हाड़ौती के सबसे बड़े आयुर्वेदिक अस्पताल में ऑपरेशन थिएटर नहीं, प्रसूताओं को जाना पड़ता है दूसरे अस्पताल
आयुर्वेदिक पद्धति से सामान्य प्रसव का सपना अधूरा
कोटा। हाड़ौती संभाग का सबसे बड़ा आयुर्वेदिक अस्पताल मरीजों को आयुर्वेदिक चिकित्सा, पंचकर्म, स्त्री एवं प्रसूति रोग परामर्श सहित कई विशेषज्ञ सेवाएं उपलब्ध करा रहा है, लेकिन मातृत्व सेवाओं के मामले में अस्पताल आज भी एक महत्वपूर्ण सुविधा से वंचित है। अस्पताल में आधुनिक गायनिक ऑपरेशन थिएटर नहीं होने के कारण गर्भवती महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान पूरा इलाज यहीं कराने के बावजूद प्रसव के समय दूसरे अस्पतालों का रुख करना पड़ता है। अस्पताल में प्रतिदिन बड़ी संख्या में महिलाएं गर्भावस्था की जांच, परामर्श और आयुर्वेदिक उपचार के लिए पहुंचती हैं। चिकित्सकों की देखरेख में गर्भावस्था के दौरान आवश्यक उपचार और थेरेपी दी जाती है, जिससे महिलाओं को लाभ भी मिलता है। लेकिन जैसे ही प्रसव का समय आता है, अस्पताल में डिलीवरी और ऑपरेशन थिएटर की सुविधा नहीं होने से उन्हें अन्य सरकारी या निजी अस्पतालों में रेफर कर दिया जाता है। ऐसे में उपचार की निरंतरता भी प्रभावित होती है और मरीजों को अतिरिक्त परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
एक ही अस्पताल में मिले संपूर्ण सुविधा
अस्पताल में उपचार करा रही महिलाओं का कहना है कि आयुर्वेदिक चिकित्सा गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। यदि आधुनिक सुविधाओं से युक्त गायनिक ऑपरेशन थिएटर शुरू किया जाता है तो आयुर्वेद और आधुनिक चिकित्सा का समन्वय स्थापित होगा। इससे सामान्य प्रसव को बढ़ावा मिलेगा, अनावश्यक रेफरल कम होंगे और कोटा सहित बूंदी, बारां और झालावाड़ जिले की महिलाओं को अपने क्षेत्र में ही बेहतर मातृत्व सेवाएं उपलब्ध हो सकेंगी।
मैं गर्भावस्था की शुरुआत से यहीं उपचार करा रही हूं। यहां डॉक्टरों का इलाज और आयुर्वेदिक दवाओं से काफी लाभ मिला है, लेकिन डिलीवरी के लिए दूसरे अस्पताल जाना पड़ेगा। अगर यहां यह सुविधा शुरू हो जाए तो महिलाओं को बहुत राहत मिलेगी।
-संगीता शर्मा, गर्भवती महिला (मरीज)
जब पूरा इलाज यहीं चलता है तो प्रसव के समय दूसरे अस्पताल ले जाना बहुत परेशानी भरा होता है। सरकार को जल्द से जल्द यहां ऑपरेशन थिएटर शुरू करना चाहिए ताकि मरीजों को एक ही जगह सभी सुविधाएं मिल सकें।
-महेश मीणा, मरीज के परिजन
यदि हाड़ौती के सबसे बड़े आयुर्वेदिक अस्पताल में आधुनिक गायनिक ऑपरेशन थिएटर शुरू होता है तो यह क्षेत्र की महिलाओं के लिए बड़ी उपलब्धि होगी। इससे आयुर्वेदिक पद्धति के साथ सुरक्षित मातृत्व सेवाओं को नई पहचान मिलेगी और सामान्य प्रसव को भी बढ़ावा मिलेगा।
-डॉ. विनोद गौतम, आयुर्वेद विशेषज्ञ
इनका कहना है
अस्पताल में आधुनिक गायनिक ऑपरेशन थिएटर की आवश्यकता को देखते हुए प्रस्ताव बनाकर उच्च अधिकारियों को भेज दिया गया है। अस्पताल में पर्याप्त स्थान उपलब्ध है। बजट स्वीकृत होते ही आधुनिक मानकों के अनुरूप ऑपरेशन थिएटर का निर्माण कराया जाएगा, जिससे गर्भवती महिलाओं को गर्भावस्था से लेकर सुरक्षित प्रसव तक की सभी सुविधाएं एक ही परिसर में मिल सकेंगी।
-डॉ. अंजना शर्मा, अतिरिक्त निदेशक आयुर्वेदिक अस्पताल

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