दूसरे राज्य से फिटनेस कराकर ग्रीन टैक्स बचाना पड़ेगा भारी, टैक्स डिफॉल्टर माने जाएंगे वाहन मालिक
कार्रवाई से ग्रीन टैक्स चोरी पर अंकुश
जयपुर। राजस्थान में परिवहन वाहनों की फिटनेस दूसरे राज्यों से करवाकर ग्रीन टैक्स से बचने की कोशिश करने वाले वाहन मालिकों पर अब परिवहन विभाग सख्ती करने जा रहा है। परिवहन विभाग के संज्ञान में ऐसे कई मामले आए हैं, जिनमें वाहन मालिक राजस्थान के बजाय अन्य राज्यों से फिटनेस प्रमाण पत्र प्राप्त कर रहे हैं, क्योंकि कई राज्यों में ग्रीन टैक्स लागू नहीं है। इससे राज्य सरकार को राजस्व का नुकसान हो रहा है। इस संबंध में परिवहन आयुक्त पुरुषोत्तम शर्मा ने सभी जिला परिवहन अधिकारियों (डीटीओ) को निर्देश जारी किए हैं।
आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि जिन परिवहन वाहनों ने फिटनेस प्रमाण पत्र के नवीनीकरण के समय देय ग्रीन टैक्स जमा नहीं कराया है या निर्धारित अवधि में वाहन फिटनेस नहीं करवाई है, उनसे बकाया ग्रीन टैक्स की वसूली अनिवार्य रूप से की जाए। विभाग ने ऐसे मामलों को टैक्स डिफॉल्टर की श्रेणी में रखने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों को वाहन मालिकों से लंबित ग्रीन टैक्स वसूलने के साथ-साथ आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है। इसके अलावा प्रत्येक डीटीओ कार्यालय में ग्रीन टैक्स से संबंधित मामलों का अलग ग्रीन टैक्स जीआईआर (GIR) संधारित करने के निर्देश भी दिए गए हैं। परिवहन विभाग का मानना है कि इस कार्रवाई से ग्रीन टैक्स चोरी पर अंकुश लगेगा और राज्य के राजस्व में वृद्धि होगी।

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