रिश्वत के मामले में वन रक्षक गिरफ्तार

न्यायालय में चालान पेश

रिश्वत के मामले में वन रक्षक गिरफ्तार

एनओसी देने के बदले 10,000 रुपए की रिश्वत की मांग की।

कोटा। रिश्वत के पुराने मामले में एसीबी कोटा ने शुक्रवार को वन रक्षक अनिल चौधरी के खिलाफ एसीबी कोर्ट में चालान पेश किया । भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने आरोपी को गुरुवार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, कोटा अतिरिक्त चार्ज स्पेशल यूनिट कोटा के एएसपी विजय स्वर्णकार ने बताया कि 30 सितंबर 2022 को परिवादी हेमंत अग्रवाल ने एसीबी चौकी कोटा पर आरोपी के अनिल चौधरी के खिलाफ  शिकायत दी  जिसमें बताया  कि उसके पिता की एक डबल बैरल 12 बोर बंदूक है,  पिता की मृत्यु होने के कारण उस बंदूक का लाइसेंस  मेरे नाम ट्रांसफर करवाने के लिए जिला कलक्टर कार्यालय में आवेदन दिया था। लाईसेंस के संबंध में  उप-वन संरक्षक कार्यालय रावतभाटा रोड से एनओसी लाने के लिए सूचित किया गया, एनओसी के संबंध में जब मैं  उप-वन संरक्षक कार्यालय में पदस्थापित तत्कालीन अनिल चौधरी से मिला तो उन्होंने एनओसी देने के बदले 10,000 रुपए की रिश्वत की मांग की। मैं उन्हें जायज काम के बदले रिश्वत नहीं देना चाहता, उनको रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़वाना चाहता हूं।  

परिवादी की शिकायत पर उसी दिन रिश्वत मांग का गोपनीय सत्यापन करवाया गया, जिसमें तत्कालीन आरोपी अनिल चौधरी वन रक्षक द्वारा वन विभाग की एनओसी जारी करने के एवज में परिवादी  हेमन्त अग्रवाल से 10,000 रुपए रिश्वत की मांग की गई तथा परिवादी के निवेदन करने पर 8,000रुपए रिश्वत राशि प्राप्त करने के लिए  सहमत हुआ। इसके बाद  किसी कारण से आरोपी को शक होने के कारण परिवादी से रिश्वत राशि प्राप्त नहीं की गई। मामले में आरोपी के खिलाफ रिश्वत मांग का मुकदमा दर्ज किया गया था। मामले में उप महानिरीक्षक पुलिस, भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, कोटा रेंज, कल्याण मल मीणा के निदेर्शानुसार प्रकरण का अनुसंधान पुलिस निरीक्षक अनिता वर्मा को दिया गया। अनुसंधान के दौरान  आरोपी अनिल चौधरी वन रक्षक के विरूद्ध उप वन संरक्षक कोटा से अभियोजन स्वीकृति प्राप्त की गई और  30 नवंबर 2023 को आरोपी अनिल चौधरी को गिरफ्तार किया गया और फिर न्यायालय में  चालान  पेश किया गया।

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