गोण्डा में घाघरा-सरयू उफान पर: मगरमच्छों की दहशत से सहमे तटवर्ती गांव, प्रशासन हाई अलर्ट पर
SDRF और PAC को किया गया तैनात
गोण्डा। पहाड़ों पर हो रहीं बारिश और आसपास के इलाकों में रुक-रुक कर हो रही तेज बारिश से जहां उत्तर प्रदेश के गोण्डा जिले में घाघरा और सरयू समेत करीब एक दर्जन नदियां उफान पर हैं वहीं घाघरा में विशालकाय मगरमच्छों व घडियालों के दिखने से और बाढ़ की आशंका से तटवर्ती गांवों के लोग खौफजदा हैं। जिले के कर्नलगंज और तरबगंज तहसीलों में बह रहीं घाघरा और सरयू नदियों का जलस्तर इन दिनों मानसून के दौरान लगातार बढ़कर निचले इलाकों के ग्रामीणों की धड़कने बढ़ा रहा हैं। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार,एल्गिन ब्रिज पर घाघरा खतरे के निशान से करीब एक मीटर नीचे और अयोध्या के किनारे नवाबगंज में बह रहीं सरयू नदी का जलस्तर खतरे के निशान को छूने को बेताब हैं।
आपदा प्रबंधन सूत्रों के अनुसार, दोनों नदियों के तेज बहाव और ठोकरों से एल्गिन -चड़सड़ी ,आदमपुर-रेवली,भिखारीपुर-सकरौर और परसपुर-धौरहरा समेत चारों तटबंधों पर रेनकट्स, दरारों और रिसाव से बचाने के लिये लगातार बोल्डरों,बालू की बोरियों व अन्य संसाधनों से युद्धस्तर पर मरम्मत कार्य चल रहा हैं। हालांकि बरसात और नदी के बहाव से काशीपुर नकहरा,प्रतापपुर,जड़कुइया,रायपुरमाझा,ससनौली मोहम्मदपुर व अन्य क्षेत्रों के खेतों में जलभराव होने लगा हैं। जिससे हजारों एकड़ कृषि योग्य भूमि प्रभावित हैं। संपर्क मार्गों पर जलजमाव से कई पुरवों का संपर्क मुख्य मार्गों से कटने लगा हैं।
इधर,उमरीबेगम गंज थानाक्षेत्र में एक युवक को घाघरा में छिपे मगरमच्छ नें अपना शिकार बना लिया। इसके अलावा एक मासूम बच्ची को नदी से निकलकर बाहर आये मगरमच्छ के चंगुल से बड़ी मशक्कत से ग्रामीणों नें बचा लिया। जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन नें बताया कि नदियों और बरसाती गड्ढों में निकल रहे जलचर जंतुओं और विषैले जंतुओं को लेकर तटवर्ती ग्रामीणों को सतर्क किया गया हैं। उन्होंने बताया कि फिलहाल बाढ़ की स्थिति नहीं हैं लेकिन किसी भी विषम परिस्थियों से निपटने के लिये जिले की सभी अठ्ठाइस बाढ़ चौकियों समेत चिकित्सा विभाग पशुपालन विभाग और प्रशासनिक अमले को एलर्ट मूड पर रखा गया हैं।
जिलाधिकारी ने बताया कि एसडीआरएफ,पीएसी,पुलिस और अन्य गोताखोरों को सतर्क रहने को कहा गया हैं। रेलवे सूत्रों के अनुसार, बरसात की भयंकर स्थिति से रेललाइन के नीचे कई स्थानों पर मिट्टी धंसने की आशंका के चलते प्रभावित इलाकों से गुजर रही लाइनों पर पेट्रोमैन लगातार गश्त कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि गोण्डा -लखनऊ रेल प्रखंड के मध्य पड़ने वाली घाघरा व सरयू नदियों के जलस्तर खतरे के निशान पार करने पर रेलगाड़ियों की रफ्तार नदियों के ब्रिज पर धीमी कर दी जायेगी।

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