इच्छामृत्यु : दुनिया के 11 देशों में सख्त शर्तों के साथ अनुमति; भारत में पैसिव यूथेनेशिया की इजाजत, अब तक लाखों लोगों ने चुना सम्मानजनक मृत्यु का विकल्प

गरिमा के साथ मृत्यु: भारत में पैसिव यूथेनेशिया और वैश्विक नियम

इच्छामृत्यु : दुनिया के 11 देशों में सख्त शर्तों के साथ अनुमति; भारत में पैसिव यूथेनेशिया की इजाजत, अब तक लाखों लोगों ने चुना सम्मानजनक मृत्यु का विकल्प

सुप्रीम कोर्ट ने गाजियाबाद के एक मरीज को पैसिव यूथेनेशिया की अनुमति देकर 'गरिमापूर्ण मृत्यु' के अधिकार को पुनः पुष्ट किया है। भारत में लाइलाज स्थिति में लाइफ-सपोर्ट हटाना वैध है, जबकि सक्रिय इच्छामृत्यु (जहरीला इंजेक्शन) प्रतिबंधित है। नीदरलैंड और स्विट्जरलैंड जैसे 11 देशों में सक्रिय इच्छामृत्यु कानूनी है, जहाँ सालाना हजारों लोग इसे चुनते हैं।

नई दिल्ली। दुनिया भर में इच्छामृत्यु को लेकर लगातार बहस चल रही है। एक ओर इसे असाध्य बीमारी से पीड़ित लोगों के लिए सम्मानजनक मृत्यु का विकल्प माना जा रहा है, तो दूसरी ओर कई देश इसे नैतिक और कानूनी दृष्टि से विवादित मानते हैं। इसी बीच भारत में एक बार फिर इच्छामृत्यु चर्चा में आ गई है, जब सुप्रीम कोर्ट ने 13 वर्षों से कोमा में पड़े एक मरीज को पैसिव यूथेनेशिया की अनुमति दी है।

संविधान में जीवन का अधिकार: भारतीय संविधान का अनुच्छेद 21 हर नागरिक को जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता का अधिकार देता है। इसे सबसे महत्वपूर्ण मौलिक अधिकारों में से एक माना जाता है। हालांकि, समय-समय पर यह सवाल उठता रहा है कि क्या किसी व्यक्ति को असहनीय पीड़ा की स्थिति में सम्मानपूर्वक मृत्यु चुनने का अधिकार भी होना चाहिए। यही कारण है कि इच्छामृत्यु का मुद्दा कानून, नैतिकता और मानवाधिकार के बीच बहस का विषय बना रहता है।

भारत में इच्छामृत्यु को लेकर क्या कानून है?

भारत में इच्छामृत्यु को लेकर नियम थोड़ा पेचीदा है, क्योंकि यहां पर सख्त दिशानिर्देशों के दायरे में पैसिव यूथेनेशिया (निष्क्रिय इच्छामृत्यु) की इजाजत दी जाती है। इसके तहत बीमारी से जूझ रहे ऐसे मरीजों के लाइफ-सपोर्ट सिस्टम को बंद किया जा सकता है, जिनके रिकवर होने की कोई गुंजाइश नहीं है। हालांकि, इसी के साथ भारत में एक्टिव यूथेनेशिया (सक्रिय इच्छामृत्यु) भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के तहत अवैध है। सक्रिय इच्छामृत्यु के तहत लोगों को जहरीला इंजेक्शन लगाकर सम्मानपूर्वक मरने की इजाजत दी जाती है।

Read More 'भारत माँ का सिर मत झुकाओ': अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार के ट्रंप के सामने झूकने पर उठाए सवाल, बोले-भारत को रूस से तेल खरीदने की इजाजत देने वाला अमेरिका होता कौन है ?

