आजमगढ़ में अपराध से अर्जित संपत्ति पर कार्रवाई, गैंगस्टर के.सी. राय की 10 करोड़ की संपत्ति कुर्क
अपराध से अर्जित धन के बल पर अपना अवैध साम्राज्य खड़ा किया
आजमगढ़। उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ पुलिस और प्रशासन ने संगठित अपराध और भूमाफियाओं के खिलाफ आज बड़ी कार्रवाई करते हुए गैंगस्टर कृष्णचन्द्र राय उर्फ के.सी. राय की करीब 10 करोड़ रुपये मूल्य की गगनचुम्बी अचल संपत्ति को न्यायालय के आदेश पर कुर्क कर लिया गया और इसे प्रशासनिक कब्जे में ले लिया। पुलिस के अनुसार यह संपत्ति अपराध से अर्जित अवैध धन से तैयार की गई थी और लंबे समय से गैंग की गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बनी हुई थी।
आजमगढ़ में रविवार की सुबह आजमगढ़ पुलिस और प्रशासन के नेतृत्व में थाना कोतवाली पुलिस एवं राजस्व विभाग द्वारा गैंगलीडर, गैंगस्टर, भूमाफिया, हिस्ट्रीशीटर एवं कुख्यात अपराधी कृष्णचन्द्र राय उर्फ के.सी. राय पुत्र सुखसागर राय, निवासी मुहम्मदपुर फेटी थाना बरदह, जनपद आजमगढ़ (हाल पता– मोहल्ला कोडर अजमतपुर, थाना कोतवाली, जनपद आजमगढ़), पहुंचे और हिस्ट्रीशीटर (एचएस न.15-बी), जो वर्तमान में जेल में निरुद्ध है तथा पूर्व में प्रशासनिक आधार पर अम्बेडकरनगर कारागार स्थानांतरित किया जा चुका है, की अपराध से अर्जित लगभग ₹10 करोड़ मूल्य की गगनचुम्बी अचल सम्पत्ति को माननीय मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सत्यबीर सिंह के न्यायालयीय आदेश का अनुपालन करते हुए दिनांक आज डुगडुगी पिटवाकर नियमानुसार सम्पूर्ण भवन को कुर्क कर प्रशासनिक कब्जे में ले लिया गया। पुलिस के अनुसार के सी राय के ऊपर विभिन्न थानों में कुल 16 आपराधिक मुकदमे दर्ज है ।
पुलिस के अनुसार कोतवाली थाने में दर्ज मुकदमे की विवेचना के दौरान सामने आया कि के.सी. राय ने ठगी, कूटरचना, फर्जी खतौनी और गैंगस्टर गतिविधियों से अर्जित अवैध धन के जरिए वर्ष 2012 से ग्राम कोडर अजमतपुर में जमीन खरीदकर आलीशान भवन का निर्माण कराया तथा समय-समय पर उसका विस्तार और नवीनीकरण भी कराया। जांच में यह भी सामने आया कि यह इमारत अपराधियों के जमावड़े और आपराधिक गतिविधियों की योजना बनाने का प्रमुख केंद्र रही।
पुलिस उपाधीक्षक शुभम तोदी ने बताया कि राजस्व विभाग और लोक निर्माण विभाग के मूल्यांकन में संपत्ति की अनुमानित बाजार कीमत करीब 10 करोड़ रुपये आंकी गई। विवेचना के आधार पर न्यायालय ने माना कि अभियुक्त के पास भवन निर्माण के लिए कोई वैध आय का स्रोत नहीं था और उसने अपराध से अर्जित धन के बल पर अपना अवैध साम्राज्य खड़ा किया।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देश पर अपर पुलिस अधीक्षक नगर मधुवन कुमार सिंह, क्षेत्राधिकारी नगर शुभम तोदी तथा विवेचक निरीक्षक रफी आलम के नेतृत्व में पुलिस और राजस्व विभाग ने डुगडुगी पिटवाकर न्यायालय के आदेश का पालन करते हुए पूरी संपत्ति को कुर्क कर तहसील प्रशासन के सुपुर्द कर दिया। वर्तमान में के.सी. राय जेल में निरुद्ध है और उसका प्रशासनिक आधार पर अंबेडकरनगर कारागार में स्थानांतरण किया जा चुका है। पुलिस का कहना है कि संगठित अपराध, गैंगस्टरों और भूमाफियाओं के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' की नीति के तहत अपराध से अर्जित अवैध संपत्तियों पर आगे भी लगातार ऐसी कठोर और विधिसम्मत कार्रवाई जारी रहेगी।

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