ग्रेट निकोबार परियोजना: जयराम ने रक्षा मंत्री को लिखा पत्र, कहा- आईएनएस बाज रनवे विस्तार पर करें पुनर्विचार
हवाई अड्डे से पर्यावरण नुकसान पर जताई चिंता
नई दिल्ली। कांग्रेस महासचिव एवं राज्य सभा सदस्य जयराम रमेश ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को पत्र लिखकर ग्रेट निकोबार द्वीप परियोजना के तहत प्रस्तावित ग्रीनफील्ड हवाई अड्डे के संदर्भ में पर्यावरण को लेकर गंभीर चिंता जतायी है। रमेश ने आईएनएस बाज के मौजूदा रनवे के पूर्ण विस्तार पर पुनर्विचार करने का राजनाथ सिंह से आग्रह किया है। कांग्रेस नेता ने कहा कि उन्होंने 16 मई को भी रक्षा मंत्री को पत्र लिखकर सुझाव दिया था कि ग्रेट निकोबार में गांधी नगर-शास्त्री नगर क्षेत्र में नया हवाई अड्डा बनाने के बजाय कैंपबेल बे स्थित आईएनएस बाज के रनवे का विस्तार किया जाये, जिससे रणनीतिक जरूरतें पूरी होने के साथ पर्यावरणीय नुकसान भी कम होगा।
उन्होंने इस पत्र में भी कहा है कि प्रस्तावित हवाई अड्डे के लिए 115 मीटर ऊंची दो वनाच्छादित पहाड़ियों को काटना पड़ेगा तथा लगभग 225 एकड़ संरक्षित वन और 130 एकड़ डीम्ड फॉरेस्ट प्रभावित होंगे, जो शोम्पेन जनजाति के पारंपरिक क्षेत्र का हिस्सा हैं। उन्होंने दावा किया कि परियोजना से कछुओं के अंडे देने वाले समुद्री तट, प्रवाल भित्तियां और संकटग्रस्त निकोबार मेगापोड पक्षी के रहवास पर भी असर पड़ेगा। कांग्रेस नेता ने कहा कि परियोजना के कारण 234 पूर्व सैनिक परिवारों को पुनर्वास के लिए मजबूर होना पड़ सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि ग्रेट निकोबार परियोजना के पर्यावरणीय प्रभावों का समुचित और वैज्ञानिक आकलन नहीं किया गया है। पत्र की प्रति पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री को भी भेजी गयी है।

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