REET पर "रार" : रीट पेपर लीक मामले में बोर्ड अध्यक्ष बोले : किरोड़ी मीणा आरोप साबित करें : ऐसा नहीं कर पाएं, तो त्यागपत्र देकर मांगें माफी : जारोली

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बोर्ड अध्यक्ष का सियासी बयान : पीएम की पहचान 10 लाख के सूट वाले से होगी, पूनिया नौसिखिया, वसुंधरा असली नेता

अजमेर। राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष प्रो. डीपी जारोली ने भाजपा सांसद डॉ. किरोड़ीलाल मीणा द्वारा रीट परीक्षा के प्रश्न-पत्र और आंसरशीट लीक करने के लिए बोर्ड प्रशासन को जिम्मेदार ठहराने के आरोपों पर पलटवार करते हुए कहा है कि मीणा दिल्ली दरबार को खुश कर मंत्री बनने की चाहत में सारी मर्यादाएं लांघ रहे हैं।  जारोली ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक पर प्रहार किए।  सोमवार को अजमेर में मीडिया से बातचीत करते हुए प्रो. जारोली ने मीणा के आरोपों को खारिज करने के साथ ही उन्हें चुनौती दी कि वे इन आरोपों को ठोस सबूत के साथ साबित करके बताएं। वे बोर्ड पर जिस आंसरशीट को लीक करने का आरोप लगा रहे हैं, यदि उनके पास है तो उसे इस मामले की जांच कर रही एसओजी को सौंपें। यदि मीणा इन आरोपों को साबित कर देंगे तो वे अपनी उम्रभर की पेंशन और कमाई सरकार के खजाने में जमा करा देंगे। अन्यथा डॉ. मीणा को अपने पद से त्यागपत्र देकर सार्वजनिक रूप से क्षमायाचना करनी होगी।


बोर्ड न कांग्रेस का, न भाजपा का
प्रो. जारोली ने कहा माध्यमिक शिक्षा बोर्ड न तो कांग्रेस का और न ही भाजपा का या मेरा व्यक्तिगत संस्थान है। यह प्रदेश के गठन के समय अजमेरवासियों तथा उस काल के पूर्व शासकों की मांग पर बना है। इसकी पूरी देश में अपनी पैठ है। यह यूपी और बिहार जैसा बोर्ड नहीं है। ऐसी संस्था पर बिना आधार के बेबुनियाद आरोप लगाना शिक्षा जगत से जुड़े पुरोधाओं और अजमेरवासियों का अपमान करना है। आरोप लगाना आसान है, लेकिन आरोप लगाने से पहले अपने गिरेबां में झांकना चाहिए हम क्या हैं? डॉ. मीणा गोपनीय शाखा के जिस पूर्व अधिकारी जीके माथुर पर वर्ष 2016 के जिस प्रकरण को लेकर आरोप लगा रहे हैं। उस समय तो प्रदेश में भाजपा की सरकार थी। यदि माथुर दोषी थे, उनकी सरकार ने उनके विरुद्ध कार्यवाही क्यों नहीं की? किसने रोका था?

आंसरशीट बोर्ड के लॉकर में
उन्होंने कहा डॉ. मीणा ने बोर्ड की गोपनीय शाखा से आंसरशीट लीक होने का निराधार आरोप लगा दिया। उन्हें यह जानकारी नहीं है कि वह आंसरशीट आज तक कहीं भी मुद्रण हेतु प्रेषित नहीं की गई है। आंसरशीट विभिन्न विषय के विशेषज्ञों ने बनाकर लिफाफे में सीलबंद कर स्वयं के हस्ताक्षर कर बोर्ड को सौंपी है। मूल आंसरशीट बोर्ड के लॉकर में सुरक्षित है। उसके लीक होने का आरोप लगाने वाले किरोड़ी बताएं आंसरशीट कहां से बाहर आई? जारोली ने कहा डॉ. मीणा को यह भी भान नहीं है कि पिछले 10 सालों से बोर्ड की गोपनीय शाखा में कभी भी सेवानिवृत्त कार्मिक की सेवाएं नहीं ली जाती हैं। इसलिए यह कहना अनुचित है कि अमुक अधिकारी से सेवानिवृत्ति के बाद बोर्ड की गोपनीय शाखा में कार्य कराया गया।


