खुले चेंबर, टूटी नालियां, खतरनाक सड़कें राहगीरों के लिए बनी मुसीबत का सबब

अधिकारियो का कहना- बजट मिलते ही रिपेयरिंग कार्य होगा शुरू

खुले चेंबर, टूटी नालियां, खतरनाक सड़कें राहगीरों के लिए बनी मुसीबत का सबब
समस्या : बजट या लापरवाही, जनता के जान-माल के काम तो होने ही चाहिए।

कोटा। मानसून की दस्तक से ठीक पहले शहर के निचले और घने रिहायशी इलाकों में टूटी नालियां और खुले चेंबर राहगीरों के लिए मुसीबत का सबब बने हुए हैं। कोटड़ी, गोवर्धनपुरा, छावनी और रामचंद्रपुरा क्षेत्र की गलियों में क्रॉस-रोड की नालियों के ढक्कन लंबे समय से टूटे पड़े हैं। स्थानीय निवासी यहां के जन प्रतिनिधियों को समस्याएं बताते है तो अब पावर नहीं होने रटा रटाया सा जवाब सुनकर लाचार से रह जाते है। वहीं निगम अधिकारीयों का कहना है कि अभी कोई काम ही नही चल रहा है ऐसे में रिपेयरिंंग के काम का बजट जारी होने पर काम करवायें जायेंगे।

ई-रिक्शा पलटा, लोडिंग में से गिरा था कांच का सामान
गोरधनपुरा क्षेत्र में सुबह 9 बजे के लगभग एक ई-रिक्शा नाली पर से गुजरते समय पलट गया जिसके नीचे चालक बोरखेडा निवासी रफीक का पैर भी चपेट में आ गया। स्थानीय निवासी गोलु प्रजापति ने बताया कि मौके पर मौजूद लोगों ने दौडकर रिक्शे को सीधा करके चालक को बाहर निकाला। बालचन्द मेहरा ने बताया कि यहां हर रोज किसी की कार फंस जाती है तो कभी किसी पैदल चलते को ठोकर लग जाती है। कल भी यहीं पर फ्रेमिंग के कांच लेकर जा रहा लोडिंग पलट गया था। हम लोग सभी जगह शिकायत कर चुके है।

40 से 50 लाख  बजट मिले तो मिले राहत
निगम के जेईएन विनोद मेहरा ने बताया कि हमारे द्वारा आसपास के 5 वार्डो के क्षेत्रों में नालियों की मरम्मत के लिए 40 से 50 लाख का एस्टीमेट बनाकर तैयारी पूरी कर ली गई है जैसे ही बजट आता है वैसे ही काम शुरू कर दिया जायेगा। जहां तक संभव है बारिश होने से पहले ही इस कार्य को पूरा करवा लिया जाएगा, ताकि सड़कों पर जलजमाव की स्थिति न बने।

बना हुआ है बच्चों के गिरने का खतरा
यहाँ आए दिन ऑटो और दुपहिया वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो रहे हैं। स्टील ब्रिज नहर से चौथ माता मंदिर वाले रास्ते पर तीन-चार नालियों पर लगातार सभी के ढकान क्षतिग्रस्त हैं। यहाँ अभी हाल ही में ऑटो गिरने जैसी घटनाएँ सामने आई हैं। इन इलाकों की अंदरूनी गलियों में छोटी-छोटी नालियों के क्रॉस-कवर टूट चुके हैं, जिससे  बच्चों के गिरने का खतरा लगातार बना हुआ है। वहीं  दाल मिल रोड़ पर सीवरेज के बाद रिपेयर की गई।
-नरेश सुमन ,स्थानीय निवासी 

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हमने क्षेत्र में मरम्मत के लिये एस्टीमेट तैयार किया गया है, ज्यादा खतरनाक और इमरजेंसी पॉइंट्स की जानकारी यदि उनके पास आती है तो वहाँ प्राथमिकता के आधार पर तत्काल पेंचवर्क और मरम्मत का काम शुरू करवाया जाएगा।
- शिल्पा चित्तौड़ा एक्सईएन नगर निगम कोटा

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