एन.पी.टी. के आसपास की स्थिति चिंताजनक, पश्चिमी देश इस संधि का कर रहा राजनीतिकरण : रूसी दूत

एनपीटी सम्मेलन में रूस ने पश्चिमी देशों को घेरा

एन.पी.टी. के आसपास की स्थिति चिंताजनक, पश्चिमी देश इस संधि का कर रहा राजनीतिकरण : रूसी दूत

जिनेवा में रूसी राजदूत गेनेडी गैतिलोव ने परमाणु अप्रसार संधि (NPT) के राजनीतिकरण पर चिंता जताई है। उन्होंने फ्रांस द्वारा "रूसी खतरे" के बहाने परमाणु हथियारों के संचय को वैश्विक स्थिरता के लिए जोखिम बताया। रूस ने स्पष्ट किया कि नाटो की शत्रुतापूर्ण योजनाओं का जवाब देने के लिए उनके पास पर्याप्त सुरक्षा उपाय मौजूद हैं।

जिनेवा। जिनेवा में संयुक्त राष्ट्र के लिये रूस के स्थायी प्रतिनिधि गेनेडी गैतिलोव ने 'आर.आई.ए. नोवोस्ती' को दिए एक साक्षात्कार में कहा कि परमाणु अप्रसार संधि (एन.पी.टी.) के आसपास की स्थिति चिंताजनक है, क्योंकि पश्चिमी देश "संधि के मंच पर" कार्यों का राजनीतिकरण करना चाहते हैं। परमाणु अप्रसार संधि का 11वां समीक्षा सम्मेलन सोमवार को न्यूयॉर्क में शुरू हुआ। रूसी राजनयिक ने कहा, "सच कहूं तो, संधि के आसपास की स्थिति चिंताजनक है। पश्चिमी देश एन.पी.टी. मंच पर कार्यों का राजनीतिकरण करना जारी रखे हुए हैं, और संधि से असंबद्ध राष्ट्रीय मुद्दों को चर्चा के केंद्र में ला रहे हैं।"

गैतिलोव ने कहा कि "रूसी खतरे" के बहाने पेरिस परमाणु हथियारों का संचय कर रहा है, जो रूस की सुरक्षा के लिये तत्काल जोखिम पैदा करता है। राजनयिक ने कहा, "फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की 'परमाणु' आकांक्षाओं का हमारे लिये एक महत्वपूर्ण पहलू यह है कि उन्हें एक काल्पनिक रूसी खतरे के माध्यम से उचित ठहराया जा रहा है। हमारा मानना है कि ऐसा घटनाक्रम न केवल रूस की सुरक्षा के लिये तत्काल जोखिम पैदा करता है, बल्कि रणनीतिक स्थिरता पर भी बहुत नकारात्मक प्रभाव डालता है।"

उन्होंने यह भी कहा कि यह "हमारे देश के प्रति फ्रांस और पूरे नाटो सैन्य-राजनीतिक गुट के शत्रुतापूर्ण इरादों की भी पुष्टि करता है।" रूसी राजदूत ने दावा किया कि रूस ने पेरिस द्वारा परमाणु हथियारों के संचय का जवाब देने के लिये पर्याप्त उपाय तैयार किये हैं। राजनयिक ने कहा, "रूसी संघ स्थिति की बारीकी से निगरानी कर रहा है। हम एक जिम्मेदार और संयमित दृष्टिकोण के प्रति प्रतिबद्ध हैं। साथ ही, यदि फ्रांस और अन्य नाटो देशों की उपरोक्त योजनाओं को पूरी तरह से लागू किया जाता है, तो निस्संदेह हमारे पास रूस और उसके नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिये पर्याप्त उपाय मौजूद हैं।"

मैक्रों ने मार्च में घोषणा की थी कि फ्रांस अपनी परमाणु निवारण नीति को मजबूत कर रहा है और उन्होंने परमाणु हथियारों की संख्या बढ़ाने का आदेश दिया था। उन्होंने यह भी कहा था कि फ्रांस को पूरे यूरोप को कवर करने के लिये अपनी परमाणु रणनीति का विस्तार करने पर विचार करना चाहिए। डेनमार्क ने पहले ही फ्रांस के साथ एक रणनीतिक परमाणु निवारण समझौता कर लिया है, जिसका उद्देश्य नाटो के निवारण तंत्र को पूरक बनाना है। पोलैंड भी इस पहल में शामिल होने के लिये पेरिस के साथ बातचीत कर रहा है।

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