विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने दिया पश्चिम एशिया संकट पर दिया बयान: तनाव कम करने के लिए कूटनीतिक रास्ता अपनाने पर दिया जोर, कांग्रेस के बहिर्गमन पर नड्डा का पलटवार
विपक्ष के हंगामे के बीच सरकार ने राष्ट्रीय ऊर्जा हितों की रक्षा का भरोसा दिलाया
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने राज्यसभा में बताया कि सरकार युद्ध क्षेत्र से भारतीयों को लाने के लिए प्रतिबद्ध है। 9 मार्च तक 110 से अधिक उड़ानें संचालित की जा चुकी हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि मानवीय आधार पर ईरानी युद्धपोत को कोच्चि में रुकने की अनुमति दी गई है।
नई दिल्ली। पश्चिम एशिया की स्थिति पर जब डॉ. जयशंकर ने बयान देना शुरू किया तो कांग्रेस और कुछ अन्य विपक्षी दलों के नेताओं ने नारेबाजी और शोर शराबा शुरू कर दिया तथा बाद में सदन से बहिर्गमन किया। उन्होंने कहा कि स्थिति के निरंतर बिगड़ने पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केन्द्रीय मंत्रिमंडल की सुरक्षा मामलों की समिति ने एक मार्च को बैठक में वहां की स्थिति की समीक्षा की। समिति ने वहां की स्थिति पर चिंता व्यक्त की और वहां रहने वाले भारतीयों की सुरक्षा तथा इच्छुक लोगों की सकुशल वापसी के लिए सभी संबंधित मंत्रालयों को निर्देश दिये गये।
विदेश मंत्री ने कहा कि इन सभी देशों में भारतीय दूतावास निरंतर लोगों से संपर्क बनाये हुए है और जरूरत के अनुसार समय समय पर परामर्श जारी किये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि विदेश मंत्रालय में इसके लिए विशेष नियंत्रण कक्ष बनाये गये और दूतावासों ने आपात स्थिति के लिए हेल्पलाइन नम्बर भी जारी किये। इसके आगे विदेश मंत्री ने कहा, भारत ने ईरान के अनुरोध पर उसके एक युद्धपोत को कोच्चि बंदरगाह में रूकने की अनुमति दी है और यह कदम विशुद्ध मानवीय मूल्यों के आधार पर उठाया गया है।
विदेश मंत्री ने कहा कि खुद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने प्रभावित क्षेत्र के सभी देशोंं के नेताओं के साथ बात की है और सभी ने वहां रहने वाले भारतीयों की सुरक्षा का भरोसा दिलाया है। अमेरिका और इजरायल के साथ भी भारत निरंतर संपर्क में हैं। उन्होंने कहा कि उन्होंने स्वयं ईरान के विदेश मंत्री से भी बात की है।
भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि भारत वहां रहने वाले भारतीयों की सुरक्षा के साथ साथ स्वदेश आने के इच्छुक लोगों की सकुशल वापसी के लिए सभी संभव कदम उठा रहा है। इन देशों से सात मार्च को 15, 8 को 49 उडानें भारत आई हैं और आज यानी 9 मार्च को 50 उडानों के आने की संभावना है। उन्होंने सदन को आश्वस्त किया कि भारत अपने ऊर्जा हितों सहित सभी राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।
इसके आगे जे.पी. नड्डा ने कांग्रेस के बहिर्गमन पर उसकी आलोचना करते हुए कहा कि इस पार्टी का रवैया हमेशा गैर जिम्मेदाराना रहा है और उसकी रूचि राष्ट्रीय हित में नहीं है। यह पार्टी बहस में विश्वास नहीं करती बल्कि हुड़दंग मचाने में विश्वास करती है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने ऑपरेशन सिंदूर, एसआईआर और बजट को लेकर हंगामा किया, लेकिन जब इन मुद्दों पर चर्चा हुई और सरकार की ओर से जवाब दिया गया तो यह हमेशा की तरह बहिर्गमन कर गयी।

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