भारत में इच्छामृत्यु को लेकर कानूनी नींव रखने के लिए अरुणा शानबाग के केस को सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है। मुंबई की अरुणा शानबाग एक नर्स थीं, जो 1973 में हुए एक हमले के बाद 42 साल तक पमार्नेंट वेजिटेटिव स्टेट (चेतनाहीन अवस्था) में रहीं। उनकी इस स्थिति को देखते हुए उनकी दोस्त ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया और मांग की कि अरुणा को सम्मान के साथ मरने की इजाजत दी जाए। उनकी दोस्त ने अपनी याचिका में अरुणा के फीडिंग पाइप को हटाने की इजाजत मांगी थी। इस पर 2011 में सुप्रीम कोर्ट ने एक ऐतिहासिक फैसला दिया। 

Read More लगातार तीन दिन की बड़ी गिरावट के बाद शेयर बाजारों में तेजी, सेंसेक्स 414 अंक की बढ़त के साथ 79,530 पर खुला

हालांकि, कोर्ट ने अरुणा के अस्पताल के स्टाफ की इच्छा का सम्मान करते हुए उन्हें मृत्यु देने से इनकार कर दिया था। उनकी मौत 2015 में प्राकृतिक कारणों से हुई। मगर इस केस ने इच्छामृत्यु को लेकर कानूनी नींव रखी। कोर्ट ने अरुणा के केस की सुनवाई के बाद पैसिव यूथेनेशिया को कानूनी मान्यता दी। इसका मतलब है कि अगर मरीज के रिकवर होने की संभावना नहीं है या फिर वह लाइलाज हालात में है, तो उसके लाइफ-सपोर्ट सिस्टम (जैसे वेंटिलेटर या फीडिंग पाइप) को हटाया जा सकता है। कोर्ट ने कहा कि पैसिव यूथेनेशिया के लिए हाईकोर्ट की इजाजत होना जरूरी है और ये प्रक्रिया सिर्फ डॉक्टरों के एक पैनल की निगरानी में ही पूरी की जा सकती है।

Read More UPSC सिविल सेवा की परीक्षा का फाइनल रिजल्ट जारी: अनुज अग्निहोत्री ऑल इंडिया टॉपर, राजेश्वरी को दूसरी रैंक और तीसरे नंबर पर एकांश ढुल

दुनिया के किन-किन देशों में इच्छामृत्यु की इजाजत है?

अब यहां सवाल उठता है कि दुनिया के वो कौन-कौन से देश हैं, जहां इच्छामृत्यु की कानूनी इजाजत है। हम यहां पैसिव यूथेनेशिया नहीं, बल्कि एक्टिव यूथेनेशिया की बात कर रहे हैं, जिसमें लोगों को जहरीले इंजेक्शन के जरिए मरने की इजाजत होती है। इस लिस्ट में कुल मिलाकर 11 देश शामिल हैं। आइए इन देशों के बारे में जान लेते हैं।
स्विट्जरलैंड: स्विट्जरलैंड में 1942 में इच्छामृत्यु को कानूनी मान्यता दी गई। वह ऐसा करने वाला दुनिया का पहला देश बना।
अमेरिका: कैलिफोर्निया, न्यू जर्सी समेत अमेरिका के 10 राज्यों में इच्छामृत्यु की इजाजत है। यहां पूरे देश में इच्छामृत्यु को लेकर कानून नहीं है।
नीदरलैंड: यूरोप के इस देश ने 2002 में एक कानूनी लाकर इच्छामृत्यु को वैध बना दिया। यहां 12 साल के बाद नाबालिग को भी इच्छामृत्यु का अधिकार है।
बेल्जियम: 2002 में लाइलाज बीमारी से पीड़ित लोगों और बर्दाश्त के बाहर दर्द झेल रहे मरीजों को इच्छामृत्यु की इजाजत दी गई।
कनाडा: कनाडा ने 2016 में चिकित्सा सहायता से मृत्यु की शुरूआत की। इस तरह यहां भी इच्छामृत्यु को कानूनी इजाजत मिली हुई है।
ऑस्ट्रेलिया: लाइलाज बीमारी या असहनीय पीड़ा झेल रहे लोगों इच्छामृत्यु की मांग कर सकते हैं। इसकी शुरूआत 2019 में हुई थी।
स्पेन: स्पेन ने 2021 में कानून बनाकर लाइलाज बीमारियों से पीड़ित लोगों को इच्छामृत्यु की इजाजत दी।
लक्जमबर्ग: यूरोप के इस छोटे से देश ने 2009 में गंभीर और लाइलाज बीमारियों के लिए इच्छामृत्यु को वैध कर दिया।
कोलंबिया: इच्छामृत्यु को वैध बनाना वाला कोलंबिया लैटिन अमेरिका का पहला देश है। 2015 में कोर्ट के आदेश के बाद यहां इच्छामृत्यु का रास्ता साफ हुआ।
इक्वाडोर: इक्वाडोर में 2024 में संवैधानिक अदालत के ऐतिहासिक फैसले के बाद यहां इच्छामृत्यु को वैध बनाया गया।
ऑस्ट्रिया: 2022 से यूरोपीय देश ऑस्ट्रिया असिस्टेड सुसाइड को कानूनी मान्यता दी गई है, जो इच्छामृत्यु का ही एक रूप है।
अमेरिका के 10 राज्यों में तो ऑस्ट्रेलिया के 6 राज्यों में ही इसकी इजाजत है। इसी तरह से जर्मनी और इटली जैसे देशों में भी इच्छामृत्यु को लेकर कोई कानून नहीं है, लेकिन कुछ खास परिस्थितियों में अदालत के आदेश के साथ इस प्रक्रिया का पालन किया जा सकता है।

