लाडली बहन योजना के नाम पर 62 लाख महिलाओं के साथ धोखा : गरीब और निराश्रित महिलाओं के साथ हुआ अन्याय, कांग्रेस ने कहा- महिलाओं के अधिकारों को छीना

उनका अधिकार वापस देने की मांग की

लाडली बहन योजना के नाम पर 62 लाख महिलाओं के साथ धोखा : गरीब और निराश्रित महिलाओं के साथ हुआ अन्याय, कांग्रेस ने कहा- महिलाओं के अधिकारों को छीना
कांग्रेस ने महाराष्ट्र की लाडली बहन योजना को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधा। पार्टी ने आरोप लगाया कि कैग रिपोर्ट में 62 लाख महिलाओं को योजना से बाहर किए जाने का खुलासा।

नई दिल्ली। कांग्रेस ने महाराष्ट्र सरकार की लाडली बहन योजना को महिलाओं के साथ धोखा करार देते हुए आरोप लगाया है कि चुनाव से पहले शुरू की गई इस योजना से सरकार बनने के बाद 62 लाख महिलाओं को योजना से बाहर कर दिया गया है। पार्टी ने इस पूरे मामले को अत्यंत गंभीर बताते हुए कहा है कि कैग की रिपोर्ट में जो खुलासा हुआ है, उससे गरीब और निराश्रित महिलाओं के साथ अन्याय हुआ है। पार्टी ने इसे महिलाओं के साथ धोखा बताया और कहा कि उनके अधिकारों को छीना गया है। इसलिए पूरे प्रकरण की व्यापक जांच कर सभी पात्र महिलाओं को उनका अधिकार वापस देने की मांग की है।

महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता अतुल लोंढे पाटिल ने मंगलवार को यहां पार्टी मुख्यालय में संवाददाता सम्मेलन में कहा कि भाजपा सरकार ने निराश्रित महिलाओं और गरीब परिवारों के साथ छल किया है। उन्होंने दावा किया कि नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि लाडली बहन योजना से 62 लाख महिलाओं को बाहर कर दिया गया है। उनका कहना था कि चुनाव के समय महिलाओं से 1,500 रुपये की सहायता को बढ़ाकर 2,100 रुपये करने का वादा किया गया और भाजपा कार्यकर्ताओं ने बड़े पैमाने पर आवेदन भरवाए लेकिन सरकार बनने के बाद 62 लाख महिलाओं को योजना से वंचित कर दिया गया है।

उन्होंने आरोप लगाया कि आधार कार्ड और पहचान के अन्य सभी दस्तावेज उपलब्ध कराने के बावजूद बड़ी संख्या में महिलाओं को केवाईसी नहीं होने का बहाना कर योजना से बाहर किया गया है। उनका कहना था कि सरकार इस प्रक्रिया को आधार बनाकर महिलाओं को उनका अधिकार देने से पीछे हट रही है, जो उनके साथ विश्वासघात है। कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने संवैधानिक संस्थाओं को अपने नियंत्रण में कर लिया है तथा धर्म और आस्था का राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार को 62 लाख महिलाओं को तत्काल योजना का लाभ बहाल करना चाहिए। उनका यह भी कहना था कि सरकार के निर्देश के बिना अधिकारी इतना बड़ा फैसला नहीं ले सकते इसलिए इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय की जानी चाहिए।

 

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