ट्विशा शर्मा मौत मामले में बड़ा एक्शन : गिरिबाला सिंह सीबीआई हिरासत में, 3 घंटे से लगातार हो रही पूछताछ

गिरिबाला सिंह की जमानत याचिका खारिज

ट्विशा शर्मा मौत मामले में बड़ा एक्शन : गिरिबाला सिंह सीबीआई हिरासत में, 3 घंटे से लगातार हो रही पूछताछ

ट्विशा शर्मा कथित दहेज हत्या मामले में सीबीआई ने कार्रवाई तेज कर दी है। कोर्ट द्वारा सास गिरिबाला सिंह की अग्रिम जमानत याचिका खारिज होने के बाद गिरफ्तारी की तैयारी है। हिरासत में मौजूद पति समर्थ सिंह और सास से सीबीआई आमने-सामने पूछताछ करेगी। फॉरेंसिक जांच और चोट के निशानों के आधार पर घटनाक्रम को दोहराया जाएगा।

नई दिल्ली। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ट्विशा शर्मा की कथित दहेज हत्या मामले में अग्रिम जमानत याचिका खारिज होने के बाद जल्द ही उनकी सास गिरिबाला सिंह के खिलाफ कार्रवाई कर सकती है। सूत्रों ने यह जानकारी दी है। सीबीआई सूत्रों के अनुसार, गिरिबाला सिंह को गिरफ्तारी से राहत देने से अदालत के इनकार के बाद कानूनी कार्रवाई की तैयारियां तेज हो गई हैं। उनका बेटा समर्थ सिंह फिलहाल सीबीआई हिरासत में हैं। सूत्रों के अनुसार, एजेंसी दोनों आरोपियों से आमने-सामने की संयुक्त पूछताछ करने पर विचार कर रही है ताकि उनके बयानों की पुष्टि की जा सके और ट्विशा शर्मा की मौत से संबंधित घटनाक्रम का पता लगाया जा सके।

सीबीआई ने चल रही जांच के तहत दूरसंचार कंपनियों को पत्र लिखकर मामले से जुड़े मोबाइल नंबरों के कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) और टावर लोकेशन डेटा को सुरक्षित रखने का अनुरोध किया है। एजेंसी ने 12 मई से 20 मई तक की अवधि के रिकॉर्ड मांगे हैं और रिपोर्ट जल्द ही आने की उम्मीद है। सीबीआई ने सोमवार रात समर्थ सिंह और गिरिबाला सिंह के खिलाफ औपचारिक रूप से प्राथमिकी दर्ज की। प्राथमिकी में आरोप है कि ट्विशा को शादी के बाद पैसे और दहेज की मांग को लेकर उत्पीड़न का शिकार बनाया गया था।

यह मामला ट्विशा शर्मा की मृत्यु से संबंधित है, जिनका विवाह समर्थ सिंह से 9 दिसंबर, 2025 को हुआ था। प्राथमिकी के अनुसार, ट्विशा के परिवार ने आरोप लगाया कि शादी के तुरंत बाद से ही दहेज की बार-बार मांग के कारण उन्हें अपने पति और ससुराल वालों द्वारा लगातार मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न का सामना करना पड़ा। ट्विशा की मृत्यु की 12 मई को सूचना मिलने के बाद मामला गंभीर हो गया। पुलिस की प्रारंभिक जांच और पोस्टमार्टम से पता चला कि उनकी मृत्यु फांसी के कारण हुई थी। चिकित्सा रिपोर्टों में कथित तौर पर मृत्यु को "मृत्यु पूर्व फांसी" का मामला बताया गया है।

जांचकर्ताओं ने उनके शरीर के विभिन्न हिस्सों पर कई चोट के निशान भी देखे। प्राथमिकी में उल्लेखित चिकित्सा निष्कर्षों के अनुसार, ये चोटें शारीरिक हमले या किसी भारी वस्तु से प्रहार के कारण प्रतीत होती हैं, जिससे उनकी मृत्यु के आसपास की परिस्थितियों की गहन जांच शुरू हो गई। सीबीआई ने पहले ही संकेत दे दिया है कि वह जांच के तहत अपराध स्थल पर इस केस से जुड़ी घटनाओं को दोहरा सकती है ताकि यह निर्धारित किया जा सके कि भौतिक साक्ष्य और गवाहों के बयान आरोपियों द्वारा बताए गए घटनाक्रम से मेल खाते हैं या नहीं। एजेंसी फॉरेंसिक और मेडिकल साक्ष्यों की भी विस्तार से जांच कर रही है। सीबीआई वर्तमान में इस मामले में दहेज हत्या, क्रूरता, आपराधिक साजिश और मामले से जुड़े अन्य संभावित अपराधों के आरोपों की जांच कर रही है।

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