दुनिया में अब तक कितने लोगों को इच्छामृत्यु मिली

हाल के विश्लेषण के अनुसार हर साल दुनिया में 30,000 से ज्यादा लोग कानूनी रूप से इच्छामृत्यु या डॉक्टर की सहायता से मृत्यु का विकल्प चुनते हैं। कुछ देशों के उदाहरण
कनाडा: 2023 में लगभग 11,000 मामले
नीदरलैंड: 2024 में लगभग 9,958 मामले
बेल्जियम: 2022 में लगभग 2,500 मामले
स्पेन, ऑस्ट्रिया, न्यूजीलैंड आदि में भी हर साल सैकड़ों मामले दर्ज होते हैं।

कुल अनुमान 

क्योंकि कई देशों में यह कानून 20-30 साल पहले लागू हुआ और हर साल हजारों मामले सामने आते हैं, इसलिए विशेषज्ञों का अनुमान है कि अब तक दुनिया में लगभग 3 से 5 लाख लोगों को कानूनी रूप से इच्छामृत्यु अनुमति मिल चुकी है।

Post Comment

Comment List

Latest News

गुलर बांध का होगा जीर्णोद्धार, पर्यटन सुविधाएं विकसित करने की तैयारी गुलर बांध का होगा जीर्णोद्धार, पर्यटन सुविधाएं विकसित करने की तैयारी
राज्य सरकार ने गुलर बांध के जीर्णोद्धार और क्षेत्र विकास का काम तेज किया। जल संसाधन विभाग ने निरीक्षण कर...
अंतरराष्ट्रीय हालात के बीच एलपीजी आपूर्ति को लेकर राज्य सरकार सख्त, कालाबाजारी रोकने के लिए विशेष निगरानी के निर्देश
भारत के लिए राहत की खबर : स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज से गुजरने वाले भारतीय झंडे वाले जहाजों को नहीं रोकेगा ईरान, दोनों देशों के विदेश मंत्रियों के बीच बातचीत के बाद लिया फैसला
सरिस्का में एसटी-17 बाघिन ने तीन शावकों को दिया जन्म, संरक्षण प्रयासों का नतीजा सकारात्मक
खाद्य विभाग के कार्मिकों के अवकाश निरस्त : उपभोक्ताओं को निर्बाध आपूर्ति सरकार की प्राथमिकता, भजनलाल ने कहा- जमाखोरी और कालाबाजारी पर होगी सख्त कार्रवाई
पीएम मोदी ने दांडी मार्च में हिस्सा लेने वालों को नमन करते हुए दी श्रद्धांजलि, सच्चाई और नेकी के विचारों को किया याद 
दांडी मार्च में शामिल हुए अशोक गहलोत, वर्तमान राजनीतिक हालातों पर जताई चिंता