यह कैसी गुणवत्ता जांच, प्रयोगशाला पर ही बरसों से ताला

निजी प्रयोगशाला में करवानी पड़ रही सामग्री की गुणवत्ता जांच

यह कैसी गुणवत्ता जांच, प्रयोगशाला पर ही बरसों से ताला
निगम ने कई साल पहले हाड़ौती उद्यान में प्रयोगशाला स्थापित की थी।

कोटा। नगर निगम की ओर से करवाए जाने वाले निर्माण कार्य में उपयोग होने वाली निर्माण सामग्री की गुणवत्ता जांच के लिए निगम की प्रयोगशाला तो है लेकिन उस पर बरसों से ताला लटका हुआ है। जिससे निगम की निजी प्रयोगशाला में जांच करवानी पड़ रही है। नगर निगम की ओर से शहर में सड़क व अन्य निर्माण कार्य संवेदकों के माध्यम से करवाए जा रहे हैं। निर्माण कार्य के दौरान उपयोग होने वाली सामग्री की गुणवत्ता का पता लगाने के लिए निर्माण सामग्री की जांच प्रयोगशाला में करवाई जाती है। इसके लिए नगर निगम की ओर से कई साल पहले हाड़ौती उद्यान में प्रयोगशाला स्थापित की थी। उस समय यहां जांच के लिए उपकरण व तकनीकी स्टाफ भी लगाए गए थे। जिससे कुछ समय तक तो इसका उपयोग हुआ। लेकिन उसके बाद इस पर एक बार ताला लगा तो उसके बाद से खुला ही नहीं।

वर्तमान में हालत यह है कि प्रयोगशाला पर बरसों से ताला ही लटका हुआ है। नगर निगम के अधिकारियों ने कुछ समय पहले इसे खोलकर देखा था तो अधिकतर जांच उपकरण या तो खराब हो गए हैं या फिर चोरी हो गए। जिससे इस प्रयोगशाला में निर्माण सामग्री की गुणवत्ता जाच ही नहीं की जा रही। निर्माण कार्य में उपयोग होने वाली सामग्री की जांच निगम अभियंताओं व अधिकारियों को निजी प्रयोगशालाओं में राशि खर्च करके करवानी पड़ रही है।

निगम आयुक्त ने किया था निरीक्षण
नगर निगम आयुक्त ओम प्रकाश मेहरा ने कुछ समय पहले निगम अधिकारियों व अभियंताओं के साथ इस प्रयोगशाला का निरीक्षण किया था। उस समय वहां की स्थिति देखकर वे भी दंग रह गए थे। उन्होंने अभियंताओं से कहा कि जब निगम के पास प्रयोगशाला है तो इसे चालू किया जाए। लेकिन उसके बाद भी काफी समय हो गया अभी तक इसे चालू नहीं किया गया है। अभी भी प्रयोगशाला के मुख्य द्वार पर ताला ही लटका हुआ है।

सार्वजनिक निर्माण विभाग की है लैब
इधर शहर में सार्वजनिक निर्माण विभाग की अपनी प्रयोगशाला है। जहां उनके द्वारा करवाए जाने वाले निर्माण कार्यों की सामग्री की गुणवत्ता जांच करवाई जा रही है। जबकि निगम की प्रयोगशाला होने के बावजूद उसका उपयोग नहीं हो पा रहा है।

Read More हाड़ौती के सबसे बड़े आयुर्वेदिक अस्पताल में ऑपरेशन थिएटर नहीं, प्रसूताओं को जाना पड़ता है दूसरे अस्पताल

इनका कहना है
कुछ समय पहले प्रयोगशाला का निरीक्षण किया था। उस समय जानकारी मिली कि यहां जांच के लिए उपयकरण व मशीनशरी की आवश्यकता है। इस पर इसे चालू करने के लिए आवश्यक कार्यवाही करने व उपकरण व मशीनरी खरीदने के आदेश दिए थे। उसके बाद टेंडर प्रक्रिया में समय लगा। लेकिन यह फाइनल होने के बाद मशीनरी व उपकरण क्रय करने का कार्यादेश जारी किया जा चुका है। करीब दस लाख की लागत से एक सप्ताह में उपकरण आ जाएंगे। जिससे दस दिन के भीतर प्रयोगशाला को शुरु किया जा सकेगा।
- ओम प्रकाश मेहरा, आयुक्त ,नगर निगम कोटा

Read More एआई एजेंट: क्या ग्रामीण शिक्षा में ला सकते हैं नई क्रांति?

Post Comment

Comment List

Latest News

बिजली उपभोक्ताओं को राहत, मानसरोवर में शुरू हुए साउथ सर्किल के दो प्रमुख कार्यालय बिजली उपभोक्ताओं को राहत, मानसरोवर में शुरू हुए साउथ सर्किल के दो प्रमुख कार्यालय
जयपुर दक्षिण क्षेत्र के बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिली है। अधीक्षक अभियंता साउथ, जेसीसी साउथ और जेपीडीसी साउथ के...
संसद परिसर में विपक्षी दलों के नेताओं की बैठक, सरकार के खिलाफ प्रदर्शन
अली गोनी और जन्नत जुबैर बने 'लाफ्टर शेफ्स 3' के विजेता, रोहित शेट्टी की मौजूदगी में हुआ भव्य ग्रैंड फिनाले का आयोजन
राजस्थान बनेगा वैश्विक कानूनी विमर्श का केंद्र, जयपुर में तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय शांति मध्यस्थता सम्मेलन 31 जुलाई से होगा शुरू
ईरान-अमेरिका तनाव: सेंटकॉम प्रमुख की सलाह पर ट्रंप ने रोके हवाई हमले, ओमान वार्ता को मिली राहत
प्रदेशभर से जुटेंगे लाइसेंस्ड गाइड, कल्याण बोर्ड गठन समेत सामाजिक सुरक्षा और आर्थिक सहायता की मांग
राहुल गांधी का केंद्र पर बड़ा हमला, बोले- बिहार में छात्रों पर AK-47 से हमला, सरकारी तंत्र छात्रों के खिलाफ उठा रहा 'जानलेवा' कदम