बदहाली: दो साल से गंदे पानी से निकलने को मजबूर विद्यार्थी और ग्रामीण

लोधा की झोपड़िया गांव के बीचों बीच के हालात: पानी की निकासी की सुव्यवस्थित न होने से स्थिति खराब, आए दिन फिसलने से हो जाते है हादसे

बदहाली: दो साल से गंदे पानी से निकलने को मजबूर विद्यार्थी और ग्रामीण

मुख्य मार्ग के पानी में से होकर के छात्र-छात्राओं को भी स्कूल जाना पड़ता है। बरसात के दिनों में अधिक पानी भर जाने से कपड़ों को ऊंचे लेकर के गुजरना पड़ता है। छात्र-छात्राएं संतुलन बिगड़ जाने से फिसल करके चोटिल हो जाते हैं।

दबलाना। कस्बा पंचायत के राजस्व गांव लोधा की झोपड़िया में गांव के बीचों बीच प्रमुख मार्ग में पानी निकासी की व्यवस्था ना होने से बीते 2 वर्षों से ग्रामीण एवं छात्र-छात्राएं  पानी में से गुजरने को मजबूर हैं।  मुख्य मार्ग के पानी में से होकर के छात्र-छात्राओं को भी स्कूल जाना पड़ता है। कई बार छात्र-छात्राएं संतुलन बिगड़ जाने से फिसल करके चोटिल हो जाते हैं। 2 वर्षों से पानी में से निकलने की पीड़ा से ग्रामीणों के 17 नवंबर को जिला कलक्टर की त्रि स्तरीय जनसुनवाई में कलेक्टर को लिखित में  अवगत करवाया था। जिस पर  कलक्टर ने  गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों को  समस्या समाधान के निर्देश देने पर भी पानी निकासी के लिए नाली निर्माण के कार्य में अब तक का प्रगति नहीं है ’ हालांकि मंगलवार को ग्राम विकास अधिकारी हरिओम शर्मा ,रोजगार सहायक नंदलाल यादव, कनिष्ठ सहायक मुकेश दरोगा जेसीबी से  एक साइड पर तो नाली निर्माण के लिए  ड्रेन से खुदाई करवाई । ग्रामीणों ने दूसरी साइड पर ड्रेन खुदाने की बात कही तो जेसीबी को दूसरी साइड पर लगाते ही कुछ ग्रामीणों ने एसडीएम कोर्ट का स्टे बता दिया। पंचायतकर्मी जबरदस्ती जेसीबी से खुदाई करवाने लगे तो ग्रामीणों के विरोध करने पर कार्य बंद कर दिया। स्वच्छ भारत मिशन के नियमों की भी अनदेखी  हो रही है। एक और जहां स्वच्छ भारत मिशन के तहत यह कहा जाता है कि घर एवं उसके आसपास पानी जमा ना रहने दे। उससे पैदा होने वाले  मच्छरों के काटने से कई प्रकार की बीमारियां पैदा होती है तथा गंदगी बनी रहती है।

पानी भरने की समस्या पर बच्चों को स्कूल से ले गए थे अभिभावक
ग्रामीण रमेश लोधा, कन्हैयालाल लोधा ने कहा कि मुख्य मार्ग के पानी में से होकर के छात्र-छात्राओं को भी स्कूल जाना पड़ता है। बरसात के दिनों में अधिक पानी भर जाने से कपड़ों को ऊंचे लेकर के गुजरना पड़ता है।  छात्र-छात्राएं संतुलन बिगड़ जाने से फिसल करके चोटिल  हो जाते हैं। समस्या से परेशान होकर के अभिभावकों ने 3 सितंबर को मिडिल स्कूल के प्रधानाध्यापक को ज्ञापन में बताया था कि जब तक पानी निकासी की व्यवस्था नहीं हो जाती तब तक हम स्वेच्छा से छात्र-छात्राओं को घर ले जा रहे हैं। इसके बाद उच्च अधिकारियों के निर्देश से पीइइओ बालकृष्ण गौतम स्कूल में पहुंचे। समस्या समाधान के लिए सरपंच को भी बुलाया। स्कूल स्टाफ के सहयोग से  अभिभावकों को  बुलवा करके समस्या पर चर्चा करने पर सरपंच ने कहा कि  अभी मेरा स्वास्थ्य खराब है। शीघ्र ही नाली का निर्माण करवा करके पानी की निकासी कराई जाएगी।  अभिभावकों ने छात्र छात्राओं को स्कूल भेजना शुरू कर दिया ’ फिर भी समस्या का समाधान नहीं होने से जिला कलक्टर से निवेदन करना पड़ा। ग्रामीण अंबालाल लोधा, गणेश ने कहा कि समस्या से कई बार सरपंच को भी अवगत कराया हुआ है,लेकिन अब तक भी 2 वर्षों से नाली का निर्माण ना होने से समस्या का समाधान नहीं हुआ। 

मंगलवार को एक साइड पर खुदाई करवाई। दूसरी साइड पर जेसीबी मशीन ले  जाने पर रामलाल ने कोर्ट का स्टे बता दिया और विरोध करने लगे। ऐसे में कार्य को रोक कर बीडीओ एवं एसडीएम  हिंडोली, नायब तहसीलदार  दबलाना को लिखा गया है। 
- हरिओम शर्मा, ग्राम विकास अधिकारी 

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आबादी भूमि में पंचायत को योजना बनाकर पानी निकासी के लिए नाली निर्माण करवाना चाहिए। ताकि लोगों को परेशानी का सामना नहीं करना पड़े। उच्च अधिकारियों के आदेश व निर्देश की पालना की जाएगी। 
- भूपेंद्र सिंह, दबलाना नायब तहसीलदार 

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