नागरिक उड्डयन मंत्रालय के लिए 2,103 करोड़ का आवंटन : एयर इंडिया से संबंधित देनदारियों और प्रतिबद्धताओं पर होगा खर्च, आरसीएस उड़ान के लिए बढ़ाया आवंटन
आरसीएस के तहत एक तरफ नियमित उड़ान शुरू
वित्त वर्ष 2026-27 के आम बजट में नागरिक उड्डयन मंत्रालय के लिए 2,103 करोड़ रुपये का आवंटन का प्रस्ताव है, जिसमें 2,058 करोड़ रुपये के राजस्व व्यय और 45 करोड़ रुपये के पूंजीगत व्यय का प्रस्ताव है।
नई दिल्ली। वित्त वर्ष 2026-27 के आम बजट में नागरिक उड्डयन मंत्रालय के लिए 2,103 करोड़ रुपये का आवंटन का प्रस्ताव है, जिसमें 2,058 करोड़ रुपये के राजस्व व्यय और 45 करोड़ रुपये के पूंजीगत व्यय का प्रस्ताव है। खास बात यह है कि इस बजट का 42 प्रतिशत यानी 890 करोड़ रुपये एयर इंडिया से संबंधित देनदारियों और प्रतिबद्धताओं पर खर्च किया जायेगा, जिसे सरकार ने टाटा समूह को बेच दिया था। सार्वजनिक कंपनी रहते हुए एयर इंडिया के ऋणों को खरीदने के लिए बनी विशेष उद्देश्य वाली कंपनी एयर इंडिया एसेट होल्डिंग लिमिटेड को उस ऋण की भरपाई के लिए 758.39 करोड़ रुपये दिये जाने का प्रस्ताव है।
बजट में एयर इंडिया के सेवानिवृत्त कर्मियों को चिकित्सा सुविधा देने के लिए भी 132 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। छोटे और मझौले शहरों तक संपर्क बढ़ाने के लिए शुरू की गयी क्षेत्रीय संपर्क योजना (आरसीएस) उड़ान के लिए आवंटन बढ़ाकर 550 करोड़ रुपये किया गया है। चालू वित्त वर्ष में इसके लिए 435 करोड़ रुपये आवंटित किये गये थे। आरसीएस के तहत एक तरफ नियमित उड़ान शुरू करने के लिए छोटे हवाई अड्डों को विकसित करने पर सरकार खर्च करती है और दूसरी तरफ पूर्वोत्तर के राज्यों में विमानन अवसंरचना के विकास के लिए सरकार समर्थन प्रदान करती है। नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) के लिए आवंटन 330 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 342 करोड़ रुपये किया गया है। नागर विमानन सुरक्षा ब्यूरो के लिए चालू वित्त वर्ष के 88 करोड़ रुपये की तुलना में 114 करोड़ रुपये का प्रावधान है।

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