मुख्य आरोपी गिरफ्तार, पूछताछ जारी
भीलवाड़ा पुलिस ने पिछले साल बदायूं के झोपड़ा में पकड़े गए 109 किलो अवैध गांजे के मुख्य आरोपी शिवलाल को...
मायावती का राजनीति दलों पर हमला: बोली-सामाजिक न्याय और समानता के सिद्धांतों पर काम करती है बसपा, जाति और धर्म के आधार पर समाज को बांटने का लगाया आरोप
हज ट्रेनिंग कैम्प में उमड़ी भीड़, पहले दिन 400 से ज्यादा आज़मीने हज ने सीखे अरकान
अजमेर के तबीजी में 35 बीघा सरकारी जमीन पर अवैध खनन, 50 फीट गहरे गड्ढे; प्रशासन पर कार्रवाई नहीं करने के आरोप
इजरायल ने दी ईरान पर आने वाले दिनों में संयुक्त हमले होने की धमकी, कहा ट्रंप और प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के नेतृत्व में अभियान जारी रहेगा
इजरायल पर ईरानी मिसाइलों की बारिश के बीच ट्रंप का विवादित बयान, बोले-विश्व के नक्शे से मिटा देंगे ईरान का नामोनिशान
गजेन्द्र सिंह शेखावत का राहुल गांधी पर निशाना: बोले-अर्थव्यवस्था संबंधी समझ पर ही है प्रश्नचिह्न, पहले अपने गिरेबां में झांक करके देखों फिर कहना...