आर्थिक संकट का कोटा के सहकारी बैंकों पर नहीं प्रभाव

दीर्घकालीन दृष्टि से भी बैंकों में नहीं जोखिम की स्थिति

आर्थिक संकट का कोटा के सहकारी बैंकों पर नहीं प्रभाव

कोटा के नागरिक सहकारी बैंक व महिला नागरिक सहकारी बैंक से संबंधित स्थिति की जानकारी ली गई। जिसमें पता चला कि कोटा के सहकारी बैंकों पर वैश्विक आर्थिक मंदी का कोई प्रभाव नहीं है। साथ ही दीर्घकालीन जोखिम की स्थिति भी नहीं है।

कोटा। वैश्विक आर्थिक संकट व मंदी का कोटा के सहकारी बैंकों पर कोई प्रभाव नहीं है। अल्प कालीन व दीर्घकालीन दृष्टि से भी बैंकों के सामने जोखिम की कोई स्थिति नहीं है। वैश्विक आर्थिक मंदी के बीच विश्व के बैकिंग सेक्टर में मची उथल पुथल पर चिंता जाहिर करते हुए केन्द्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने दो दिन पहले देश के सहकारी  बैंकों के प्रमुखों के साथ बैठक की थी। जिसमें वैश्विक आर्थिक मंदी को देखते हुए बैंकों द्वारा उपभोक्ताओं को दिए जाने वाले लोन के विभिन्न बिन्दुओं की पहचान करते हुए जोखिम को कम से कम करने के लिए कहा गया। केन्द्रीय वित्त मंत्री द्वारा जताई गई इस चिंता के बाद जब कोटा के नागरिक सहकारी बैंक व महिला नागरिक सहकारी बैंक से संबंधित स्थिति की जानकारी ली गई। जिसमें पता चला कि कोटा के सहकारी बैंकों  पर वैश्विक आर्थिक मंदी का कोई प्रभाव नहीं है। साथ ही दीर्घकालीन जोखिम की स्थिति भी नहीं है। इसका कारण बैंकों द्वारा ग्राहकों को लोन देते समय गारंटी के रूप में अचल सम्पति मकान व सोने को लिया जाता है।

 कोटा नागरिक सहकारी बैंक के चेयरमैन  राजेश कृष्ण बिरला से बातचीत

सवाल: वैश्विक आर्थिक संकट को लेकर केन्द्रीय वित्त मंत्री ने जो चिंता जाहिर की है उसका कोटा के सहकारी बैंकों पर कितना प्रभाव पड़ेगा।
जवाब: वैश्विक आर्थिक संकट पर वित्त मंत्री का चिंता जाहिर करना वाजिब है। लेकिन कोटा के नागरिक सहकारी बैंक पर इसका कोई प्रभाव नहीं है।  सहकारी बैंक रिजर्व बैंक आॅफ इंडिया के सभी नियमों की सख्ती से पालना कर रहा है।

सवाल: ग्राहकों को लोन देने के लिए बैंक के क्या पैरामीटर है।
जवाब: ग्राहकों को बैंक द्वारा हर साल करोड़ों रुपए का लोन दिया जा रहा है। लेकिन लोन देने से पहले ग्राहक से गारंटी के रूप में उसके मकान व सोने के जेवरात को रखा जाता है।

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सवाल: बैंक के सामने जोखिम की कोई संभावना है क्या
जवाब: बैंक के सामने जोखिम की कोई संभावना नहीं है। इसका कारण बैंक में दिए गए लोन के बदले करीब 400 करोड़ रुपए से अधिक की अचल सम्पति बतौर गारंटी रखी हुई है। समय पर लोन नहीं चुकाने की स्थिति में बैंक उसके मकान को बेच सकता है।

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सवाल: बैंक के एनपीए की क्या स्थिति है।
जवाब: बैंक की वर्तमान में नेट एनपीए 5 ्रफीसदी से भी कम है। जबकि ग्रोस एनपीए 20 फीसदी से कम है। 

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सवाल: बैंक की वित्तीय स्थिति कैसी है।
जवाब: बैंक की वित्तीय स्थिति काफी सुदृढ़ है। 

सवाल: बैंक के सामने किसी तरह की जोखिम की संभावना है
जवाब: बैंक के सामने किसी तरह की जोखिम की कोई संभावना नहीं है। बैंक बिना गारंटी को एक रुपए का भी लोन नहीं देता है।  बैंक के पास ग्राहकों को दिए लोन के बदले करोड़ों रुपए की अचल सम्पति जमा है। 

कोटा महिला नागरिक सहकारी बैंक की  चेयरमैन मंजू बिरला से बातचीत

सवाल: वैश्विक आर्थिक संकट को लेकर केन्द्रीय वित्त मंत्री ने जो चिंता जाहिर की है उसका कोटा के महिला नागरिक सहकारी बैंक पर कितना प्रभाव पड़ेगा
जवाब: वैश्विक आर्थिक मंदी का कोटा के महिला नागरिक सहकारी बैंक पर कोई प्रभाव नहीं है। 

सवाल: ग्राहकों को लोन देने के लिए बैंक के क्या पैरामीटर है।
जवाब: ग्राहकों को बैंक द्वारा हर साल करोड़ों रुपए का लोन दिया जा रहा है। लेकिन लोन देने से पहले ग्राहक से गारंटी के रूप में उसके मकान व सोने के जेवरात को रखा जाता है।

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सवाल: बैंक के सामने जोखिम की कोई संभावना है क्या
जवाब: बैंक के सामने जोखिम की कोई संभावना नहीं है। इसका कारण बैंक में दिए गए लोन के बदले अचल सम्पति बतौर गारंटी रखी हुई है। समय पर लोन नहीं चुकाने की स्थिति में बैंक उनसे ब्याज लेता है। ग्राहकों की अचल सम्पति को बेच सकता है।

सवाल: बैंक के एनपीए की क्या स्थिति है।
जवाब: बैंक की वर्तमान में नेट एनपीए 5 फीसदी से भी कम है। वास्तविक स्थिति 31 मार्च के बाद ही पता चलेगी। 

सवाल: बैंक की वित्तीय स्थिति कैसी है।
जवाब: बैंक की वित्तीय स्थिति काफी सुदृढ़ है। 

सवाल: बैंक के सामने किसी तरह की जोखिम की संभावना है
जवाब: बैंक के सामने किसी तरह की जोखिम की कोई संभावना नहीं है। बैंक बिना गारंटी  के लोन नहीं देता है।  बैंक के पास ग्राहकों को दिए लोन के बदले करोड़ों रुपए की अचल सम्पति जमा है।

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