देवनानी से सीखें पूनिया
जारोली ने रीट के आयोजन को लेकर आरोप लगाने वाले भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया को राजनीति का नौसिखिया खिलाड़ी बताते हुए कहा कि भाजपा में प्रदेश की आवाज बनकर काम करने वाली केवल पूर्व मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे हैं। उन्होंने भाजपा के वरिष्ठ नेताओं से अपील की है कि वे रीट परीक्षा के मामले में करोड़ों लोगों की आकांक्षा पर पानी फेरने वाले नेताओं को सीख दें कि झूठे आरोप लगाना बंद करें। प्रो. जारोली ने कहा उनकी कार्यशैली को लेकर पूर्व शिक्षा मंत्री वासुदेव देवनानी ने भी बोर्ड की कार्य प्रणाली पर कभी अंगुली नहीं उठाई। सांसद मीणा को उनसे सीख लेनी चाहिए।
 

पर्चा लीक हुआ, वायरल नहीं
प्रो.जारोली ने सवाईमाधोपुर के गंगापुर में रीेट के प्रश्न पत्र के लीक होने को स्वीकार करते हुए कहा कि यह प्रश्न-पत्र केवल चार व्यक्तियों के बीच में था, जो बोर्ड कार्यालय से लीक नहीं हुआ है। परीक्षा केन्द्र से लीक हो सकता है, इसकी भी जांच एसओजी और  पुलिस कर रही है। उसकी रिपोर्ट में सच सामने आ जाएगा। उन्होंने कहा महज चार जनों की बीच लीक हुआ पेपर और कहीं वायरल नहीं हुआ, उसके बावजूद डॉ. मीणा अनर्गल आरोप लगा रहे हैं।

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सीएम-सीएस का जताया आभार

प्रो. जारोली ने रीट की परीक्षा के सफल आयोजन के लिए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, सहित मुख्य सचिव निरंजन आर्य और एडीजी लॉ एण्ड आॅर्डर सौरभ श्रीवास्तव का आभार जताया और कहा कि इन्हीं के प्रयासों और सख्ती के कारण रीट की परीक्षा देने पहुंचे कई मुन्नाभाईयों को पकड़ा जा सका है। लेकिन डॉ. किरोड़ी जैसे नेता रातों को जागकर परीक्षा के लिए मेहनत करने वाले 16 लाख अभ्यर्थियों की मेहनत को कलंकित करने का कुत्सित प्रयास कर रहे हैं।
 

प्रधानमंत्री को भी लिया आड़े हाथ
प्रो.जारोली ने कहा महात्मा गांधी को व्यक्तित्व और कृतित्व के कारण राष्ट्रपिता और बापू की पदवी मिली। सुभाषचंद्र बोस को नेताजी, तो पंडित जवाहरलाल नेहरू जनता को दिए असीम प्यार व स्नेह के कारण चाचा नेहरू के नाम से जाने जाते हैं। सरदार पटेल को लौहपुरुष, इंदिरा गांधी को आयरन लेडी, राजीव गांधी को संचार क्रांति का जनक कहा जाता है, तो अटल बिहारी वाजपेयी को देश में स्वर्णित चतुर्भुज सड़कों के कारण विशिष्ट व्यक्तित्व की पहचान मिली, लेकिन  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को 10 लाख का सूट, अडाणी, अंबानी का दोस्त, आर्थिक मंदी, नोटबंदी, एयरपोर्ट और रेलवे स्टेशनों का प्राइवेटाइजेशन के लिए जाना जाएगा।


जयपुर में कॉर्डिनेटर निजी व्यक्ति को क्यों लगाया, पद छोड़ें और घर जाएं: किरोड़ीलाल मीणा

जारोली की सफाई के बाद राज्यसभा सांसद किरोड़ी लाल मीणा ने कहा है कि रीट परीक्षा पेपर लीक से प्रताड़ित अभ्यर्थी आपके इस्तीफे का इंतजार कर रहे हैं। आप पद छोड़ें और घर जाएं। मेरे उनसे सवाल है, वे बताएं कि जयपुर ग्रामीण-शहर में परीक्षा का कॉर्डिनेटर आपने अपने गैर सरकार निजी व्यक्ति  को क्यों लगाया। उनको सरकारी अधिकारियों पर भरोसा नहीं था क्या, यह क्यों ना कहें कि आपकी शह पर पेपर लीक नहीं हुआ। शिक्षा मंत्री गोविन्द सिंह डोटासरा मेरे आंदोलन समाप्त करने पर बयान दे रहे हैं, उन्हें भी कहना चाहता हूं कि मैंने आंदोलन स्थगित किया है, समाप्त नहीं। प्रदेश पदाधिकारियों के निर्देशानुसार जल्द ही पार्टी के विधायक-कार्यकर्ता प्रदेशव्यापी आंदोलन करेंगे। मैं जीवन में आखिरी क्षण तक अभ्यर्थियों के लिए लडूंगा। आपको न्याय दिलाऊंगा, आप धैर्य रखें।

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