चेक बाउंस मामला: भाजपा नेता राजकुमार कुशवाहा की बढ़ी मुश्किले, गिरफ्तारी वारंट जारी

अनुपस्थित रहने और न्यायालय के आदेशों का पालन नहीं

चेक बाउंस मामला: भाजपा नेता राजकुमार कुशवाहा की बढ़ी मुश्किले, गिरफ्तारी वारंट जारी
चेक बाउंस के ₹25 लाख के मामले में भिंड अदालत ने भाजपा नेता और बीज निगम के पूर्व उपाध्यक्ष राजकुमार कुशवाहा के खिलाफ पुन: गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। लगातार अनुपस्थिति तथा वारंट तामील में पुलिस की लापरवाही पर सख्त नाराजगी जताते हुए न्यायालय ने अविलंब गिरफ्तारी के कड़े निर्देश जारी किए।

भिण्ड। मध्यप्रदेश बीज निगम के पूर्व उपाध्यक्ष एवं भाजपा नेता राजकुमार कुशवाहा की कानूनी मुश्किलें 25 लाख रुपये के चेक बाउंस मामले में बढ़ गई हैं। अदालत में लगातार अनुपस्थित रहने पर भिण्ड न्यायालय ने उनके खिलाफ दोबारा गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। साथ ही पहले जारी वारंट की समय पर तामील नहीं होने पर पुलिस की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताते हुए प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

न्यायालय की 21 जुलाई 2026 की आदेश-पत्रिका के अनुसार सुनवाई के दौरान कुशवाहा अदालत में उपस्थित नहीं हुए। इससे पहले भी उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया था, लेकिन पुलिस उन्हें न्यायालय के समक्ष पेश नहीं करा सकी। इसे गंभीर मानते हुए अदालत ने दोबारा गिरफ्तारी वारंट जारी कर पुलिस को उसके तत्काल निष्पादन के निर्देश दिए हैं। प्रकरण 25 लाख रुपये के चेक बाउंस से संबंधित है। इस मामले में कुशवाहा को पूर्व में जमानत मिल चुकी थी। जमानत की शर्तों के अनुसार उन्हें प्रत्येक सुनवाई पर न्यायालय में उपस्थित होना अनिवार्य था। लगातार अनुपस्थित रहने और न्यायालय के आदेशों का पालन नहीं करने पर अदालत ने सख्त रुख अपनाया।

अदालत ने अपने आदेश में कहा कि न्यायालय के आदेशों की अनदेखी किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी। न्यायालय ने यह भी माना कि पहले जारी गिरफ्तारी वारंट का प्रभावी क्रियान्वयन नहीं होने के कारण आरोपी को अदालत में पेश नहीं कराया जा सका। इसी आधार पर संबंधित पुलिस अधिकारियों को आरोपी की गिरफ्तारी सुनिश्चित कर नियमानुसार न्यायालय में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। वारंट की तामील में हुई देरी पर भी अदालत ने नाराजगी व्यक्त की।

मामले की अगली सुनवाई आज 31 जुलाई को निर्धारित है। अब इस पर निगाह रहेगी कि पुलिस न्यायालय के निर्देशों का पालन करते हुए आरोपी को अदालत में पेश कर पाती है या नहीं। न्यायालय के आदेशों की लगातार अवहेलना की स्थिति में आगे और कड़ी कानूनी कार्रवाई की भी संभावना जताई जा रही है।

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